राजस्थान की राजव्यवस्था भारतीय संविधान के अनुरूप संघीय ढाँचे पर आधारित है। राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा और न्यायपालिका की संरचना व कार्य RAS एवं अन्य परीक्षाओं में नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
राज्य कार्यपालिका (State Executive)
- राज्यपाल (Governor): राज्य का संवैधानिक प्रमुख; राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त। अनुच्छेद 153-162।
- मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद: वास्तविक कार्यपालिका शक्ति; विधानसभा के प्रति उत्तरदायी।
राज्य विधानमंडल (State Legislature)
राजस्थान में एकसदनीय (unicameral) विधानमंडल है — केवल विधानसभा। कुल 200 सदस्य जनता द्वारा प्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं। विधानसभा का कार्यकाल 5 वर्ष होता है।
राज्य न्यायपालिका (Judiciary)
राजस्थान उच्च न्यायालय की स्थापना 29 अगस्त 1949 को हुई। इसका मुख्य पीठ जोधपुर में है और जयपुर में खंडपीठ (bench) है।
पंचायती राज एवं स्थानीय स्वशासन
राजस्थान पंचायती राज लागू करने वाला भारत का पहला राज्य है — 2 अक्टूबर 1959 को नागौर जिले से इसकी शुरुआत पं. जवाहरलाल नेहरू ने की। यह त्रिस्तरीय प्रणाली है: ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद।
प्रमुख आयोग एवं संस्थाएँ
- राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) — अजमेर।
- राज्य मानवाधिकार आयोग।
- राज्य निर्वाचन आयोग एवं राज्य सूचना आयोग।
- लोकायुक्त — भ्रष्टाचार की जाँच।