विद्युत धारा
Current Electricity
विद्युत धारा (Current Electricity)
एक नज़र में:
विद्युत धारा वह भौतिक परिघटना है जिसमें चार्ज (आवेश) का प्रवाह चालक के माध्यम से होता है। इस अध्याय में विद्युत धारा, ओम का नियम, प्रतिरोध, विद्युत विभव, विद्युत शक्ति, संधारित्र, विद्युत परिपथ के नियम इत्यादि का अध्ययन किया गया है।
Current electricity deals with the flow of electric charge through conductors. This chapter covers electric current, Ohm’s law, resistance, electric potential, electric power, capacitors, circuit laws, etc.
📌 अध्याय का परिचय
विद्युत धारा (Current Electricity) भौतिकी की वह शाखा है जिसमें हम स्थिर (steady) विद्युत धारा का अध्ययन करते हैं। जब किसी चालक में आवेश के कण, किसी संभावित अंतर (potential difference) के कारण एक दिशा में बहते हैं, तो उस प्रवाह को विद्युत धारा कहते हैं।
The branch of physics that deals with the flow of electric charge through conductors under the influence of potential difference is known as Current Electricity.
📖 प्रमुख विषय
1. विद्युत धारा (Electric Current)
परिभाषा: किसी चालक के किसी पार अनुभाग से प्रति सेकंड प्रवाहित होने वाले कुल आवेश को विद्युत धारा कहते हैं।
The amount of electric charge flowing per second through a cross-section of a conductor is called electric current.
समीकरण/Formula: \[ I = \frac{Q}{t} \] जहाँ, \(I\) = विद्युत धारा (Electric Current) (Ampere, A) \(Q\) = कुल आवेश (Total Charge) (Coulomb, C) \(t\) = समय (Time) (second, s)
एकक: विद्युत धारा का SI मात्रक एम्पियर (Ampere, A) है।
1 Ampere = 1 Coulomb/second
दिशा: धारा की परंपरागत दिशा धनात्मक आवेश के प्रवाह की दिशा मानी जाती है।
The conventional direction of current is the direction of flow of positive charge.
सुलझाया गया उदाहरण: यदि 10 कूलॉम्ब आवेश 2 सेकंड में प्रवाहित होता है, तो धारा ज्ञात करें।
If 10 C of charge flows in 2 s, find the current.
\[ I = \frac{Q}{t} = \frac{10}{2} = 5\,A \]
2. विद्युत विभव एवं विभवांतर (Electric Potential and Potential Difference)
विद्युत विभव (Electric Potential): किसी बिंदु पर एकांक धनात्मक आवेश को अनंत से उस बिंदु तक लाने में किये गए कार्य को विद्युत विभव कहते हैं।
Electric potential at a point is the work done in bringing a unit positive charge from infinity to that point.
समीकरण/Formula: \[ V = \frac{W}{Q} \] जहाँ, \(V\) = विद्युत विभव (Volt, V) \(W\) = कार्य (Work done, J) \(Q\) = आवेश (Charge, C)
एकक: वोल्ट (Volt, V)
1 Volt = 1 Joule/Coulomb
विद्युत विभवांतर (Potential Difference): दो बिंदुओं के बीच विभव का अंतर ही विद्युत विभवांतर है।
Potential difference between two points is the work done in moving a unit positive charge from one point to another.
3. विद्युत धारा के चालक में प्रवाह का तंत्र (Mechanism of Current Flow in Conductors)
मुक्त इलेक्ट्रॉनों की भूमिका (Role of Free Electrons): धातु में मुक्त इलेक्ट्रॉन होते हैं जो विद्युत क्षेत्र लगाने पर विपरीत दिशा में गति करते हैं, जिससे विद्युत धारा उत्पन्न होती है।
Metals have free electrons which move opposite to the direction of applied electric field, causing electric current.
ड्रिफ्ट वेग (Drift Velocity): विद्युत क्षेत्र के कारण मुक्त इलेक्ट्रॉनों द्वारा प्राप्त औसत वेग को ड्रिफ्ट वेग कहते हैं।
The average velocity acquired by free electrons due to an electric field is called drift velocity.
