menu_bookRBSE · अर्थशास्त्र (Economics) · अध्याय 2

आंकड़ों का संग्रह

Collection of Data

schedule~30 मिनट

आंकड़ों का संग्रह (Collection of Data)

एक नज़र में:

आंकड़ों का संग्रह सांख्यिकी का प्रथम एवं अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है, जिसमें किसी विषय विशेष से संबंधित तथ्यों को सुव्यवस्थित एवं व्यवस्थित ढंग से एकत्रित किया जाता है। इस अध्याय में हम आंकड़ों के प्रकार, संग्रह की विधियाँ, स्रोत, तथा सटीकता एवं विश्वसनीयता के महत्व को विस्तार से समझेंगे।

In a nutshell: Collection of data is the first and crucial step of statistics, involving systematic gathering of facts related to a particular subject. This chapter covers types of data, methods of collection, sources, and the importance of accuracy and reliability.


📌 अध्याय का परिचय (Chapter Introduction)

सांख्यिकी (Statistics) का अध्ययन तथ्यों के संग्रहण, वर्गीकरण, प्रस्तुतीकरण, विश्लेषण एवं व्याख्या से संबंधित है। आंकड़ों का संग्रह, सांख्यिकीय अध्ययन की नींव है, क्योंकि बिना उपयुक्त एवं विश्वसनीय आंकड़ों के, कोई भी सांख्यिकीय निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

The study of statistics deals with the collection, classification, presentation, analysis, and interpretation of facts. Collection of data is the foundation of statistical studies because, without proper and reliable data, no statistical conclusion can be drawn.

इस अध्याय में, आप सीखेंगे:

  • आंकड़ों के प्रकार (Types of Data)
  • आंकड़ों के स्रोत (Sources of Data)
  • आंकड़ों के संग्रह की विधियाँ (Methods of Data Collection)
  • सटीकता एवं विश्वसनीयता (Accuracy and Reliability)
  • प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष संग्रह (Direct & Indirect Collection)
  • प्राथमिक एवं द्वितीयक आंकड़े (Primary & Secondary Data)
  • संग्रह की व्यावहारिक समस्याएँ (Practical Problems in Collection)

📖 1. आंकड़ों का अर्थ एवं परिभाषा (Meaning and Definition of Data)

● आंकड़ों का अर्थ (Meaning of Data)

आंकड़े वे संख्यात्मक तथ्य हैं जो किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए एकत्र किए जाते हैं।

Data are numerical facts collected for a specific purpose.

उदाहरण (Example): कक्षा 11 के छात्रों की ऊँचाई, किसी गाँव की जनसंख्या, किसी कारखाने में उत्पादित वस्तुओं की संख्या आदि।

● परिभाषा (Definition)

  • प्रो. बोगार्डस के अनुसार:

“आंकड़े वे संख्याएँ हैं जो किसी समस्या के अध्ययन हेतु एकत्र की जाती हैं।”

“Statistics are numerical statements of facts in any department of enquiry placed in relation to each other.”


📖 2. आंकड़ों के प्रकार (Types of Data)

(A) प्राथमिक आंकड़े (Primary Data)

परिभाषा: वे आंकड़े जिन्हें शोधकर्ता स्वयं अपने उद्देश्य के लिए प्रत्यक्ष रूप से एकत्र करता है, प्राथमिक आंकड़े कहलाते हैं।

Data collected by the investigator himself for the first time for a specific purpose are called primary data.

विशेषताएँ (Features):

  • मूल एवं नवीन (Original and fresh)
  • सटीकता अधिक (More reliable)
  • एकत्रण में अधिक समय, श्रम व धन की आवश्यकता (Time, labour, and cost-intensive)

उदाहरण (Example): किसी विद्यालय का प्रधानाचार्य छात्रों की उपस्थिति के लिए स्वयं सर्वेक्षण करता है।


(B) द्वितीयक आंकड़े (Secondary Data)

परिभाषा: वे आंकड़े जो पहले किसी अन्य उद्देश्य के लिए एकत्र किए जा चुके हैं और अब किसी अन्य शोधकर्ता द्वारा उपयोग किए जाते हैं, द्वितीयक आंकड़े कहलाते हैं।

Data already collected by someone else for another purpose but used by the investigator for his own study are called secondary data.

