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RBSE कक्षा 12 गणित नोट्स हिंदी में

Class 12 Mathematics Notes

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संबंध एवं फलन

संबंध एवं फलन (Relations and Functions)

एक नज़र में:

यह अध्याय सेट (समुच्चय), संबंध (Relation) और फलन (Function) की मूलभूत अवधारणाओं को विस्तार से समझाता है। इसमें उनके प्रकार, गुणधर्म, चित्रण, और दैनिक जीवन में उपयोग की चर्चा की गई है। (This chapter covers the fundamental concepts of sets, relations, and functions, their types, properties, representations, and applications in daily life.)


📌 अध्याय का परिचय

यह अध्याय गणित की आधारशिला है, जिसमें समुच्चय, संबंध तथा फलन की परिभाषा, उदाहरण, प्रकार, और उनके मध्य संबंध की व्याख्या की गई है। संबंध दो समुच्चयों के तत्वों के बीच कोई नियम या संबंध होता है, जबकि फलन एक विशेष प्रकार का संबंध होता है जिसमें प्रत्येक पूर्वसर्ग के लिए एक अद्वितीय अनुक्रम होता है। (This chapter forms the foundation of mathematics, discussing the definitions, examples, types, and interrelations of sets, relations, and functions. A relation is a rule or association between elements of two sets, while a function is a special kind of relation where each input has a unique output.)


📖 1. समुच्चय (Set)

परिभाषा (Definition)

कोई भी स्पष्ट रूप से परिभाषित वस्तुओं का संग्रह समुच्चय कहलाता है।

A well-defined collection of objects is called a set.

उदाहरण (Examples):

  • A = {1, 2, 3, 4}
  • B = {x | x एक प्राकृतिक संख्या है, x < 10}

प्रतीकात्मक निरूपण (Representation)

  • सूची विधि (Roster form): {1, 2, 3}
  • नियम विधि (Set-builder form): {x | x < 5, x ∈ N}

📖 2. संबंध (Relation)

परिभाषा (Definition)

यदि A और B दो समुच्चय हैं, तो A × B (कार्तीय गुणनफल) = {(a, b): a ∈ A, b ∈ B} A और B के तत्वों के बीच कोई नियम या संबंध, R, A × B का एक उपसमुच्चय होता है।

If A and B are two sets, A × B (Cartesian Product) = {(a, b): a ∈ A, b ∈ B}. A relation R from A to B is a subset of A × B.

उदाहरण (Example):

A = {1, 2}, B = {x, y} A × B = {(1, x), (1, y), (2, x), (2, y)} R = {(1, x), (2, y)} is a relation from A to B.

संबंध का प्रकार (Types of Relations)

1. प्रतिबिंबित संबंध (Reflexive Relation)

यदि ∀a ∈ A, (a, a) ∈ R, तो R प्रतिबिंबित है।

If for all a ∈ A, (a, a) ∈ R, then R is reflexive.

2. सममित संबंध (Symmetric Relation)

यदि (a, b) ∈ R ⇒ (b, a) ∈ R, तो R सममित है।

If (a, b) ∈ R implies (b, a) ∈ R, then R is symmetric.

3. संक्रामक संबंध (Transitive Relation)

यदि (a, b) ∈ R और (b, c) ∈ R ⇒ (a, c) ∈ R, तो R संक्रामक है।

If (a, b) ∈ R and (b, c) ∈ R implies (a, c) ∈ R, then R is transitive.

4. तुल्यता संबंध (Equivalence Relation)

यदि R प्रतिबिंबित, सममित तथा संक्रामक तीनों है, तो R तुल्यता संबंध है।

If R is reflexive, symmetric, and transitive, then R is an equivalence relation.

उदाहरण (Example):

A = {1, 2, 3}, R = {(1, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 2), (2, 1), (2, 3), (3, 2)} Check reflexivity, symmetry, transitivity.

संबंध का निरूपण (Representation of Relations)

1. आरेख द्वारा (By Diagrams)

  • ऐरो (Arrow) आरेख: तीरों द्वारा संबंध दिखाए जाते हैं।
  • ग्राफ (Graph): बिंदु और रेखा द्वारा।

2. तालिका द्वारा (By Table)

  • तालिका में A के तत्व पंक्ति में, B के तत्व स्तंभ में।

3. सूची द्वारा (By Listing)

  • युग्मों की सूची: {(a1, b1), (a2, b2), ...}

Solved Example 1:

Q: यदि A = {1, 2, 3}, और R = {(1, 1), (2, 2), (3, 3), (1, 2), (2, 1)} है, तो क्या R प्रतिबिंबित, सममित, या संक्रामक है? A:

  • प्रतिबिंबित: (1,1), (2,2), (3,3) ∈ R ⇒ प्रतिबिंबित है।
  • सममित: (1,2) ∈ R ⇒ (2,1) ∈ R, ठीक है।
  • संक्रामक: (1,2), (2,1) ∈ R ⇒ (1,1) ∈ R, ठीक है।

तो R सभी तीनों गुण रखता है।

So R is reflexive, symmetric, and transitive.


📖 3. फलन (Function)

परिभाषा (Definition)

A और B दो समुच्चय हैं। यदि R ⊆ A × B एक ऐसा संबंध है जिसमें प्रत्येक a ∈ A के लिए केवल एक b ∈ B है, जिससे (a, b) ∈ R, तब R को A से B पर फलन कहते हैं।

A function f from A to B is a relation such that every element of A is associated with exactly one element of B.

प्रतीक (Notation):

  • f : A → B
  • f(a) = b

उदाहरण (Example)

A = {1, 2, 3}, B = {4, 5, 6} f : A → B, f(1) = 4, f(2) = 5, f(3) = 6

फलन के प्रकार (Types of Functions)

1. एक-एक फलन (One-One Function) [Injective]

यदि f(a1) = f(a2) ⇒ a1 = a2, तो f एक-एक है।

If f(a1) = f(a2) implies a1 = a2, then f is one-one.