समीकरण/Formula: \[ v_d = \frac{I}{nAe} \] जहाँ, \(v_d\) = ड्रिफ्ट वेग (Drift velocity) \(I\) = धारा (Current) \(n\) = प्रति एकक आयतन में इलेक्ट्रॉन की संख्या (Number density of electrons) \(A\) = चालक का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल (Cross-sectional area) \(e\) = इलेक्ट्रॉन का आवेश (Charge of electron)
सुलझाया गया उदाहरण: यदि \(I = 2A\), \(n = 8 \times 10^{28}/m^3\), \(A = 10^{-6} m^2\), \(e = 1.6 \times 10^{-19} C\), तो ड्रिफ्ट वेग ज्ञात करें।
\[ v_d = \frac{2}{8 \times 10^{28} \times 10^{-6} \times 1.6 \times 10^{-19}} = \frac{2}{1.28 \times 10^{4}} = 1.56 \times 10^{-4} \text{ m/s} \]
4. ओम का नियम (Ohm’s Law)
परिभाषा: नियत तापमान पर, चालक के सिरों पर लगाए गए विभवांतर और उसमें प्रवाहित धारा के बीच सीधा अनुपात होता है।
At constant temperature, the current flowing through a conductor is directly proportional to potential difference across its ends.
समीकरण/Formula: \[ V \propto I \implies V = IR \] जहाँ, \(R\) = चालक का प्रतिरोध (Resistance of conductor)
ओम (Ohm) का नियम का ग्राफ (Graph): V-I ग्राफ एक सीधी रेखा होती है, जिसकी ढलान \(R\) को दर्शाती है।
The V-I graph is a straight line whose slope represents resistance.
5. प्रतिरोध एवं प्रतिरोधकता (Resistance and Resistivity)
(A) प्रतिरोध (Resistance)
परिभाषा: किसी चालक द्वारा विद्युत धारा के प्रवाह का विरोध करने की क्षमता को प्रतिरोध कहते हैं।
The property of a conductor to oppose the flow of current is called resistance.
समीकरण/Formula: \[ R = \frac{V}{I} \]
SI एकक: ओम (Ohm, \(\Omega\))
1 Ohm = 1 Volt/1 Ampere
लंबाई और क्षेत्रफल पर निर्भरता: \[ R = \rho \frac{l}{A} \] जहाँ, \(\rho\) = प्रतिरोधकता (Resistivity) \(l\) = चालक की लंबाई (Length) \(A\) = अनुप्रस्थ क्षेत्रफल (Area)
(B) प्रतिरोधकता (Resistivity)
परिभाषा: किसी पदार्थ की इकाई लंबाई एवं इकाई क्षेत्रफल वाले चालक का प्रतिरोध ही उसकी प्रतिरोधकता कहलाती है।
Resistivity is the resistance of a conductor of unit length and unit area of cross-section.
एकक: ओम-मीटर (\(\Omega\)m)
तापमान पर निर्भरता (Dependence on Temperature): धातुओं में प्रतिरोधकता तापमान बढ़ने पर बढ़ती है।
Resistivity of metals increases with temperature.
6. चालक, अर्धचालक एवं कुचालक (Conductors, Semiconductors, and Insulators)
चालक (Conductors): वे पदार्थ जिनमें विद्युत धारा आसानी से प्रवाहित हो सकती है। जैसे- तांबा, एलुमिनियम।
Materials that allow electric current to flow easily. e.g., Copper, Aluminum.
अर्धचालक (Semiconductors): वे पदार्थ जिनमें चालकता और कुचालकता के गुण होते हैं। जैसे- सिलिकॉन, जर्मेनियम।
Materials with properties between conductors and insulators. e.g., Silicon, Germanium.
कुचालक (Insulators): वे पदार्थ जिनमें विद्युत धारा प्रवाहित नहीं हो सकती। जैसे- कांच, रबर।
Materials that do not allow electric current to flow. e.g., Glass, Rubber.
7. प्रतिरोधों का संयोजन (Combination of Resistors)
(A) श्रेणी संयोजन (Series Combination)
विवरण: जब प्रतिरोधों को सिरा-से-सिरा जोड़ा जाता है, तो वे श्रेणी में होते हैं।
When resistors are joined end to end, they are in series.
समतुल्य प्रतिरोध (Equivalent Resistance): \[ R_{eq} = R_1 + R_2 + R_3 + \ldots \]
धारा: सभी प्रतिरोधों में समान धारा प्रवाहित होती है।
Current is same through all resistors.