विशेषताएँ (Features):

  • पहले से उपलब्ध (Already available)
  • समय, श्रम व धन की बचत (Saves time, labour, and money)
  • सटीकता कम हो सकती है (May be less accurate)

उदाहरण (Example): जनगणना रिपोर्ट, सरकारी रिपोर्टें, समाचार पत्र आदि।


तुलना (Comparison Table)

| आधार (Basis) | प्राथमिक आंकड़े (Primary Data) | द्वितीयक आंकड़े (Secondary Data) | |--------------------------|---------------------------------------|---------------------------------------| | संग्रहकर्ता (Collector) | स्वयं शोधकर्ता (Self/Investigator) | अन्य व्यक्ति/एजेंसी (Other agency) | | उद्देश्य (Purpose) | विशिष्ट (Specific) | सामान्य (General) | | सटीकता (Accuracy) | अधिक (More) | कम (Less) | | लागत (Cost) | अधिक (High) | कम (Low) | | समय (Time) | अधिक (More) | कम (Less) |


📖 3. आंकड़ों के स्रोत (Sources of Data)

(A) प्राथमिक स्रोत (Primary Sources)

  • प्रत्यक्ष निरीक्षण (Direct observation)
  • व्यक्तिगत साक्षात्कार (Personal interview)
  • प्रश्नावली/सूची (Questionnaire/Schedule)
  • टेलीफोनिक साक्षात्कार (Telephonic interview)
  • मेल द्वारा (By mail)

(B) द्वितीयक स्रोत (Secondary Sources)

  • प्रकाशित स्रोत (Published sources): सरकारी रिपोर्ट, जनगणना, पत्रिकाएँ, समाचार पत्र, अनुसंधान पत्र, पुस्तकें आदि।
  • अप्रकाशित स्रोत (Unpublished sources): निजी रिकॉर्ड, कार्यालयी फाइलें, संस्थागत रिपोर्ट आदि।

📖 4. आंकड़ों के संग्रह की विधियाँ (Methods of Data Collection)

(A) प्राथमिक आंकड़ों के संग्रह की विधियाँ (Methods for Primary Data Collection)

1. प्रत्यक्ष व्यक्तिगत जांच (Direct Personal Investigation)

परिभाषा: शोधकर्ता स्वयं सर्वेक्षण क्षेत्र में जाकर प्रत्यक्ष रूप से आंकड़े एकत्र करता है।

The investigator collects data personally by visiting the field.

सुविधाएँ (Features):

  • आंकड़े अधिक सटीक एवं विश्वसनीय होते हैं (More accurate and reliable)
  • सीमित क्षेत्र के लिए उपयुक्त (Suitable for limited area)
  • समय व श्रम अधिक (Time and labour-intensive)

उदाहरण: गाँव में किसानों के खेतों का निरीक्षण कर फसल उपज का आंकलन।


2. अप्रत्यक्ष मौखिक जांच (Indirect Oral Investigation)

परिभाषा: आंकड़ों का संग्रह संबंधित व्यक्तियों के बजाय उनके परिचित या विशेषज्ञों से मौखिक रूप से जानकारी प्राप्त कर किया जाता है।

Data are collected from knowledgeable persons or experts, not directly from the concerned persons.

