menu_bookRBSE · विज्ञान (Science) · अध्याय 12

ध्वनि

Sound

schedule~30 मिनट

ध्वनि (Sound)

एक नज़र में:

ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है, जो कंपन के कारण उत्पन्न होती है और माध्यम (जैसे हवा, जल, ठोस) में यात्रा करती है। इस अध्याय में ध्वनि की उत्पत्ति, संचरण, विशेषताएँ, परावर्तन, गूँज, ध्वनि की गति, तथा सुनने की सीमा आदि का अध्ययन करेंगे।

Sound is a mechanical wave produced due to vibrations and travels through a medium like air, water, or solids. This chapter covers the production, propagation, characteristics, reflection, echo, speed, and audibility of sound.


📌 अध्याय का परिचय (Chapter Introduction)

ध्वनि हमारे जीवन का अभिन्न अंग है। हम बोलते, सुनते, संगीत सुनते, और आसपास की आवाज़ों से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। ध्वनि यांत्रिक तरंगों के रूप में उत्पन्न होती है, जो कंपन के कारण उत्पन्न होती है और किसी भौतिक माध्यम में यात्रा करती है। बिना माध्यम के (जैसे निर्वात में) ध्वनि संचरण सम्भव नहीं है।

Sound is an integral part of our lives. We speak, listen, enjoy music, and ensure safety by hearing sounds around us. Sound is produced as mechanical waves due to vibrations and travels through a physical medium. Sound cannot travel through a vacuum.


📖 प्रमुख विषय (Major Topics)

1. ध्वनि की उत्पत्ति (Production of Sound)

परिभाषा (Definition):

ध्वनि का उत्पादन किसी वस्तु के कंपन (vibration) के कारण होता है। कंपन वह गति है, जिसमें कोई वस्तु अपने संतुलन स्थिति के आस-पास आगे-पीछे या ऊपर-नीचे गति करती है।

Sound is produced due to the vibration of an object. Vibration is the to-and-fro or up-and-down motion of a body about its mean position.

उदाहरण (Examples):

  • जब हम ड्रम बजाते हैं, तो उसकी झिल्ली कंपन करती है, जिससे ध्वनि उत्पन्न होती है।
  • जब घंटी बजाई जाती है, तो वह कंपन करती है और हम ध्वनि सुनते हैं।
  • हमारे वोकल कॉर्ड्स (स्वरयंत्र) बोलते समय कंपन करते हैं।

प्रयोग (Experiment):

  • एक ट्यूनिंग फोर्क (सरगम कांटा) को मारकर उसे किसी कठोर सतह पर रखें। आप उसके दोनों कांटों में कंपन देख सकते हैं और ध्वनि सुन सकते हैं।
  • यदि कांटे को किसी जल से भरे बर्तन में रख दें, तो पानी में छप-छप दिखाई देगा, जिससे कंपन की पुष्टि होती है।

2. ध्वनि का संचरण (Propagation of Sound)

परिभाषा (Definition):

ध्वनि का संचरण एक माध्यम (जैसे हवा, जल, ठोस) के कणों के कंपन के माध्यम से होता है।

Sound propagates through the vibration of particles of a medium such as air, water, or solids.

विस्तार (Explanation):

  • जब कोई वस्तु कंपन करती है, तो उसके आस-पास के कण भी कंपन करने लगते हैं।
  • ये कण अपने पड़ोसी कणों को कंपनित करते हैं, जिससे कंपन की ऊर्जा एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचती है।
  • यह प्रक्रिया अनुदैर्ध्य तरंग (longitudinal wave) के रूप में होती है, जिसमें कण अपनी स्थिति के समानांतर आगे-पीछे गति करते हैं।

माध्यम की आवश्यकता (Need of Medium):

  • ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम आवश्यक है।
  • निर्वात (vacuum) में ध्वनि नहीं फैल सकती, क्योंकि वहाँ कण नहीं होते।

प्रयोग (Bell Jar Experiment):