(B) समांतर संयोजन (Parallel Combination)
विवरण: जब प्रतिरोधों के सभी सिरों को एक साथ जोड़ दिया जाता है, तो वे समांतर में होते हैं।
When all ends of resistors are connected together, they are in parallel.
समतुल्य प्रतिरोध (Equivalent Resistance): \[ \frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} + \frac{1}{R_3} + \ldots \]
विभवांतर: सभी प्रतिरोधों के सिरों पर विभवांतर समान होता है।
Potential difference across all resistors is same.
सुलझाया गया उदाहरण: तीन प्रतिरोध 2 \(\Omega\), 3 \(\Omega\), 6 \(\Omega\) को समांतर में जोड़ें। \[ \frac{1}{R_{eq}} = \frac{1}{2} + \frac{1}{3} + \frac{1}{6} = 1 \implies R_{eq} = 1\,\Omega \]
8. विद्युत शक्ति (Electric Power) और ऊर्जा (Energy)
विद्युत शक्ति (Power): विद्युत परिपथ में प्रति सेकंड किए गए कार्य को शक्ति कहते हैं।
The rate at which work is done in an electric circuit is called electric power.
समीकरण/Formula: \[ P = VI = I^2R = \frac{V^2}{R} \]
एकक: वॉट (Watt, W)
ऊर्जा (Energy): \[ W = Pt = VIt \] एकक: जूल (Joule, J) घर के लिए ऊर्जा की इकाई – किलोवाट-घंटा (kWh) (1 kWh = 3.6 × 10^6 J)
9. विद्युत कोशिका (Electric Cell) और उसकी आंतरिक प्रतिरोध (Internal Resistance)
विद्युत कोशिका: ऐसा युक्ति जो रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलती है।
A device that converts chemical energy into electrical energy.
आंतरिक प्रतिरोध (Internal Resistance): कोशिका के भीतर से धारा प्रवाहित होने पर उसका प्रतिरोध।
The resistance offered by the electrolyte and electrodes inside the cell.
कोशिका का विविक्त विभव (EMF): कोशिका के सिरों पर बिना धारा के विभवांतर को विविक्त विभव (EMF) कहते हैं।
EMF is the potential difference across the terminals of the cell when no current is drawn.
परिपथ में विभवांतर: \[ V = E - Ir \] जहाँ, \(E\) = विविक्त विभव (EMF) \(I\) = धारा \(r\) = आंतरिक प्रतिरोध
10. किरचॉफ के नियम (Kirchhoff’s Laws)
(A) प्रथम नियम - धारा का नियम (Current Law/Junction Rule/KCL)
किसी जंक्शन पर आने वाली कुल धारा, बाहर जाने वाली कुल धारा के बराबर होती है।
The algebraic sum of currents entering a junction is zero; total entering current equals total leaving current.
\[ \sum I_{in} = \sum I_{out} \]
(B) द्वितीय नियम - वोल्टता का नियम (Voltage Law/Loop Rule/KVL)
किसी बंद लूप में विभवांतरों का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
The algebraic sum of potential differences in a closed loop is zero.
\[ \sum V = 0 \]
उपयोग: जटिल परिपथों में धारा ज्ञात करने के लिए इन नियमों का प्रयोग करते हैं।
Used to solve complex circuits.
11. व्हीटस्टोन ब्रिज (Wheatstone Bridge)
रचना: चार प्रतिरोधों का ऐसा संयोजन जिसमें दो सिरे एक बैटरी से और दो सिरे एक गैल्वेनोमीटर से जुड़े होते हैं।
A network of four resistors with two opposite corners connected to a battery and the other two to a galvanometer.
संतुलन अवस्था: \[ \frac{P}{Q} = \frac{R}{S} \] यदि ब्रिज संतुलित हो तो गैल्वेनोमीटर में धारा नहीं बहती।
उपयोग: अज्ञात प्रतिरोध ज्ञात करने के लिए।
Used to find unknown resistance.
12. पोटेंशियोमीटर (Potentiometer)
परिभाषा: ऐसी युक्ति जिससे अज्ञात विभवांतर अथवा कोशिका के विविक्त विभव को अत्यंत सटीकता से मापा जाता है।
A device used to measure unknown potential difference or EMF of a cell with high accuracy.