उदाहरण:

f: {1,2,3} → {a,b,c}, f(1)=a, f(2)=b, f(3)=c

2. परिपूर्ण फलन (Onto Function) [Surjective]

यदि B का प्रत्येक तत्व f(A) का कोई प्री-इमेज है, तो f परिपूर्ण है।

If every element of B is the image of some element of A, then f is onto.

3. एक-एक एवं परिपूर्ण फलन (Bijective Function)

यदि f एक-एक भी है और परिपूर्ण भी, तो f द्विआधारी (bijective) है।

If a function is both one-one and onto, it is called bijective.

4. शून्य फलन (Zero Function)

f(x) = 0, ∀x ∈ A

5. स्थिर फलन (Constant Function)

f(x) = c, ∀x ∈ A, जहाँ c नियतांक है।

6. सर्वसम्बंधी फलन (Identity Function)

f(x) = x, ∀x ∈ A

7. बहुपद फलन (Polynomial Function)

f(x) = ax^n + bx^{n-1} + ... + k

8. घातांक फलन (Exponential Function)

f(x) = a^x

9. लघुगणकीय फलन (Logarithmic Function)

f(x) = log_a(x)

10. त्रिकोणमितीय फलन (Trigonometric Function)

f(x) = sin(x), cos(x), tan(x), आदि।


Solved Example 2:

Q: जाँचें कि f: R → R, f(x) = 2x + 1, एक-एक एवं परिपूर्ण है या नहीं? A:

  • एक-एक:

f(x1) = f(x2) 2x1 + 1 = 2x2 + 1 ⇒ x1 = x2 ⇒ एक-एक है

  • परिपूर्ण:

मान लें y ∈ R, y = 2x + 1 ⇒ x = (y-1)/2 ∈ R ⇒ परिपूर्ण है तो, f द्विआधारी (bijective) है।


फलन का आरेखीय निरूपण (Graphical Representation)

फलन को x-y अक्ष पर ग्राफ द्वारा दिखाया जा सकता है।

Functions can be represented graphically on x-y axes.

ऊर्ध्व रेखा परीक्षण (Vertical Line Test)

यदि किसी फलन का ग्राफ किसी भी ऊर्ध्वाधर रेखा को केवल एक बिंदु पर काटता है, तो वह फलन है।

If any vertical line cuts the graph at most once, it is a function.


फलन की संकल्पना (Domain, Co-domain, Range)

  • संकल्पना (Domain): वह समुच्चय जिसमें से इनपुट लिए जाते हैं।

The set of all possible inputs.

  • कोडोमेन (Co-domain): वह समुच्चय जिसमें फलन के परिणाम होते हैं।

The set in which outputs lie.

  • परास (Range): वास्तविक आउटपुट का समुच्चय।

The set of actual outputs.

उदाहरण:

f: R → R, f(x) = x^2 Domain: R Co-domain: R Range: [0, ∞)


Solved Example 3:

Q: f: R → R, f(x) = x^2. इसका डोमेन, कोडोमेन, और रेंज ज्ञात करें। A:

  • Domain = R
  • Co-domain = R
  • Range = [0, ∞)

📖 4. फलनों में संक्रियाएँ (Operations on Functions)

यदि f और g दो फलन हैं, तो:

  • (f + g)(x) = f(x) + g(x)
  • (f - g)(x) = f(x) - g(x)
  • (f × g)(x) = f(x) × g(x)
  • (f / g)(x) = f(x) / g(x), जब g(x) ≠ 0

संयोजन (Composition of Functions)

(f ∘ g)(x) = f(g(x))

उदाहरण:

f(x) = 2x, g(x) = x + 1 (f ∘ g)(x) = f(g(x)) = f(x + 1) = 2(x + 1) = 2x + 2


Solved Example 4:

Q: यदि f(x) = x^2 और g(x) = x + 1, तो (f ∘ g)(2) और (g ∘ f)(2) ज्ञात करें। A:

  • (f ∘ g)(2) = f(g(2)) = f(3) = 9
  • (g ∘ f)(2) = g(f(2)) = g(4) = 5

📖 5. व्युत्क्रम फलन (Inverse of a Function)

परिभाषा (Definition)

यदि f: A → B एक द्विआधारी फलन है, तो f⁻¹: B → A ऐसा फलन है कि f⁻¹(f(a)) = a, ∀a ∈ A f(f⁻¹(b)) = b, ∀b ∈ B

If f: A → B is bijective, then f⁻¹: B → A such that f⁻¹(f(a)) = a and f(f⁻¹(b)) = b.

उदाहरण:

f(x) = 2x + 3, x ∈ R Let y = 2x + 3 x = (y - 3)/2 So, f⁻¹(y) = (y - 3)/2


Solved Example 5:

Q: यदि f(x) = 3x - 2, x ∈ R, तो f⁻¹(y) ज्ञात करें। A: y = 3x - 2 ⇒ x = (y + 2)/3 अतः f⁻¹(y) = (y + 2)/3


📖 6. कुछ महत्वपूर्ण फलन (Some Important Functions)

1. पहचान फलन (Identity Function)

f(x) = x

2. शून्य फलन (Zero Function)

f(x) = 0

3. स्थिर फलन (Constant Function)

f(x) = c

4. बहुपद फलन (Polynomial Function)

f(x) = ax^n + bx^{n-1} + ... + k

5. घातांक फलन (Exponential Function)

f(x) = a^x

6. लघुगणकीय फलन (Logarithmic Function)

f(x) = log_a(x)

7. त्रिकोणमितीय फलन (Trigonometric Function)

f(x) = sin(x), cos(x), tan(x), आदि।


📖 7. फलनों का वर्गीकरण (Classification of Functions)

1. सम फलन (Even Function)

f(-x) = f(x) e.g., f(x) = x^2

2. विषम फलन (Odd Function)

f(-x) = -f(x) e.g., f(x) = x^3

3. आवर्ती फलन (Periodic Function)

यदि ∃ T > 0, f(x + T) = f(x), ∀x e.g., sin(x), cos(x)


📖 8. फलनों की सीमा एवं परास (Domain and Range of Important Functions)

| फलन (Function) | डोमेन (Domain) | रेंज (Range) | |----------------|----------------|--------------| | x^2 | R | [0, ∞) | | √x | [0, ∞) | [0, ∞) | | 1/x | R - {0} | R - {0} | | sin(x) | R | [-1, 1] | | cos(x) | R | [-1, 1] | | tan(x) | R - {(2n+1)π/2} | R | | e^x | R | (0, ∞) | | log(x) | (0, ∞) | R |


📖 9. तत्वों का युग्मन (Pairing of Elements)

फलन में प्रत्येक x ∈ Domain के लिए एक अद्वितीय y ∈ Co-domain होता है।

In a function, each x in domain has a unique y in co-domain.