  • एक बेल जार (Bell jar) में घंटी और हवा को सील कर दिया जाता है।
  • जब घंटी बजाई जाती है, तो आवाज़ सुनाई देती है।
  • जैसे-जैसे हवा बाहर निकाली जाती है, ध्वनि कम होती जाती है और अंत में सुनाई देना बंद हो जाती है।
  • यह सिद्ध करता है कि माध्यम के बिना ध्वनि संचरण सम्भव नहीं है।

3. ध्वनि की तरंगें (Sound Waves)

परिभाषा (Definition):

ध्वनि की तरंगें अनुदैर्ध्य तरंगें होती हैं, जिनमें माध्यम के कण तरंग के संचरण की दिशा में ही दोलन करते हैं।

Sound waves are longitudinal waves in which the particles of the medium oscillate in the direction of wave propagation.

संपीड़न और विरलन (Compression and Rarefaction):

  • जब ध्वनि उत्पन्न होती है, तो माध्यम के कण पास-पास आ जाते हैं (संपीड़न - Compression) और फिर दूर-दूर हो जाते हैं (विरलन - Rarefaction)।
  • संपीड़न और विरलन का यह क्रम ध्वनि तरंगों का निर्माण करता है।

चित्रण (Illustration):

``` [संपीड़न] [विरलन] [संपीड़न] [विरलन] | | | | | | | | | | | ```

  • संपीड़न: कण पास-पास
  • विरलन: कण दूर-दूर

अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal Wave):

  • कणों की गति तरंग के प्रसार की दिशा में होती है।
  • ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य होती हैं, जबकि प्रकाश तरंगें अनुप्रस्थ (transverse) होती हैं।

4. ध्वनि की आवश्यकताएँ (Requirements for Sound)

  • ध्वनि उत्पन्न करने हेतु कंपन आवश्यक है।

Vibration is essential for the production of sound.

  • ध्वनि के संचरण हेतु माध्यम आवश्यक है।

A medium is necessary for the propagation of sound.

  • ध्वनि सुनने हेतु श्रवण अंग (कान) आवश्यक है।

Hearing organs are necessary to perceive sound.


5. ध्वनि की गति (Speed of Sound)

परिभाषा (Definition):

ध्वनि की गति वह दूरी है, जो ध्वनि एक सेकंड में तय करती है।

Speed of sound is the distance traveled by sound in one second.

सूत्र (Formula):

\[ v = \frac{d}{t} \] जहाँ, \( v \) = ध्वनि की गति (Speed of sound) \( d \) = दूरी (Distance) \( t \) = समय (Time)

विभिन्न माध्यमों में ध्वनि की गति (Speed of Sound in Different Media):

| माध्यम (Medium) | ध्वनि की औसत गति (Average Speed) | |-----------------|-----------------------------------| | वायु (Air, 25°C) | 344 m/s | | जल (Water) | 1500 m/s | | ठोस (Steel) | 5000 m/s |

  • ठोस में ध्वनि की गति सबसे अधिक, फिर द्रव, और गैस में सबसे कम होती है।
  • ध्वनि की गति तापमान, दाब, और माध्यम की प्रकृति पर निर्भर करती है।

उदाहरण (Example):

प्रश्न: यदि ध्वनि 2 सेकंड में 688 मीटर दूरी तय करती है, तो उसकी गति ज्ञात करें। उत्तर: \[ v = \frac{d}{t} = \frac{688}{2} = 344 \text{ m/s} \]


6. ध्वनि तरंगों के गुण (Characteristics of Sound Waves)

(a) आवृत्ति (Frequency):

  • परिभाषा: प्रति सेकंड कंपन की संख्या।
  • SI मात्रक: हर्ट्ज़ (Hz)
  • उच्च आवृत्ति = तीक्ष्ण ध्वनि (Shrill sound, e.g., सीटी)