उपयुक्तता (Suitability):

  • जब उत्तरदाता उपलब्ध नहीं हों या तथ्य छुपा रहे हों (When respondents are not available or may conceal facts)
  • सामाजिक या विवादास्पद मामलों में

उदाहरण: अवैध शराब बिक्री का पता लगाने के लिए पड़ोसियों/विशेषज्ञों से जानकारी लेना।


3. सूचना के अनुसूची या प्रश्नावली विधि (Schedule or Questionnaire Method)

(a) अनुसूची विधि (Schedule Method)

  • अनुसूची एक मुद्रित प्रपत्र होता है जिसमें प्रश्न लिखे होते हैं, जिन्हें शोधकर्ता स्वयं उत्तरदाता को पढ़कर उत्तर दर्ज करता है।
  • अधिक साक्षरता की आवश्यकता नहीं।

(b) प्रश्नावली विधि (Questionnaire Method)

  • प्रश्नों की सूची उत्तरदाता को भेजी जाती है, जो स्वयं उत्तर देकर वापस भेजता है।
  • साक्षरता आवश्यक है।

अंतर (Difference Table):

| अनुसूची (Schedule) | प्रश्नावली (Questionnaire) | |----------------------------|-----------------------------------| | शोधकर्ता द्वारा भरी जाती है | उत्तरदाता स्वयं भरता है | | कम साक्षरता में संभव | साक्षरता आवश्यक | | अधिक सटीकता | सटीकता कम |


4. डाक द्वारा संग्रह (Collection by Mail)

  • प्रश्नावली डाक द्वारा भेजी जाती है; उत्तरदाता स्वयं उत्तर देता है।
  • व्यापक क्षेत्र में उपयुक्त, परन्तु उत्तर कम मिल सकते हैं।

5. टेलीफोनिक साक्षात्कार (Telephonic Interview)

  • शोधकर्ता टेलीफोन पर संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त करता है।
  • समय व लागत की बचत, परंतु सीमित जानकारी।

6. प्रेक्षण विधि (Observation Method)

  • शोधकर्ता घटनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करता है।
  • सटीकता अधिक, उत्तरदाताओं की आवश्यकता नहीं।

(B) द्वितीयक आंकड़ों के संग्रह की विधियाँ (Methods for Secondary Data Collection)

प्रकाशित स्रोत (Published Sources):

  • सरकारी प्रकाशन: जनगणना रिपोर्ट, आर्थिक सर्वेक्षण, सांख्यिकीय सारांश, आदि।
  • गैर-सरकारी प्रकाशन: अनुसंधान संस्थान, विश्वविद्यालय, पत्रिकाएँ, समाचार पत्र आदि।

अप्रकाशित स्रोत (Unpublished Sources):

  • कार्यालयी रिकॉर्ड, निजी फाइलें, संस्थागत रिपोर्ट आदि।

📖 5. आंकड़ों के संग्रह की विशेषताएँ (Characteristics of Data Collection)

  • उद्देश्यपूर्णता (Purposefulness): संग्रह का स्पष्ट उद्देश्य होना चाहिए।
  • सटीकता (Accuracy): डेटा सटीक व त्रुटिहीन होना चाहिए।
  • विश्वसनीयता (Reliability): आंकड़े भरोसेमंद स्रोत से होने चाहिए।
  • प्रासंगिकता (Relevance): केवल आवश्यक आंकड़े ही एकत्र करें।
  • समयबद्धता (Timeliness): आंकड़े समयानुकूल होने चाहिए।
  • पूरकता (Completeness): आंकड़े संपूर्ण होने चाहिए।

📖 6. प्राथमिक एवं द्वितीयक आंकड़ों के गुण (Qualities of Primary & Secondary Data)

(A) प्राथमिक आंकड़ों के गुण (Qualities of Primary Data)

  • नवीनता (Freshness)
  • उद्देश्य के अनुरूपता (Relevance to objective)
  • सटीकता (Accuracy)
  • विश्वसनीयता (Reliability)

(B) द्वितीयक आंकड़ों के गुण (Qualities of Secondary Data)

  • प्रामाणिकता (Authenticity)
  • उपयुक्तता (Suitability)
  • समयसंगति (Timeliness)
  • स्रोत की विश्वसनीयता (Reliability of source)
  • तुलनीयता (Comparability)