कार्य सिद्धांत: लंबे तार की एकरूपता के कारण विभवांतर लंबाई के समानुपाती होता है।
Potential difference across a uniform wire is proportional to its length.
समीकरण: \[ V \propto l \]
उपयोग:
- EMF की तुलना
- आंतरिक प्रतिरोध मापन
- विभवांतर मापन
Applications: Comparing EMF, measuring internal resistance, potential difference measurement.
13. तापमान का प्रभाव (Effect of Temperature on Resistance)
धातु: तापमान बढ़ने पर प्रतिरोध बढ़ता है।
Resistance increases with temperature.
अर्धचालक: तापमान बढ़ने पर प्रतिरोध घटता है।
Resistance decreases with temperature.
समीकरण/Formula: \[ R_t = R_0 (1 + \alpha t) \] जहाँ, \(\alpha\) = तापांक गुणांक (Temperature coefficient)
14. विद्युत धारा का परिमाण मापन (Measurement of Electric Current)
उपकरण:
- एमीटर (Ammeter): धारा मापने के लिए
- वोल्टमीटर (Voltmeter): विभवांतर मापने के लिए
- गैल्वेनोमीटर (Galvanometer): सूक्ष्म धारा मापने के लिए
Ammeter: measures current, Voltmeter: measures potential difference, Galvanometer: measures small currents.
15. परिपथ आरेखन चिह्न (Circuit Diagram Symbols)
| युक्ति/Device | चिह्न/Symbol | |----------------------|-----------------------------| | प्रतिरोध/Resistor |  | | कोशिका/Cell |  | | बैटरी/Battery |  | | एमीटर/Ammeter |  | | वोल्टमीटर/Voltmeter |  | | गैल्वेनोमीटर/Galvanometer |  |
🧠 महत्वपूर्ण बिंदु (Key Points)
- विद्युत धारा = प्रति सेकंड प्रवाहित कुल आवेश।
- विद्युत धारा की दिशा परंपरागत रूप से धनात्मक आवेश की दिशा मानी जाती है।
- ओम का नियम केवल ओमिक चालक पर लागू होता है।
- प्रतिरोध चालक की लंबाई के समानुपाती और क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
- धातुओं में प्रतिरोध तापमान के साथ बढ़ता है, अर्धचालकों में घटता है।
- श्रेणी संयोजन में, समतुल्य प्रतिरोध सभी प्रतिरोधों के योग के बराबर होता है।
- समांतर संयोजन में, समतुल्य प्रतिरोध सबसे छोटे प्रतिरोध से भी कम होता है।
- विद्युत शक्ति = विभवांतर × धारा (P = VI)।
- किरचॉफ के नियम जटिल परिपथों को हल करने में सहायक होते हैं।
- पोटेंशियोमीटर विभवांतर मापन का अत्यंत सटीक यंत्र है।
- आंतरिक प्रतिरोध के कारण कोशिका का विभवांतर, धारा प्रवाहित होने पर घट जाता है।
- 1 kWh = 3.6 × 10^6 Joule (ऊर्जा की घरेलू इकाई)।
- व्हीटस्टोन ब्रिज संतुलन की अवस्था में गैल्वेनोमीटर में धारा नहीं बहती।
- चालक, अर्धचालक एवं कुचालक के गुण प्रतिरोधकता के आधार पर भिन्न-भिन्न होते हैं।
- ड्रिफ्ट वेग बहुत कम होता है, किंतु विद्युत क्षेत्र के लागू होते ही धारा तुरंत प्रवाहित होती है।
⚠️ सामान्य गलतियाँ (Common Mistakes)
| क्रमांक | गलती (Mistake) | सुधार (Correction) | |--------|--------------------------------------------------------|-------------------------------------------------------------| | 1 | धारा की दिशा को इलेक्ट्रॉन प्रवाह की दिशा मानना | धारा की परंपरागत दिशा धनात्मक आवेश प्रवाह की होती है। | | 2 | ओम का नियम सभी पदार्थों पर लागू मानना | ओम का नियम केवल ओमिक चालक पर लागू होता है। | | 3 | श्रेणी संयोजन में विभवांतर समान मानना | श्रेणी में धारा समान, विभवांतर विभिन्न। | | 4 | समांतर संयोजन में धारा समान मानना | समांतर में विभवांतर समान, धारा विभिन्न। | | 5 | पोटेंशियोमीटर को वोल्टमीटर की तरह समझना | पोटेंशियोमीटर अधिक सटीकता देता है, कोई करंट नहीं लेता। | | 6 | प्रतिरोध के सूत्र में लंबाई और क्षेत्रफल को उल्टा लिखना | R = ρ(l/A) सही है, क्षेत्रफल हर में होता है। | | 7 | कोशिका के आंतरिक प्रतिरोध को नजरअंदाज करना | कोशिका का आंतरिक प्रतिरोध महत्त्वपूर्ण है, विभवांतर घटाता है।