उदाहरण:

A = {1,2,3}, B = {a,b,c} f: A → B, f(1)=a, f(2)=b, f(3)=c


📖 10. व्यावहारिक अनुप्रयोग (Applications)

  • गणितीय मॉडलिंग
  • सांख्यिकी
  • भौतिकी (Physics)
  • कंप्यूटर विज्ञान (Computer Science)
  • अर्थशास्त्र (Economics)

🧠 महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points)

  1. प्रत्येक फलन एक संबंध है, परंतु प्रत्येक संबंध फलन नहीं होता।

Every function is a relation, but not every relation is a function.

  1. फलन में एक इनपुट के लिए एक ही आउटपुट होना चाहिए।

A function must assign exactly one output to each input.

  1. तुल्यता संबंध के लिए प्रतिबिंबित, सममित, एवं संक्रामक होना आवश्यक है।

Equivalence relation must be reflexive, symmetric, and transitive.

  1. एक-एक फलन में दो अलग-अलग इनपुट का आउटपुट अलग-अलग होता है।

In one-one function, different inputs have different outputs.

  1. परिपूर्ण फलन में कोडोमेन का हर तत्व रेंज में होता है।

In onto function, every co-domain element is in the range.

  1. द्विआधारी फलन का ही व्युत्क्रम फलन होता है।

Only bijective functions have inverses.

  1. A × B में युग्मों की संख्या = |A| × |B|

Number of ordered pairs in A × B = |A| × |B|

  1. फलन का संयोजन संघटन (composition) द्वारा होता है।

Composition of functions is by combining outputs.

  1. ग्राफ द्वारा फलन की दृश्यता सरल होती है।

Functions are easy to visualize via graphs.

  1. ऊर्ध्व रेखा परीक्षण से फलन की पहचान होती है।

Vertical line test helps identify functions.


⚠️ सामान्य गलतियाँ (Common Mistakes)

| गलती (Mistake) | सही तरीका (Correct Approach) | |----------------|-----------------------------| | 1. एक x के लिए एक से अधिक y लिखना | फलन में x के लिए केवल एक y होना चाहिए | | 2. समुच्चय का गलत प्रतीक | {} का प्रयोग करें, ( ) नहीं | | 3. संबंध और फलन में अंतर भूलना | फलन विशिष्ट प्रकार का संबंध है | | 4. डोमेन, कोडोमेन, रेंज को गड़बड़ाना | परिभाषाएँ याद रखें | | 5. संयोजन (f∘g) और (g∘f) में उलझना | पहले g फिर f का प्रयोग करें: f(g(x)) | | 6. व्युत्क्रम फलन हर फलन का नहीं होता | केवल द्विआधारी (bijective) फलन का होता है | | 7. ग्राफ में ऊर्ध्व रेखा परीक्षण न करना | ग्राफ से सत्यापित करें | | 8. प्रतिबिंबित, सममित, संक्रामक में भ्रम | प्रत्येक गुणधर्म को अलग-अलग जाँचें | | 9. A × B और B × A को समान मानना | क्रम महत्वपूर्ण है, A × B ≠ B × A | | 10. फलन के प्रकार (एक-एक, परिपूर्ण) में मिश्रण | परिभाषाएँ स्पष्ट रखें |


📝 RBSE परीक्षा प्रश्न (Exam Questions)

1-Mark Questions (1 अंकीय प्रश्न)

  1. संबंध क्या है?

What is a relation?

  1. फलन का परास क्या है?

What is the range of a function?

  1. प्रतिबिंबित संबंध की एक शर्त लिखें।

Write one condition for reflexive relation.

  1. f(x) = x^2 का डोमेन क्या है?

What is the domain of f(x) = x^2?

  1. f: R → R, f(x) = 2x + 1 का व्युत्क्रम फलन लिखें।

Write the inverse of f: R → R, f(x) = 2x + 1.

2-Mark Questions (2 अंकीय प्रश्न)

  1. यदि A = {1, 2}, B = {a, b}, तो A × B और B × A लिखें।

(Write A × B and B × A for A = {1, 2}, B = {a, b}.)

  1. जाँचें कि f: R → R, f(x) = 3x - 4, एक-एक है या नहीं।

Check whether f: R → R, f(x) = 3x - 4 is one-one.

  1. "संपूर्ण फलन" की परिभाषा दें।

Define "onto function".

  1. f(x) = x^2 का रेंज ज्ञात करें।

Find the range of f(x) = x^2.

  1. "तुल्यता संबंध" का एक उदाहरण दीजिए।

Give an example of equivalence relation.

5-Mark Questions (5 अंकीय प्रश्न)

  1. परिभाषित करें: (a) प्रतिबिंबित संबंध (b) सममित संबंध (c) संक्रामक संबंध। प्रत्येक के लिए एक-एक उदाहरण दें।

Define: (a) Reflexive relation (b) Symmetric relation (c) Transitive relation. Give one example each.

  1. फलन और संबंध में क्या भिन्नता है? विस्तार से समझाइए।

What is the difference between function and relation? Explain in detail.

  1. A = {1, 2, 3}, B = {4, 5}, सभी संभावित फलन की संख्या ज्ञात करें।

Find the number of all possible functions from A = {1, 2, 3} to B = {4, 5}.

  1. निम्नलिखित फलनों के संयोजन ज्ञात करें:

f(x) = x + 2, g(x) = 3x; (a) (f ∘ g)(x) (b) (g ∘ f)(x)

  1. यदि R = {(a, b): a - b पूर्णांक है}, जहाँ a, b ∈ Q, तो जाँचें कि R एक तुल्यता संबंध है या नहीं।

If R = {(a, b): a - b is an integer}, where a, b ∈ Q, check whether R is an equivalence relation.