  • निम्न आवृत्ति = भारी ध्वनि (Grave sound, e.g., ड्रम)

(b) तरंगदैर्घ्य (Wavelength):

  • परिभाषा: दो समान स्थिति (संपीड़न-से-संपीड़न या विरलन-से-विरलन) के बीच की दूरी।
  • SI मात्रक: मीटर (m)

(c) आयाम (Amplitude):

  • परिभाषा: संतुलन स्थिति से अधिकतम विस्थापन।
  • ध्वनि की तीव्रता (loudness) आयाम पर निर्भर करती है।

(d) वेग (Velocity):

  • परिभाषा: तरंग द्वारा एक सेकंड में तय की गई दूरी।
  • SI मात्रक: मीटर/सेकंड (m/s)

(e) कालावधि (Time Period):

  • परिभाषा: एक पूर्ण कंपन के लिए लिया गया समय।
  • SI मात्रक: सेकंड (s)

(f) संबंध (Relation):

\[ v = f \lambda \] जहाँ, \( v \) = वेग (Velocity) \( f \) = आवृत्ति (Frequency) \( \lambda \) = तरंगदैर्घ्य (Wavelength)


7. ध्वनि की तीव्रता और ऊँचाई (Loudness & Pitch)

(a) तीव्रता (Loudness):

  • ध्वनि की तीव्रता आयाम (Amplitude) पर निर्भर करती है।
  • अधिक आयाम = अधिक तीव्रता।
  • SI मात्रक: डेसिबल (dB)

(b) ऊँचाई (Pitch):

  • ध्वनि की ऊँचाई उसकी आवृत्ति पर निर्भर करती है।
  • अधिक आवृत्ति = अधिक ऊँचाई (तीक्ष्ण ध्वनि)
  • कम आवृत्ति = कम ऊँचाई (मंद ध्वनि)

उदाहरण (Example):

  • महिला की आवाज़ की आवृत्ति पुरुष की आवाज़ से अधिक होती है, इसलिए उसकी आवाज़ तीक्ष्ण (shrill) होती है।
  • ड्रम की आवाज़ मंद (grave) होती है, क्योंकि उसकी आवृत्ति कम होती है।

8. श्रवण सीमा (Range of Hearing)

परिभाषा (Definition):

  • मानव कान 20 Hz से 20,000 Hz (20 kHz) तक की आवृत्ति की ध्वनि सुन सकता है।
  • 20 Hz से कम: इन्फ्रासोनिक (Infrasonic)
  • 20,000 Hz से अधिक: अल्ट्रासोनिक (Ultrasonic)

उदाहरण (Example):

  • कुत्ते 20,000 Hz से अधिक आवृत्ति की ध्वनि सुन सकते हैं।
  • चमगादड़ अल्ट्रासोनिक ध्वनि का उपयोग शिकार खोजने में करते हैं।

9. ध्वनि का परावर्तन (Reflection of Sound)

परिभाषा (Definition):

  • ध्वनि का परावर्तन वह घटना है, जब ध्वनि तरंगें किसी कठोर सतह से टकराकर लौटती हैं।

Reflection of sound is the phenomenon where sound waves bounce back from a hard surface.

परावर्तन के नियम (Laws of Reflection):

  1. आपतन कोण (Angle of incidence) = परावर्तन कोण (Angle of reflection)
  2. आपतित किरण, परावर्तित किरण, एवं अभिलंब, सभी एक ही तल में होते हैं।

उदाहरण (Example):

  • जब हम खाली कमरे में बात करते हैं, तो आवाज़ गूंजती है, क्योंकि ध्वनि दीवारों से टकराकर लौटती है।

10. गूँज (Echo)

परिभाषा (Definition):

  • जब ध्वनि परावर्तित होकर 0.1 सेकंड या उससे अधिक समय बाद हमारे कान तक पहुँचती है, तो उसे गूँज कहते हैं।

Echo is the repetition of sound heard after reflection from a surface, when the reflected sound reaches the listener after 0.1 second or more.

गूँज सुनने की शर्तें (Conditions for Echo):

  1. स्रोत और परावर्तक सतह के बीच न्यूनतम दूरी 17 मीटर होनी चाहिए।
  2. परावर्तक सतह कठोर और चिकनी होनी चाहिए।
  3. वातावरण शांत होना चाहिए।

गणना (Calculation):