| | 8 | किरचॉफ के नियमों में चिह्नों (Signs) की गलती | लूप में विभवांतरों के चिह्न सावधानी से लें। | | 9 | ऊर्जा की इकाई kWh और J में अंतर भूलना | 1 kWh = 3.6 × 10^6 J याद रखें। | | 10 | प्रतिरोधकता को तापमान से स्वतंत्र मानना | धातुओं में तापमान बढ़ने पर प्रतिरोधकता बढ़ती है। |
📝 RBSE परीक्षा प्रश्न (Exam Questions)
1-Mark Questions
- विद्युत धारा का SI मात्रक क्या है?
What is the SI unit of electric current?
उत्तर/Answer: एम्पियर (Ampere, A)
- ओम का नियम क्या है?
What is Ohm’s Law?
उत्तर/Answer: नियत तापमान पर, किसी चालक में विभवांतर, उसमें प्रवाहित धारा के समानुपाती होता है। (At constant temperature, potential difference across a conductor is directly proportional to current through it.)
- विद्युत शक्ति का सूत्र लिखिए।
Write the formula for electric power.
उत्तर/Answer: \(P = VI\)
- 1 kWh कितने जूल के बराबर है?
1 kWh is equal to how many Joules?
उत्तर/Answer: \(3.6 \times 10^6\) Joules
- चालक में धारा का प्रवाह किसके कारण होता है?
Due to what does current flow in a conductor?
उत्तर/Answer: मुक्त इलेक्ट्रॉनों की गति के कारण (Due to movement of free electrons)
2-Mark Questions
- प्रतिरोध एवं प्रतिरोधकता में अंतर लिखिए।
Differentiate between resistance and resistivity.
उत्तर/Answer:
- प्रतिरोध किसी चालक द्वारा धारा के प्रवाह का विरोध है, इसका SI मात्रक ओम है।
Resistance is the opposition to the flow of current by a conductor, SI unit is ohm.
- प्रतिरोधकता पदार्थ का गुण है, यह इकाई लंबाई एवं क्षेत्रफल के चालक का प्रतिरोध है, SI मात्रक ओम-मीटर है।
Resistivity is a property of material, resistance of a conductor of unit length and area, SI unit is ohm-meter.
- श्रेणी और समांतर संयोजन में धारा और विभवांतर के वितरण में अंतर स्पष्ट कीजिए।
Explain the difference in distribution of current and potential difference in series and parallel combination.
उत्तर/Answer:
- श्रेणी में धारा समान, विभवांतर विभाजित।
In series, current is same, potential difference divides.
- समांतर में विभवांतर समान, धारा विभाजित।
In parallel, potential difference is same, current divides.
- वोल्टमीटर और एमीटर के परिपथ में स्थान स्पष्ट कीजिए।
State the position of voltmeter and ammeter in a circuit.
उत्तर/Answer:
- वोल्टमीटर को मापी जा रही युक्ति के समांतर जोड़ा जाता है।
Voltmeter is connected in parallel.
- एमीटर को श्रेणी में जोड़ा जाता है।
Ammeter is connected in series.
- विद्युत धारा की दिशा कैसे निर्धारित की जाती है?
How is the direction of electric current determined?
उत्तर/Answer: परंपरागत रूप से धनात्मक आवेश के प्रवाह की दिशा को धारा की दिशा माना जाता है।
Conventional current direction is the direction of flow of positive charge.
- पोटेंशियोमीटर के दो उपयोग लिखिए।
Write two uses of potentiometer.