अध्याय का सारांश (Chapter Summary)

  • संबंध दो समुच्चयों के बीच नियम है, फलन उसका विशिष्ट रूप है जिसमें प्रत्येक इनपुट का एक ही आउटपुट होता है।
  • फलनों के प्रकार, उनकी संकल्पना, संयोजन, व्युत्क्रम, और ग्राफिक निरूपण की विधियां इस अध्याय में विस्तार से दी गई हैं।
  • संबंध के प्रतिबिंबित, सममित, संक्रामक और तुल्यता गुणधर्मों को समझना आवश्यक है।
  • परीक्षा की दृष्टि से, परिभाषाएँ, उदाहरण, ग्राफ, और संकल्पना को स्पष्ट रूप से समझना जरूरी है।

यह नोट्स RBSE कक्षा 12 गणित के "संबंध एवं फलन" अध्याय के लिए पूर्ण, द्विभाषी, और परीक्षा की दृष्टि से उपयुक्त हैं।

These notes are comprehensive, bilingual, and exam-oriented for RBSE Class 12 Mathematics chapter "Relations and Functions".

मुख्य बिंदु (Key Points)

  • संबंध दो समुच्चयों के कार्तीय गुणनफल का एक उपसमुच्चय होता है।
  • संबंध में व्यवस्थित युग्मों के सभी प्रथम अवयवों का समुच्चय प्रांत (domain) कहलाता है।
  • संबंध में व्यवस्थित युग्मों के सभी द्वितीय अवयवों का समुच्चय परास (range) कहलाता है।
  • फलन संबंध का एक विशेष प्रकार है जिसमें प्रांत के प्रत्येक अवयव का परास के केवल एक अवयव से संबंध होता है।
  • यदि (a, b) ∈ R तथा (b, a) ∈ R, तो संबंध सममित (symmetric) होता है।
  • यदि (a, b) ∈ R तथा (b, c) ∈ R से (a, c) ∈ R हो, तो संबंध पारगामी (transitive) होता है।
  • यदि (a, a) ∈ R प्रत्येक a ∈ A के लिए हो, तो संबंध प्रतिविम्बी (reflexive) होता है।
  • समानता संबंध (equivalence relation) वह है जो प्रतिविम्बी, सममित और पारगामी हो।
  • यदि A में m अवयव हैं और B में n अवयव हैं, तो A से B में कुल संबंधों की संख्या 2^(mn) होती है।
  • यदि A में m अवयव हैं और B में n अवयव हैं, तो A से B में कुल फलनों की संख्या n^m होती है।
  • यदि A के भिन्न अवयवों के B में भिन्न-भिन्न प्रतिचित्र हों, तो फलन एक-एक (injective) कहलाता है।
  • यदि B का प्रत्येक अवयव A के किसी न किसी अवयव का प्रतिचित्र हो, तो फलन परिपूर्ण (surjective) कहलाता है।

इस अध्याय से अभ्यास प्रश्न

निम्नलिखित में से कौन सा A = {1,2,3} से B = {a,b} परिभाषित फलन है?

  1. {(1,a), (2,a), (3,a)}
  2. {(1,a), (1,b), (2,a)}
  3. {(1,a), (2,b)}
  4. {(2,a), (3,b)}
उत्तर देखें
सही उत्तर: {(1,a), (2,a), (3,a)}

फलन प्रत्येक A के तत्त्व को B के एक तत्त्व से जोड़ता है। केवल विकल्प A ऐसा करता है।

यदि f: R → R को f(x) = 2x + 3 द्वारा परिभाषित किया गया है, तो f(1) का मान है:

  1. 7
  2. 3
  3. 5
  4. 1
उत्तर देखें
सही उत्तर: 5

f(1) = 2*1 + 3 = 5।

सभी क्रमबद्ध युग्म (x, y) का समुच्चय जहाँ x = y^2 है, वह एक:

  1. फलन
  2. एक-एक फलन
  3. सर्वांग फलन
  4. संबंध
उत्तर देखें
सही उत्तर: संबंध

यह संबंध है, क्योंकि कुछ x के लिए एक से अधिक y हो सकते हैं।

प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन

प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन (Inverse Trigonometric Functions)

एक नज़र में:

प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन गणित में उन फलनों को कहते हैं जो त्रिकोणमितीय फलनों का उल्टा कार्य करते हैं अर्थात् वे कोण ज्ञात करने में सहायक होते हैं जब त्रिकोणमितीय फलन का मान ज्ञात हो। ये फलन गणित, भौतिकी, अभियांत्रिकी एवं अन्य क्षेत्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Inverse Trigonometric Functions are those functions that reverse the effect of trigonometric functions; they help in finding angles when the value of a trigonometric function is known. These functions are highly important in mathematics, physics, engineering, and many other fields.


📌 अध्याय का परिचय (Introduction)

त्रिकोणमितीय फलन जैसे sin, cos, tan आदि वास्तविक संख्याओं को कोणों में बदलने के लिए प्रतिलोम फलनों (जैसे sin⁻¹, cos⁻¹, tan⁻¹ आदि) का प्रयोग किया जाता है। प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों की सहायता से हम किसी त्रिकोणमितीय फलन के मान से उसका कोण ज्ञात कर सकते हैं।

Trigonometric functions like sin, cos, tan, etc. have inverses (like sin⁻¹, cos⁻¹, tan⁻¹, etc.) to convert real numbers back into angles. With the help of inverse trigonometric functions, we can determine the angle from the value of a trigonometric function.

ये फलन मुख्यतः उच्चतर गणित, समाकलन, अवकलन, ज्यामिति, वेक्टर तथा भौतिकी आदि में अति उपयोगी हैं।


📖 मुख्य विषय-वस्तु (Major Topics)

1. प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन की परिभाषा (Definition of Inverse Trigonometric Functions)

परिभाषा: यदि \( y = f(x) \) एक एक-एकी व सर्वांग सर्वसम्बन्ध फलन है, तो उसका प्रतिलोम फलन \( x = f^{-1}(y) \) कहलाता है।

If \( y = f(x) \) is a one-one and onto function, then its inverse function is denoted by \( x = f^{-1}(y) \).