📖 7. द्वितीयक आंकड़ों के उपयोग में सावधानियाँ (Precautions in Using Secondary Data)

  1. स्रोत की प्रामाणिकता जाँचें (Check authenticity of source)
  2. उद्देश्य की उपयुक्तता (Suitability for your purpose)
  3. संग्रहण विधि की जानकारी (Know the method of collection)
  4. डेटा की पूर्णता (Completeness of data)
  5. डेटा का नवीनता (Up-to-dateness)
  6. स्रोत की विश्वसनीयता (Reliability of source)
  7. परिभाषाओं एवं अवधारणाओं की समानता (Uniformity of definitions & concepts)
  8. यूनिट्स की समानता (Uniformity of units)

📖 8. प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष आंकड़ों के संग्रह (Direct & Indirect Collection)

प्रत्यक्ष संग्रह (Direct Collection)

  • आंकड़े प्रत्यक्ष रूप से संबंधित व्यक्ति/वस्तु से एकत्र किए जाते हैं।
  • अधिक सटीक और विश्वसनीय।
  • सीमित क्षेत्र में उपयुक्त।

अप्रत्यक्ष संग्रह (Indirect Collection)

  • आंकड़े किसी अन्य माध्यम/व्यक्ति/विशेषज्ञ से प्राप्त किए जाते हैं।
  • कम सटीक, परंतु बड़े क्षेत्र के लिए उपयुक्त।

📖 9. आंकड़ों के संग्रह की व्यावहारिक समस्याएँ (Practical Problems in Data Collection)

  1. भाषा एवं परिभाषाओं में असमानता (Differences in language/definitions)
  2. उत्तरदाताओं की अनिच्छा (Unwillingness of respondents)
  3. साक्षरता की कमी (Lack of literacy)
  4. समय, श्रम एवं धन की कमी (Lack of time, labour, money)
  5. भौगोलिक विस्तार (Geographical spread)
  6. आंकड़ों की गोपनीयता (Confidentiality)
  7. स्रोत की विश्वसनीयता (Reliability of sources)
  8. प्रश्नों की अस्पष्टता (Ambiguity in questions)

📖 10. आंकड़ों के संग्रह में सटीकता एवं विश्वसनीयता (Accuracy & Reliability in Data Collection)

  • सटीकता एवं विश्वसनीयता आंकड़ों के संग्रहण की गुणवत्ता को दर्शाते हैं।
  • गलत, अपूर्ण या पक्षपाती आंकड़े अध्ययन को निष्प्रभावी बना सकते हैं।
  • संग्रह की विधि, स्रोत की विश्वसनीयता, प्रश्नों की स्पष्टता, और उत्तरदाताओं की ईमानदारी से सटीकता बढ़ती है।

📖 11. सैंपलिंग (Sampling) एवं जनसंख्या (Population)

● जनसंख्या (Population/Universe)

  • अध्ययन के लिए चुने गए समस्त व्यक्ति/वस्तुओं/इकाइयों का समूह।

The complete group of individuals/items selected for study.

उदाहरण: कक्षा 11 के सभी छात्र, किसी राज्य के सभी किसान इत्यादि।

● सैंपल (Sample)

  • जनसंख्या का एक छोटा भाग, जिससे पूरे समूह के बारे में अनुमान लगाया जाता है।

A small part of the population from which conclusions about the entire group are drawn.