उत्तर/Answer: (i) अज्ञात EMF मापना (To measure unknown EMF) (ii) दो कोशिकाओं की EMF की तुलना करना (To compare EMFs of two cells)
5-Mark Questions
- ओम का नियम स्थापित कीजिए एवं प्रतिरोध के कारकों की चर्चा कीजिए।
State and prove Ohm’s law, and discuss the factors affecting resistance.
उत्तर/Answer: ओम का नियम: नियत तापमान पर, चालक के सिरों पर लगाए गए विभवांतर (V) और उसमें प्रवाहित धारा (I) के बीच सीधा अनुपात होता है। \[ V \propto I \implies V = IR \] यहाँ R चालक का प्रतिरोध है। प्रमाण: किसी चालक के सिरों पर बैटरी लगाकर V व I मापें। V और I के मानों का ग्राफ बनाएं, सीधी रेखा प्राप्त होती है, जिससे सिद्ध होता है कि V/I नियत है। प्रतिरोध को प्रभावित करने वाले कारक:
- चालक की लंबाई (R ∝ l)
- चालक का अनुप्रस्थ क्षेत्रफल (R ∝ 1/A)
- चालक का पदार्थ (प्रतिरोधकता, ρ)
- तापमान (धातुओं में ताप बढ़ने पर R बढ़ता है)
- किरचॉफ के नियमों को समझाइए एवं इनके एक परिपथ पर अनुप्रयोग द्वारा धारा ज्ञात कीजिए।
Explain Kirchhoff’s laws and find the current in a given circuit using them.
उत्तर/Answer: किरचॉफ का प्रथम नियम (जंक्शन नियम): किसी भी जंक्शन पर आने वाली कुल धारा, बाहर जाने वाली कुल धारा के बराबर होती है। \[ \sum I_{in} = \sum I_{out} \] किरचॉफ का द्वितीय नियम (लूप नियम): किसी बंद लूप में विभवांतरों का योग शून्य होता है। \[ \sum V = 0 \] उदाहरण: मान लीजिए दो प्रतिरोध R1 और R2 श्रेणी में हैं और एक बैटरी E लगी है। लूप नियम लगाए: \[ E - IR_1 - IR_2 = 0 \implies I = \frac{E}{R_1 + R_2} \]
- व्हीटस्टोन ब्रिज के सिद्धांत का वर्णन कीजिए एवं संतुलन की शर्त प्राप्त कीजिए।
Describe the principle of Wheatstone bridge and derive its balance condition.
उत्तर/Answer: सिद्धांत: व्हीटस्टोन ब्रिज में चार प्रतिरोध P, Q, R, S को जोड़कर, दो सिरों पर बैटरी और दो सिरों पर गैल्वेनोमीटर लगाया जाता है। संतुलन की अवस्था: जब गैल्वेनोमीटर में कोई धारा नहीं बहती, \[ \frac{P}{Q} = \frac{R}{S} \] संतुलन की शर्त प्राप्त करने के लिए किरचॉफ के नियमों का प्रयोग करें, दोनों लूपों में विभवांतर का योग शून्य रखें, और प्राप्त समीकरणों को हल करें।
- पोटेंशियोमीटर की रचना, सिद्धांत एवं उपयोग स्पष्ट कीजिए।
Explain the construction, principle, and uses of potentiometer.
उत्तर/Answer: रचना: लंबा, एकरूप धातु तार, एक बैटरी, गैल्वेनोमीटर और स्लाइडिंग जॉइंट। सिद्धांत: किसी तार की लंबाई के साथ विभवांतर का अनुपात नियत रहता है, \[ V \propto l \] उपयोग:
- अज्ञात विभवांतर मापन
- कोशिका की EMF तुलना
- कोशिका का आंतरिक प्रतिरोध मापन
- विभवांतर मापने में उच्च सटीकता
- प्रतिरोधों के श्रेणी एवं समांतर संयोजन के लिए समतुल्य प्रतिरोध के सूत्र प्राप्त कीजिए।
Derive the formula for equivalent resistance in series and parallel combination.