त्रिकोणमितीय फलनों (जैसे sin x, cos x, tan x आदि) के लिए प्रतिलोम फलन निम्नलिखित प्रकार से परिभाषित किए जाते हैं:

  • \( y = \sin^{-1} x \) का अर्थ है: वह कोण y (−π/2 ≤ y ≤ π/2) जिसके लिए \( \sin y = x \)
  • \( y = \cos^{-1} x \) का अर्थ है: वह कोण y (0 ≤ y ≤ π) जिसके लिए \( \cos y = x \)
  • \( y = \tan^{-1} x \) का अर्थ है: वह कोण y (−π/2 < y < π/2) जिसके लिए \( \tan y = x \)
  • इसी प्रकार अन्य फलनों के लिए भी...

1.1 त्रिकोणमितीय फलन के प्रतिलोम की आवश्यकता (Need for Inverses)

त्रिकोणमितीय फलन एक-एकी (One-one) नहीं होते, अतः ये सर्वसम्बन्ध (Onto) भी नहीं होते। अतः हम इनका प्रतिलोम फलन परिभाषित करने के लिए उनके डोमेन व रेंज को सीमित करते हैं।

Trigonometric functions are not one-one, hence not onto either. To define their inverses, we restrict their domain and range.


2. प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों का डोमेन एवं रेंज (Domain and Range of Inverse Trigonometric Functions)

| फलन (Function) | डोमेन (Domain) | रेंज (Range) | |---------------------|----------------------|----------------------| | \( \sin^{-1} x \) | \( -1 \leq x \leq 1 \) | \( -\frac{\pi}{2} \leq y \leq \frac{\pi}{2} \) | | \( \cos^{-1} x \) | \( -1 \leq x \leq 1 \) | \( 0 \leq y \leq \pi \) | | \( \tan^{-1} x \) | \( x \in ℝ \) | \( -\frac{\pi}{2} < y < \frac{\pi}{2} \) | | \( \cot^{-1} x \) | \( x \in ℝ \) | \( 0 < y < \pi \) | | \( \sec^{-1} x \) | \( |x| \geq 1 \) | \( 0 \leq y \leq \pi, y \neq \frac{\pi}{2} \) | | \( \cosec^{-1} x \) | \( |x| \geq 1 \) | \( -\frac{\pi}{2} \leq y \leq \frac{\pi}{2}, y \neq 0 \) |


3. प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन के प्रमुख सूत्र (Principal Values and Formulas)

3.1 प्रमुख मान (Principal Value Branch)

प्रत्येक प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन का एक प्रमुख मान (Principal Value) होता है, जो उसकी रेंज में आता है।

Each inverse trigonometric function has a principal value in its defined range.

उदाहरण (Example): \( \sin^{-1} \left( \frac{1}{2} \right) = \frac{\pi}{6} \), क्योंकि \( \sin \left( \frac{\pi}{6} \right) = \frac{1}{2} \) और \( \frac{\pi}{6} \) मुख्य रेंज \( \left[ -\frac{\pi}{2}, \frac{\pi}{2} \right] \) में आता है।


3.2 प्रमेय (Identities/Properties)

  1. \( \sin(\sin^{-1} x) = x, \quad x \in [-1, 1] \)
  2. \( \sin^{-1}(\sin x) = x, \quad x \in \left[ -\frac{\pi}{2}, \frac{\pi}{2} \right] \)
  3. \( \cos(\cos^{-1} x) = x, \quad x \in [-1, 1] \)
  4. \( \cos^{-1}(\cos x) = x, \quad x \in [0, \pi] \)
  5. \( \tan(\tan^{-1} x) = x, \quad x \in ℝ \)
  6. \( \tan^{-1}(\tan x) = x, \quad x \in \left( -\frac{\pi}{2}, \frac{\pi}{2} \right) \)
  7. \( \sin^{-1}(-x) = -\sin^{-1} x \)
  8. \( \cos^{-1}(-x) = \pi - \cos^{-1} x \)
  9. \( \tan^{-1}(-x) = -\tan^{-1} x \)
  10. \( \sin^{-1} x + \cos^{-1} x = \frac{\pi}{2} \)
  11. \( \tan^{-1} x + \cot^{-1} x = \frac{\pi}{2} \)
  12. \( \sec^{-1} x = \cos^{-1} \left( \frac{1}{x} \right),\ x \geq 1 \)
  13. \( \cosec^{-1} x = \sin^{-1} \left( \frac{1}{x} \right),\ |x| \geq 1 \)

4. प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों के आलेख (Graphs of Inverse Trigonometric Functions)

4.1 \( y = \sin^{-1} x \)

  • डोमेन: \( -1 \leq x \leq 1 \)
  • रेंज: \( -\frac{\pi}{2} \leq y \leq \frac{\pi}{2} \)
  • वक्र (Curve): मूल बिंदु से होकर जाता है, एक-एकी व सांतत्य।

4.2 \( y = \cos^{-1} x \)

  • डोमेन: \( -1 \leq x \leq 1 \)
  • रेंज: \( 0 \leq y \leq \pi \)

4.3 \( y = \tan^{-1} x \)

  • डोमेन: \( x \in ℝ \)
  • रेंज: \( -\frac{\pi}{2} < y < \frac{\pi}{2} \)
  • वक्र क्षैतिज रूप से सीमित है।

Students should practice drawing these graphs; they are frequently asked in exams.