सैंपलिंग के लाभ (Advantages of Sampling):

  • समय, श्रम व धन की बचत (Saves time, labour, money)
  • बड़े क्षेत्रों के लिए उपयुक्त (Suitable for large areas)
  • शीघ्र परिणाम (Quick results)

सैंपलिंग के प्रकार (Types of Sampling):

  1. साधारण यादृच्छिक सैंपलिंग (Simple Random Sampling):

प्रत्येक इकाई के चयन की समान संभावना।

  1. स्तरीकृत सैंपलिंग (Stratified Sampling):

जनसंख्या को उप-समूहों में विभाजित कर प्रत्येक से सैंपल लेना।

  1. प्रणालीगत सैंपलिंग (Systematic Sampling):

एक निश्चित अंतराल पर इकाइयाँ चुनना।

  1. क्लस्टर सैंपलिंग (Cluster Sampling):

समूहों या क्लस्टर का चयन।


📖 12. आंकड़ों के संग्रह के सूत्र (Sources of Data Collection)

प्रमुख सूत्र (Main Sources):

  • जनगणना (Census)
  • आर्थिक सर्वेक्षण (Economic survey)
  • एनएसएसओ (NSSO)
  • सीएसओ (CSO)
  • रिजर्व बैंक रिपोर्ट (RBI reports)
  • निजी संस्थाएँ (Private agencies)
  • अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ (International agencies)

📖 13. जनगणना (Census) एवं सैंपलिंग (Sampling) में अंतर (Difference between Census & Sampling)

| आधार (Basis) | जनगणना (Census) | सैंपलिंग (Sampling) | |--------------------------|-------------------------|--------------------------| | परिभाषा (Definition) | सभी इकाइयों का सर्वेक्षण | कुछ इकाइयों का चयन | | सटीकता (Accuracy) | अधिक (More) | कम (Less) | | लागत (Cost) | अधिक (High) | कम (Low) | | समय (Time) | अधिक (More) | कम (Less) | | उपयुक्तता (Suitability) | छोटी जनसंख्या | बड़ी जनसंख्या |


📖 14. आंकड़ों के संग्रह की सीमाएँ (Limitations of Data Collection)

  • उच्च लागत (High cost)
  • समय की अधिक आवश्यकता (Time-consuming)
  • उत्तरदाताओं की अनिच्छा (Unwilling respondents)
  • आंकड़ों की अपूर्णता (Incomplete data)
  • पक्षपात की संभावना (Possibility of bias)

📖 15. आंकड़ों के संग्रह के चरण (Steps in Data Collection)

  1. शोध का उद्देश्य निर्धारित करना (Defining the object of enquiry)
  2. डेटा के प्रकार का चयन (Selecting type of data)
  3. संग्रहण विधि का निर्णय (Deciding method of collection)
  4. सूत्रों की पहचान (Identifying sources)
  5. सूचना का संग्रहण (Collection of information)
  6. डेटा की जाँच (Checking data for accuracy)
  7. डेटा का वर्गीकरण (Classification of data)

📖 16. अंत में – आंकड़ों के संग्रह का महत्व (Importance of Data Collection)

  • सांख्यिकीय निष्कर्ष की नींव (Foundation for statistical conclusion)
  • योजना निर्माण में सहायक (Helpful in planning)
  • नीति निर्धारण में सहायक (Helpful in policy making)
  • सही निर्णय में सहायक (Helpful in correct decision making)
  • शोध कार्य का आधार (Base for research work)

📖 17. हल किए गए उदाहरण (Solved Examples)

उदाहरण 1:

प्रश्न: किसी गाँव के किसानों की औसत आय जानने के लिए किस प्रकार के आंकड़े एकत्रित किए जाएंगे?

उत्तर: इस उद्देश्य के लिए प्राथमिक आंकड़े एकत्र किए जाएंगे, क्योंकि शोधकर्ता स्वयं किसानों से प्रत्यक्ष जानकारी प्राप्त करेगा।


उदाहरण 2:

प्रश्न: यदि एक छात्र राजस्थान राज्य के विद्यालयों की संख्या जानना चाहता है, तो वह कौन सा आंकड़ा उपयोग करेगा?

उत्तर: वह द्वितीयक आंकड़े का उपयोग करेगा, जैसे कि शिक्षा विभाग की वार्षिक रिपोर्ट।


उदाहरण 3:

प्रश्न: “आपके शहर में औसत वर्षा ज्ञात करनी है” – आप किन स्रोतों से आंकड़े एकत्र करेंगे?