  • ध्वनि की गति (v) = 344 m/s
  • न्यूनतम समय = 0.1 सेकंड
  • दूरी = v × t / 2 = 344 × 0.1 / 2 = 17.2 मीटर

11. अनुप्रयोग (Applications of Sound)

(a) सोनार (SONAR):

  • SONAR (Sound Navigation and Ranging): जल के नीचे वस्तुओं की स्थिति ज्ञात करने के लिए अल्ट्रासोनिक तरंगों का उपयोग।
  • पोत, पनडुब्बी, मछली पकड़ने आदि में उपयोग।

(b) अल्ट्रासोनिक तरंगों के अन्य उपयोग:

  • चिकित्सा में (Medical imaging)
  • औद्योगिक दोष परीक्षण (Industrial flaw detection)
  • सफाई (Cleaning)

12. मानव कान की संरचना और कार्य (Structure & Working of Human Ear)

संरचना (Structure):

  • बाह्य कर्ण (Outer Ear): ध्वनि तरंगों को एकत्र करता है।
  • कर्ण नली (Ear Canal): तरंगों को मध्य कर्ण तक पहुँचाता है।
  • कर्णपट (Eardrum): ध्वनि तरंगों से कंपनित होता है।
  • मध्य कर्ण (Middle Ear): तीन अस्थियाँ (Malleus, Incus, Stapes) कंपन को आंतरिक कर्ण तक पहुँचाती हैं।
  • आंतरिक कर्ण (Inner Ear): कंपन को विद्युत संकेत में बदलता है, जो मस्तिष्क तक पहुँचते हैं।

कार्य (Working):

  1. ध्वनि तरंगें बाह्य कर्ण द्वारा एकत्रित होती हैं।
  2. ये तरंगें कर्ण नली से होते हुए कर्णपट तक पहुँचती हैं, जिससे कर्णपट कंपन करने लगता है।
  3. कंपन मध्य कर्ण की अस्थियों द्वारा आंतरिक कर्ण तक पहुँचते हैं।
  4. आंतरिक कर्ण में, ये कंपन तंत्रिका संकेत में बदलकर मस्तिष्क को भेजे जाते हैं।
  5. मस्तिष्क इन संकेतों की व्याख्या करता है और हम ध्वनि को पहचानते हैं।

🧠 महत्वपूर्ण बिंदु (Key Points)

  1. ध्वनि का उत्पादन कंपन के कारण होता है।

Sound is produced due to vibrations.

  1. ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम आवश्यक है।

A medium is necessary for propagation of sound.

  1. ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य होती हैं।

Sound waves are longitudinal.

  1. ध्वनि की गति ठोस > द्रव > गैस में होती है।

Speed: solids > liquids > gases.

  1. मानव कान 20 Hz से 20,000 Hz तक की ध्वनि सुन सकता है।

Human ear hears 20 Hz to 20,000 Hz.

  1. ध्वनि का परावर्तन गूँज उत्पन्न कर सकता है।

Reflection of sound can produce echo.

  1. तीव्रता आयाम पर, और ऊँचाई आवृत्ति पर निर्भर करती है।

Loudness depends on amplitude, pitch on frequency.

  1. SONAR में अल्ट्रासोनिक तरंगों का उपयोग होता है।

SONAR uses ultrasonic waves.

  1. ध्वनि की गति v = fλ से ज्ञात की जाती है।

Speed is given by v = fλ.

  1. मानव कान ध्वनि को विद्युत संकेत में बदलकर मस्तिष्क तक पहुँचाते हैं।

Human ear converts sound to electrical signals for the brain.


⚠️ सामान्य गलतियाँ (Common Mistakes)