5. प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों के योग/घटाव सूत्र (Addition/Subtraction Formulas)

5.1 \( \tan^{-1} x + \tan^{-1} y \)

यदि \( x y < 1 \), \( \tan^{-1} x + \tan^{-1} y = \tan^{-1} \left( \frac{x+y}{1-xy} \right) \)

5.2 \( \tan^{-1} x - \tan^{-1} y \)

यदि \( x y > -1 \), \( \tan^{-1} x - \tan^{-1} y = \tan^{-1} \left( \frac{x-y}{1+xy} \right) \)

5.3 अन्य सूत्र (Other Formulas)

  • \( 2 \tan^{-1} x = \tan^{-1} \left( \frac{2x}{1-x^2} \right),\ |x| < 1 \)
  • \( 2 \sin^{-1} x = \sin^{-1} (2x \sqrt{1-x^2}) \), यदि \( -\frac{1}{\sqrt{2}} \leq x \leq \frac{1}{\sqrt{2}} \)

6. प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों के मान ज्ञात करना (Finding Values)

उदाहरण 1 (Example 1):

Q. \( \sin^{-1} \left( \frac{1}{2} \right) = ? \)

उत्तर (Solution): \( \sin^{-1} \left( \frac{1}{2} \right) = \frac{\pi}{6} \) (क्योंकि \( \sin(\frac{\pi}{6}) = \frac{1}{2} \) और \( \frac{\pi}{6} \) रेंज में है।)

उदाहरण 2 (Example 2):

Q. \( \tan^{-1}(1) = ? \)

उत्तर (Solution): \( \tan^{-1}(1) = \frac{\pi}{4} \) (क्योंकि \( \tan(\frac{\pi}{4}) = 1 \))


7. प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों के संयोजन (Combinations)

उदाहरण 3 (Example 3):

Q. \( \sin^{-1} \left( \frac{3}{5} \right) + \cos^{-1} \left( \frac{3}{5} \right) = ? \)

उत्तर (Solution): हम जानते हैं, \( \sin^{-1} x + \cos^{-1} x = \frac{\pi}{2} \) तो, \( \sin^{-1} \left( \frac{3}{5} \right) + \cos^{-1} \left( \frac{3}{5} \right) = \frac{\pi}{2} \)


8. प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों के अवकलन (Differentiation of Inverse Trigonometric Functions)

| फलन (Function) | अवकलज (Derivative) | |----------------------------|--------------------------------------------------------| | \( y = \sin^{-1} x \) | \( \frac{dy}{dx} = \frac{1}{\sqrt{1-x^2}} \) | | \( y = \cos^{-1} x \) | \( \frac{dy}{dx} = -\frac{1}{\sqrt{1-x^2}} \) | | \( y = \tan^{-1} x \) | \( \frac{dy}{dx} = \frac{1}{1+x^2} \) | | \( y = \cot^{-1} x \) | \( \frac{dy}{dx} = -\frac{1}{1+x^2} \) | | \( y = \sec^{-1} x \) | \( \frac{dy}{dx} = \frac{1}{|x| \sqrt{x^2-1}} \) | | \( y = \cosec^{-1} x \) | \( \frac{dy}{dx} = -\frac{1}{|x| \sqrt{x^2-1}} \) |


9. प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों का समाकलन (Integration of Inverse Trigonometric Functions)

| फलन (Function) | समाकल (Integral) | |----------------------------|---------------------------------------------------------------------| | \( \int \frac{1}{\sqrt{1-x^2}} dx \) | \( \sin^{-1} x + C \) | | \( \int \frac{1}{1+x^2} dx \) | \( \tan^{-1} x + C \) | | \( \int \frac{1}{|x|\sqrt{x^2-1}} dx \) | \( \sec^{-1} x + C \) (x > 1) |


10. प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों के अनुप्रयोग (Applications)

  • त्रिभुजों में कोण ज्ञात करना:

जब भुजाओं के अनुपात ज्ञात हों, तब कोण ज्ञात करने के लिए।

  • समाकलन व अवकलन में

जटिल फलनों के मान सरल करने में।

  • भौतिकी, वेक्टर, इंजीनियरिंग में:

कोणीय वेग, दिशा, संवेग आदि के प्रश्नों में।


11. हल किए गए उदाहरण (Solved Examples)

उदाहरण 4 (Example 4):

Q. सिद्ध कीजिए कि \( \tan^{-1} x + \tan^{-1} y = \tan^{-1} \left( \frac{x+y}{1-xy} \right),\) यदि \( xy < 1 \)।

उत्तर (Solution): मान लीजिए \( \tan^{-1} x = \alpha \) और \( \tan^{-1} y = \beta \), तो \( x = \tan \alpha, y = \tan \beta \) तो, \( \tan^{-1} x + \tan^{-1} y = \alpha + \beta \) अब, \( \tan(\alpha + \beta) = \frac{\tan \alpha + \tan \beta}{1 - \tan \alpha \tan \beta} = \frac{x + y}{1 - xy} \) अतः \( \tan^{-1} x + \tan^{-1} y = \tan^{-1} \left( \frac{x + y}{1 - xy} \right) \)


उदाहरण 5 (Example 5):

Q. \( \sin^{-1} \left( \frac{1}{\sqrt{2}} \right) \) का मान ज्ञात कीजिए।

उत्तर (Solution): हमें ज्ञात है, \( \sin \left( \frac{\pi}{4} \right) = \frac{1}{\sqrt{2}} \) तो, \( \sin^{-1} \left( \frac{1}{\sqrt{2}} \right) = \frac{\pi}{4} \)


उदाहरण 6 (Example 6):

Q. \( \cos^{-1}(-\frac{1}{2}) \) का मान ज्ञात कीजिए।

उत्तर (Solution): \( \cos \left( \frac{2\pi}{3} \right) = -\frac{1}{2} \) रेंज \( [0, \pi] \) में \( \frac{2\pi}{3} \) आता है। इसलिए, \( \cos^{-1}(-\frac{1}{2}) = \frac{2\pi}{3} \)


उदाहरण 7 (Example 7):

Q. यदि \( x = \sin^{-1} a \) और \( y = \cos^{-1} a \), तो \( x + y \) का मान ज्ञात कीजिए।

उत्तर (Solution): \( \sin^{-1} a + \cos^{-1} a = \frac{\pi}{2} \)


उदाहरण 8 (Example 8):

Q. \( \tan^{-1} 3 + \tan^{-1} 2 \) का मान ज्ञात कीजिए।

उत्तर (Solution): \( \tan^{-1} 3 + \tan^{-1} 2 = \tan^{-1} \left( \frac{3+2}{1-3 \cdot 2} \right) = \tan^{-1} \left( \frac{5}{-5} \right) = \tan^{-1}(-1) = -\frac{\pi}{4} \)