उत्तर/Answer: श्रृंखला संयोजन (Series): प्रतिरोध \(R_1, R_2, R_3\) को श्रेणी में जोड़ें। धारा I सभी में समान, विभवांतर \[ V = V_1 + V_2 + V_3 = IR_1 + IR_2 + IR_3 = I(R_1 + R_2 + R_3) \] अतः, \[ R_{eq} = R_1 + R_2 + R_3 \] समांतर संयोजन (Parallel): विभवांतर सभी के सिरों पर समान, धारा विभाजित। \[ I = I_1 + I_2 + I_3 \] \[ I_1 = \frac{V}{R_1}, I_2 = \frac{V}{R_2}, I_3 = \frac{V}{R_3} \] \[ I = V\left(\frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} + \frac{1}{R_3}\right) \] \[ R_{eq} = \frac{V}{I} = \frac{1}{\left(\frac{1}{R_1} + \frac{1}{R_2} + \frac{1}{R_3}\right)} \]
नोट: यह अध्याय बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी सूत्र, परिभाषाएँ, ग्राफ, और प्रयोगात्मक भाग अच्छे से तैयार करें। प्रश्नों को हल करने में समीकरणों का सही प्रयोग और यूनिट का ध्यान रखें।
This chapter is very important for board exams. Prepare all formulas, definitions, graphs, and experimental sections thoroughly. Use formulas and units carefully while solving questions.
मुख्य बिंदु (Key Points)
- विद्युत धारा चालक में विद्युत आवेश के प्रवाह की दर है।
- विद्युत धारा की एस.आई. इकाई एम्पीयर (A) है।
- धारा (I) = Q/t होती है, जहाँ Q आवेश तथा t समय है।
- विद्युत धारा उच्च विभव से निम्न विभव की ओर प्रवाहित होती है।
- ओम का नियम बताता है कि V = IR, जहाँ V विभवान्तर, I धारा तथा R प्रतिरोध है।
- प्रतिरोध चालक की लम्बाई, क्षेत्रफल और पदार्थ पर निर्भर करता है: R = ρ(l/A)।
- प्रतिरोधकता (ρ) पदार्थ का गुण है; इसकी एस.आई. इकाई ओम-मीटर (Ω·m) है।
- धारा घनत्व (J) प्रति इकाई क्षेत्रफल पर धारा है: J = I/A।
- ड्रिफ्ट वेग इलेक्ट्रॉनों का विद्युत क्षेत्र के कारण औसत वेग है।
- धारा और ड्रिफ्ट वेग के बीच संबंध I = nAve है, जहाँ n संख्या घनत्व, A क्षेत्रफल, v ड्रिफ्ट वेग, तथा e आवेश है।
- किर्चहॉफ का प्रथम नियम (संधि नियम): किसी संधि पर धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
- किर्चहॉफ का द्वितीय नियम (लूप नियम): बंद लूप में विभवान्तरों का योग शून्य होता है।
Key Points
- Electric current is the rate of flow of electric charge through a conductor.
- The SI unit of electric current is the ampere (A).
- Current (I) is given by I = Q/t, where Q is charge and t is time.
- Electric current flows from higher potential to lower potential.
- Ohm’s law states that V = IR, where V is voltage, I is current, and R is resistance.
- Resistance depends on length, area, and material of the conductor: R = ρ(l/A).
- Resistivity (ρ) is a material property; its SI unit is ohm-meter (Ω·m).
- Current density (J) is current per unit area: J = I/A.
- Drift velocity is the average velocity of electrons due to electric field.
- The relation between current and drift velocity is I = nAve, where n is number density, A is area, v is drift velocity, and e is charge.
- Kirchhoff’s First Law (Junction Rule): The algebraic sum of currents at a junction is zero.
- Kirchhoff’s Second Law (Loop Rule): The sum of potential differences in a closed loop is zero.
इंटरैक्टिव अभ्यास (MCQ)
विद्युत धारा मापने के लिए किस यंत्र का उपयोग किया जाता है?
ओम का नियम किस समीकरण द्वारा व्यक्त किया जाता है?
निम्न में से कौन सा पदार्थ विद्युत का सुचालक है?
किसी चालक में इलेक्ट्रॉनों का प्रवाह वेग होता है:
ओम का नियम कहता है कि:
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विद्युत धारा lock
विद्युत धारा (Current Electricity) एक नज़र में: विद्युत धारा वह भौतिक परिघटना है जिसमें चार्ज (आवेश) का प्रवाह चालक के माध्यम से होता है। इस अध्याय में विद्युत…
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