| क्रम | गलती (Mistake) | सही तरीका (Correct Approach) | |------|----------------------------------------|---------------------------------------------------| | 1 | ध्वनि निर्वात में यात्रा कर सकती है। | ध्वनि को माध्यम की आवश्यकता होती है। | | 2 | ध्वनि तरंगें अनुप्रस्थ होती हैं। | ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य होती हैं। | | 3 | सभी जीव 20-20,000 Hz सुन सकते हैं। | केवल मानव कान इस सीमा में सुन सकता है। | | 4 | ध्वनि की तीव्रता आवृत्ति पर निर्भर है। | तीव्रता आयाम पर निर्भर है, ऊँचाई आवृत्ति पर। | | 5 | गूँज हमेशा सुनाई देती है। | गूँज के लिए न्यूनतम दूरी 17 मीटर आवश्यक है। | | 6 | SONAR ध्वनि की सामान्य तरंगें उपयोग करता है। | SONAR अल्ट्रासोनिक तरंगों का उपयोग करता है। | | 7 | ठोस में ध्वनि की गति सबसे कम होती है। | ठोस में गति सबसे अधिक होती है। | | 8 | ध्वनि की गति तापमान से प्रभावित नहीं होती। | तापमान बढ़ने पर गति बढ़ती है। | | 9 | कुत्ते और चमगादड़ अल्ट्रासोनिक नहीं सुन सकते। | वे अल्ट्रासोनिक ध्वनि सुन सकते हैं। | | 10 | ऊँचाई का SI मात्रक डेसिबल है। | ऊँचाई का SI मात्रक हर्ट्ज़ है, डेसिबल तीव्रता का। |


📝 RBSE परीक्षा प्रश्न (RBSE Exam Questions)

1-Mark Questions (1 अंक)

  1. ध्वनि का SI मात्रक क्या है?

What is the SI unit of sound?

उत्तर: डेसिबल (dB) (तीव्रता के लिए), हर्ट्ज़ (Hz) (आवृत्ति के लिए)
  1. मानव कान कितनी आवृत्ति की ध्वनि सुन सकता है?

What is the frequency range of human hearing?

उत्तर: 20 Hz से 20,000 Hz
  1. SONAR का पूर्ण रूप लिखें।

Write the full form of SONAR.

उत्तर: Sound Navigation and Ranging
  1. ध्वनि की गति सबसे अधिक किस माध्यम में होती है?

In which medium is the speed of sound highest?

उत्तर: ठोस (Solids)
  1. गूँज सुनने के लिए स्रोत और परावर्तक के बीच न्यूनतम दूरी कितनी होनी चाहिए?

What is the minimum distance required for echo to be heard?

उत्तर: 17 मीटर (17 meters)

2-Mark Questions (2 अंक)

  1. ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम क्यों आवश्यक है?

Why is a medium necessary for the propagation of sound?

उत्तर: ध्वनि यांत्रिक तरंग है, जो माध्यम के कणों के कंपन द्वारा संचरित होती है। निर्वात में कण नहीं होते, इसलिए ध्वनि संचरण संभव नहीं है।

Sound is a mechanical wave transmitted by the vibration of medium particles. In vacuum, there are no particles, so sound cannot propagate.

  1. संपीड़न और विरलन क्या हैं?

What are compression and rarefaction?

उत्तर: संपीड़न वह क्षेत्र है, जहाँ माध्यम के कण पास-पास होते हैं; विरलन वह क्षेत्र है, जहाँ कण दूर-दूर होते हैं।

Compression is the region where particles are close together; rarefaction is where they are far apart.

  1. ध्वनि की गति ज्ञात करने का सूत्र लिखिए।

Write the formula to calculate the speed of sound.

उत्तर: \( v = \frac{d}{t} \) या \( v = f\lambda \)
  1. तीव्रता और ऊँचाई में अंतर लिखिए।

Differentiate between loudness and pitch.

उत्तर:
  • तीव्रता आयाम पर निर्भर करती है, ऊँचाई आवृत्ति पर।
  • तीव्रता का SI मात्रक डेसिबल, ऊँचाई का हर्ट्ज़।
  1. SONAR का उपयोग कहाँ-कहाँ होता है?

Where is SONAR used?