उदाहरण 9 (Example 9):

Q. \( \sec^{-1} 2 \) का मान ज्ञात कीजिए।

उत्तर (Solution): \( \sec y = 2 \Rightarrow y = \sec^{-1} 2 \) \( \cos y = \frac{1}{2} \Rightarrow y = \cos^{-1} \left( \frac{1}{2} \right) = \frac{\pi}{3} \) अतः, \( \sec^{-1} 2 = \frac{\pi}{3} \)


🧠 महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points)

  1. प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन के लिए डोमेन व रेंज सीमित होती है।
  2. प्रत्येक प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन का एक प्रमुख मान (principal value) होता है।
  3. \( \sin^{-1} x + \cos^{-1} x = \frac{\pi}{2} \) सदैव सत्य है।
  4. \( \tan^{-1} x + \tan^{-1} y = \tan^{-1} \left( \frac{x + y}{1 - xy} \right) \) जब \( xy < 1 \)
  5. \( \tan^{-1} x - \tan^{-1} y = \tan^{-1} \left( \frac{x - y}{1 + xy} \right) \) जब \( xy > -1 \)
  6. \( \sin^{-1}(-x) = -\sin^{-1} x \) (प्रतिसममित)
  7. \( \cos^{-1}(-x) = \pi - \cos^{-1} x \)
  8. \( \tan^{-1}(-x) = -\tan^{-1} x \)
  9. प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों के अवकलज और समाकलन के सूत्र अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
  10. इन फलनों का उपयोग उच्चतर गणित में कोण ज्ञात करने, समीकरण हल करने आदि में होता है।

⚠️ सामान्य गलतियाँ (Common Mistakes)

| गलती (Mistake) | स्पष्टीकरण (Explanation) | |----------------|--------------------------| | रेंज का गलत चयन | प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन का उत्तर उसकी रेंज में ही होना चाहिए। (The answer must be in the principal value range.) | | \( \sin^{-1} x = \sin^{-1}(-x) \) मानना | गलत, क्योंकि \( \sin^{-1}(-x) = -\sin^{-1} x \) | | \( \cos^{-1}(-x) = -\cos^{-1} x \) मानना | गलत, सही है: \( \cos^{-1}(-x) = \pi - \cos^{-1} x \) | | योग/घटाव सूत्रों में डोमेन की जाँच न करना | \( \tan^{-1} x + \tan^{-1} y \) के लिए \( xy < 1 \) आवश्यक है। | | अवकलज/समाकलन के सूत्रों का गलत उपयोग | प्रत्येक सूत्र को उसके डोमेन के अनुसार ही प्रयोग करें। | | ग्राफ बनाते समय डोमेन व रेंज न दर्शाना | ग्राफ में डोमेन एवं रेंज सही दर्शाएँ। | | \( \sin^{-1}(1) = 90^\circ \) लिखना | उत्तर रेडियन में देना चाहिए: \( \frac{\pi}{2} \) | | मूल त्रिकोणमितीय फलन और प्रतिलोम के अर्थ में भ्रम | \( \sin^{-1} x \) का अर्थ \( \frac{1}{\sin x} \) नहीं, बल्कि \( \arcsin x \) है। | | प्रतिलोम फलनों के उत्तरों को डिग्री में लिखना | जब तक विशेष निर्देश न हो, उत्तर रेडियन में दें। |


📝 RBSE परीक्षा प्रश्न (RBSE Exam Questions)

1 अंक (1-Mark) प्रश्न

  1. \( \sin^{-1} 0 \) का मान लिखिए।

Ans: 0

  1. \( \cos^{-1} 1 \) का मान क्या है?

Ans: 0

  1. \( \tan^{-1} (-1) \) का मान क्या है?

(Ans: \( -\frac{\pi}{4} \) )

  1. \( \sin^{-1}(-\frac{1}{2}) \) का प्रमुख मान लिखिए।

(Ans: \( -\frac{\pi}{6} \) )

  1. \( \sec^{-1} 2 \) का मान क्या है?

(Ans: \( \frac{\pi}{3} \) )


2 अंक (2-Mark) प्रश्न

  1. सिद्ध कीजिए: \( \sin^{-1} x + \cos^{-1} x = \frac{\pi}{2} \)

उत्तर: मान लीजिए \( \sin^{-1} x = \theta \), तो \( x = \sin \theta \) \( \cos^{-1} x = \cos^{-1} (\sin \theta) = \frac{\pi}{2} - \theta \) अतः, \( \sin^{-1} x + \cos^{-1} x = \theta + (\frac{\pi}{2} - \theta) = \frac{\pi}{2} \)

  1. \( \tan^{-1} 1 + \tan^{-1} 2 + \tan^{-1} 3 \) का मान ज्ञात कीजिए।

उत्तर: \( \tan^{-1} 1 + \tan^{-1} 2 = \tan^{-1} \left( \frac{1+2}{1-1 \times 2} \right) = \tan^{-1} \left( \frac{3}{-1} \right) = \tan^{-1}(-3) \) अब, \( \tan^{-1}(-3) + \tan^{-1} 3 = 0 \) (क्योंकि \( \tan^{-1} x + \tan^{-1} (-x) = 0 \)) अतः, उत्तर = 0

  1. \( \sin^{-1} \left( -\frac{1}{2} \right) \) का मान लिखिए।

उत्तर: \( \sin^{-1} \left( -\frac{1}{2} \right) = -\sin^{-1} \left( \frac{1}{2} \right) = -\frac{\pi}{6} \)

  1. यदि \( \cos^{-1} x = \frac{\pi}{3} \), तो x का मान ज्ञात कीजिए।

उत्तर: \( \cos^{-1} x = \frac{\pi}{3} \Rightarrow x = \cos \left( \frac{\pi}{3} \right) = \frac{1}{2} \)

  1. \( \tan(\tan^{-1} 2) \) का मान लिखिए।

उत्तर: \( \tan(\tan^{-1} 2) = 2 \)


5 अंक (5-Mark) प्रश्न

  1. \( \tan^{-1} x + \tan^{-1} y = \tan^{-1} \left( \frac{x+y}{1-xy} \right) \) सिद्ध कीजिए, जब \( xy < 1 \)।

उत्तर:

Same as Example 4 above; detailed derivation expected.

  1. यदि \( \sin^{-1} x + \sin^{-1} y = \frac{\pi}{2} \), तो सिद्ध कीजिए कि \( x^2 + y^2 = 1 \)।

Solution: मान लीजिए \( \sin^{-1} x = \alpha, \sin^{-1} y = \beta \), तो \( \alpha + \beta = \frac{\pi}{2} \) \( x = \sin \alpha, y = \sin \beta \) \( \beta = \frac{\pi}{2} - \alpha \Rightarrow y = \sin \left( \frac{\pi}{2} - \alpha \right) = \cos \alpha \) अतः, \( x = \sin \alpha, y = \cos \alpha \) \( x^2 + y^2 = \sin^2 \alpha + \cos^2 \alpha = 1 \) सिद्ध हुआ।

  1. \( \sin^{-1} x + \sin^{-1} y = \sin^{-1} [x \sqrt{1-y^2} + y \sqrt{1-x^2}] \) जब \( x^2 + y^2 \leq 1 \) सिद्ध कीजिए।

Solution: मान लीजिए \( \sin^{-1} x = \alpha, \sin^{-1} y = \beta \) तो \( x = \sin \alpha, y = \sin \beta \) \( \sin^{-1} x + \sin^{-1} y = \alpha + \beta \) \( \sin(\alpha + \beta) = \sin \alpha \cos \beta + \cos \alpha \sin \beta \) \( = x \sqrt{1-y^2} + y \sqrt{1-x^2} \) अतः, \( \sin^{-1} x + \sin^{-1} y = \sin^{-1} [x \sqrt{1-y^2} + y \sqrt{1-x^2}] \)

  1. \( \frac{d}{dx} \left[ \sin^{-1} x^2 \right] \) ज्ञात कीजिए।

Solution: \( y = \sin^{-1} x^2 \) \( \frac{dy}{dx} = \frac{1}{\sqrt{1-(x^2)^2}} \cdot 2x = \frac{2x}{\sqrt{1-x^4}} \)

  1. \( \int \frac{1}{\sqrt{1-x^2}} dx \) का हल लिखिए।

Solution: \( \int \frac{1}{\sqrt{1-x^2}} dx = \sin^{-1} x + C \)


समाप्त (End of Notes)

नोट: उपरोक्त सभी सूत्र, ग्राफ, सिद्धांत एवं उदाहरण परीक्षा हेतु अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। प्रत्येक सूत्र, रेंज, डोमेन, प्रमुख मान (principal value) तथा योग-घटाव सूत्रों को भली-भांति अभ्यास करें।

All above formulas, graphs, theorems, and examples are extremely important for exams. Practice all formulas, ranges, domains, principal values, and addition-subtraction formulas thoroughly.

मुख्य बिंदु (Key Points)

  • प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन, मूल त्रिकोणमितीय फलनों (जैसे sin, cos, tan आदि) के प्रतिलोम होते हैं, जो उनकी मुख्य परिभाषा-क्षेत्रों में परिभाषित होते हैं।
  • प्रत्येक प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन के लिए प्रमुख मान शाखा (principal value branch) चुनी जाती है, जिससे यह एकलमान और सुव्यवस्थित हो जाता है।
  • arcsin(x) का परिभाषा-क्षेत्र [-1, 1] है और इसका मान-क्षेत्र (प्रमुख मान) [-π/2, π/2] है।
  • arccos(x) का परिभाषा-क्षेत्र [-1, 1] है और इसका मान-क्षेत्र (प्रमुख मान) [0, π] है।
  • arctan(x) का परिभाषा-क्षेत्र (-∞, ∞) है और इसका मान-क्षेत्र (प्रमुख मान) (-π/2, π/2) है।
  • arccot(x) का परिभाषा-क्षेत्र (-∞, ∞) है और इसका मान-क्षेत्र (प्रमुख मान) (0, π) है।
  • arcsec(x) का परिभाषा-क्षेत्र (-∞, -1] ∪ [1, ∞) है और इसका मान-क्षेत्र (प्रमुख मान) [0, π] है, π/2 को छोड़कर।
  • arccosec(x) का परिभाषा-क्षेत्र (-∞, -1] ∪ [1, ∞) है और इसका मान-क्षेत्र (प्रमुख मान) [-π/2, π/2] है, 0 को छोड़कर।
  • प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों को sin⁻¹x, cos⁻¹x, tan⁻¹x आदि से दर्शाया जाता है।
  • x ∈ [-1, 1] के लिए sin(sin⁻¹x) = x और y ∈ [-π/2, π/2] के लिए sin⁻¹(sin y) = y होता है।
  • प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलनों में आवर्तिता (periodicity), सममिति (symmetry) जैसी महत्वपूर्ण विशेषताएँ होती हैं और ये विभिन्न समीकरणों को संतुष्ट करते हैं।
  • प्रतिलोम त्रिकोणमितीय फलन कलन (calculus), समीकरण हल करने तथा भौतिकी एवं अभियांत्रिकी जैसे क्षेत्रों में उपयोगी होते हैं।

इस अध्याय से अभ्यास प्रश्न

sin⁻¹(1/2) का प्रमुख मान है:

  1. π/2
  2. π/3
  3. π/4
  4. π/6
उत्तर देखें
सही उत्तर: π/6

sin⁻¹(1/2) का प्रमुख मान π/6 होता है।

निम्नलिखित में से cos⁻¹(x) का परास (range) क्या है?

  1. [0, 2π]
  2. [-π/2, π/2]
  3. [0, π]
  4. [-π, π]
उत्तर देखें
सही उत्तर: [0, π]

cos⁻¹(x) का परास [0, π] होता है।

tan⁻¹(1) बराबर है:

  1. π/2
  2. π/3
  3. π/6
  4. π/4
उत्तर देखें
सही उत्तर: π/4

tan⁻¹(1) = π/4 होता है।

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