उत्तर: जल के नीचे वस्तुओं की स्थिति ज्ञात करने, मछली पकड़ने, पनडुब्बियों में।

5-Mark Questions (5 अंक)

  1. ध्वनि की उत्पत्ति, संचरण, और मानव कान में श्रवण की प्रक्रिया का वर्णन कीजिए।

Describe the production, propagation, and hearing process of sound in the human ear.

उत्तर:

उत्पत्ति: ध्वनि कंपन के कारण उत्पन्न होती है। कंपन किसी वस्तु द्वारा संतुलन स्थिति के आस-पास दोलन करने पर होते हैं। संचरण: कंपन से उत्पन्न ध्वनि तरंगें माध्यम के कणों के माध्यम से एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाती हैं। ये अनुदैर्ध्य तरंगें होती हैं, जिनमें संपीड़न और विरलन का निर्माण होता है। श्रवण प्रक्रिया:

  • बाह्य कर्ण ध्वनि तरंगों को एकत्र करता है।
  • ये तरंगें कर्णपट तक पहुँचती हैं, जिससे वह कंपन करने लगता है।
  • कंपन मध्य कर्ण की अस्थियों द्वारा आंतरिक कर्ण तक पहुँचते हैं।
  • आंतरिक कर्ण में कंपन तंत्रिका संकेत में बदलकर मस्तिष्क को भेजे जाते हैं।
  1. ध्वनि की गति को प्रभावित करने वाले कारकों की व्याख्या करें।

Explain the factors affecting the speed of sound.

उत्तर:
  • माध्यम की प्रकृति: ठोस में कण पास-पास होने के कारण गति अधिक, द्रव में कम, गैस में सबसे कम।
  • तापमान: तापमान बढ़ने पर कणों की ऊर्जा बढ़ती है, जिससे गति बढ़ती है।
  • दाब: गैसों में दाब बढ़ाने से गति थोड़ी बढ़ती है।
  • आर्द्रता: वायु में आर्द्रता बढ़ने पर गति बढ़ती है।
  1. गूँज क्या है? गूँज की शर्तें तथा उसकी गणना को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।

What is echo? State its conditions and explain its calculation with an example.

उत्तर:

परिभाषा: ध्वनि का परावर्तित होकर 0.1 सेकंड या अधिक समय बाद कान तक पहुँचना गूँज कहलाता है। शर्तें:

  • स्रोत और परावर्तक के बीच न्यूनतम दूरी 17 मीटर।
  • परावर्तक सतह कठोर हो।

गणना:

  • ध्वनि की गति = 344 m/s,
  • समय = 0.1 सेकंड,
  • दूरी = (344 × 0.1)/2 = 17.2 मीटर

उदाहरण: यदि कोई व्यक्ति दीवार से 17 मीटर दूर चिल्लाता है, तो ध्वनि परावर्तित होकर 0.1 सेकंड बाद लौटेगी, जिससे गूँज सुनाई देगी।

  1. ध्वनि तरंगों के गुण (आवृत्ति, तरंगदैर्घ्य, आयाम, वेग) समझाइए।

Explain the characteristics of sound waves: frequency, wavelength, amplitude, velocity.

उत्तर:
  • आवृत्ति (Frequency): प्रति सेकंड कंपन की संख्या; SI मात्रक हर्ट्ज़ (Hz)।
  • तरंगदैर्घ्य (Wavelength): दो संपीड़न या विरलन के बीच की दूरी; SI मात्रक मीटर।
  • आयाम (Amplitude): संतुलन स्थिति से अधिकतम विस्थापन; आयाम बढ़ने से तीव्रता बढ़ती है।
  • वेग (Velocity): एक सेकंड में तय की गई दूरी; SI मात्रक मीटर/सेकंड।
  • इनका संबंध: \( v = f\lambda \)
  1. SONAR प्रणाली का सिद्धांत तथा अनुप्रयोग समझाइए।

Explain the principle and applications of SONAR.

उत्तर:

सिद्धांत: SONAR अल्ट्रासोनिक तरंगें जल में भेजता है, ये तरंगें किसी वस्तु से टकराकर लौटती हैं। लौटने में लगे समय से वस्तु की दूरी ज्ञात की जाती है। सूत्र: \[ \text{दूरी} = \frac{\text{गति} \times \text{समय}}{2} \] अनुप्रयोग:

  • जल के नीचे वस्तुओं की स्थिति ज्ञात करना।
  • मछली पकड़ना।
  • पनडुब्बी का पता लगाना।
  • समुद्र की गहराई मापना।

समाप्त (End of Notes)

ये नोट्स परीक्षा के लिए उपयुक्त, सम्पूर्ण और द्विभाषी हैं।

These notes are comprehensive, exam-ready, and bilingual.

मुख्य बिंदु (Key Points)

  • ध्वनि ऊर्जा का एक रूप है, जो कंपन करने वाले वस्तुओं द्वारा उत्पन्न होती है।
  • ध्वनि तरंगों के रूप में यात्रा करती है, जिन्हें ध्वनि तरंगें कहते हैं।
  • ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) आवश्यक है; यह निर्वात में संचरित नहीं हो सकती।
  • ध्वनि की गति ठोसों में सर्वाधिक, द्रवों में कम और गैसों में सबसे कम होती है।
  • मानव कान 20 हर्ट्ज से 20,000 हर्ट्ज तक की आवृत्ति वाली ध्वनियों को सुन सकता है।
  • ध्वनि तरंग की आवृत्ति उसकी तान (pitch) निर्धारित करती है।
  • ध्वनि तरंग का आयाम उसकी तीव्रता (loudness) निर्धारित करता है।
  • एक पूर्ण कंपन में लगने वाले समय को आवर्तकाल (time period) कहते हैं।
  • प्रति सेकंड होने वाले कंपन की संख्या को आवृत्ति (frequency) कहते हैं।
  • ध्वनि तरंगें अनुदैर्ध्य (longitudinal) तरंगें होती हैं।
  • प्रतिध्वनि (echo) वह ध्वनि है, जो मूल ध्वनि के बाद सुनाई देती है।
  • मानव कान के लिए श्रवण की स्थायिता लगभग 0.1 सेकंड होती है।

Key Points

  • Sound is a form of energy that is produced by vibrating objects.
  • Sound travels in the form of waves called sound waves.
  • Sound requires a medium (solid, liquid, or gas) to travel; it cannot travel in a vacuum.
  • The speed of sound is maximum in solids, less in liquids, and least in gases.
  • The human ear can hear sounds in the frequency range of 20 Hz to 20,000 Hz.
  • The frequency of a sound wave determines its pitch.
  • The amplitude of a sound wave determines its loudness.
  • The time taken for one complete vibration is called the time period.
  • The number of vibrations per second is called frequency.
  • Sound waves are longitudinal waves.
  • Echo is the reflection of sound that is heard after the original sound.
  • The persistence of hearing for the human ear is about 0.1 seconds.

इंटरैक्टिव अभ्यास (MCQ)

ध्वनि के संचरण के लिए निम्न में से कौन आवश्यक है?

प्रति सेकंड कंपन की संख्या को क्या कहते हैं?

आवृत्ति की एस.आई. इकाई क्या है?

कान का कौन सा भाग ध्वनि कंपन प्राप्त करता है?

ध्वनि किसके माध्यम से संचरित नहीं हो सकती?

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ध्वनि (Sound) एक नज़र में: ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है, जो कंपन के कारण उत्पन्न होती है और माध्यम (जैसे हवा, जल, ठोस) में यात्रा करती है। इस अध्याय में ध्वनि की…

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