उत्तर:

  • मौसम विभाग की रिपोर्ट (द्वितीयक आंकड़े)
  • समाचार पत्र (द्वितीयक स्रोत)
  • स्वयं वर्षा मापकर (प्राथमिक आंकड़े)

उदाहरण 4:

प्रश्न: एक कारखाने में मजदूरों की औसत आय जानने के लिए कौन सी विधि उपयुक्त होगी?

उत्तर: प्रत्यक्ष व्यक्तिगत जांच विधि उपयुक्त होगी, जिसमें शोधकर्ता स्वयं मजदूरों से मिलकर जानकारी प्राप्त करेगा।


उदाहरण 5:

प्रश्न: किसी उत्पाद की बिक्री के आंकड़े, जो कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में प्रकाशित हैं, कौन से आंकड़े हैं?

उत्तर: ये द्वितीयक आंकड़े हैं।


🧠 महत्वपूर्ण बिंदु (Key Points)

  1. आंकड़ों का संग्रह सांख्यिकी का प्रथम व आधारभूत चरण है।

Collection of data is the first and basic step of statistics.

  1. आंकड़े दो प्रकार के होते हैं – प्राथमिक एवं द्वितीयक।

There are two types of data – primary and secondary.

  1. प्राथमिक आंकड़े स्वयं शोधकर्ता द्वारा एकत्र किए जाते हैं, जबकि द्वितीयक आंकड़े पहले से एकत्र होते हैं।

Primary data are collected by the investigator; secondary data are already collected.

  1. आंकड़ों के संग्रह के लिए विभिन्न विधियाँ हैं जैसे प्रत्यक्ष जांच, अप्रत्यक्ष जांच, अनुसूची, प्रश्नावली, डाक, प्रेक्षण आदि।

Methods include direct investigation, indirect investigation, schedule, questionnaire, mail, and observation.

  1. द्वितीयक आंकड़ों के स्रोत सरकारी रिपोर्ट, जनगणना, समाचार पत्र, पत्रिकाएँ आदि हैं।

Sources of secondary data include government reports, census, newspapers, magazines, etc.

  1. आंकड़ों का संग्रह उद्देश्यपूर्ण, सटीक, विश्वसनीय एवं प्रासंगिक होना चाहिए।

Data collection should be purposeful, accurate, reliable, and relevant.

  1. द्वितीयक आंकड़ों का उपयोग करते समय उनकी प्रामाणिकता, उपयुक्तता, और नवीनता की जाँच करनी चाहिए।

Check authenticity, suitability, and up-to-dateness of secondary data.

  1. जनगणना में सभी इकाइयों का सर्वेक्षण होता है, जबकि सैंपलिंग में कुछ इकाइयाँ चुनी जाती हैं।

Census covers all units; sampling selects a few.

  1. सटीक एवं विश्वसनीय आंकड़े ही उचित निष्कर्ष तक पहुँचने में सहायक होते हैं।

Only accurate and reliable data help in reaching valid conclusions.

  1. आंकड़ों का संग्रह कठिन, समय एवं धन-साध्य कार्य है, जिसमें सावधानी आवश्यक है।

Data collection is difficult, time and cost-intensive, and needs care.


⚠️ सामान्य गलतियाँ (Common Mistakes)

| क्र. | गलती (Mistake) | सही तरीका (Correct Approach) | |-----|--------------------------------------------------|---------------------------------------------------------------------| | 1 | द्वितीयक आंकड़ों को बिना जांचे उपयोग करना | सदैव स्रोत, उपयुक्तता, प्रामाणिकता आदि की जाँच करें। | | 2 | प्रश्नावली अस्पष्ट या लंबी बनाना | प्रश्नावली को संक्षिप्त, स्पष्ट एवं उद्देश्यपरक बनाएं। | | 3 | आंकड़ों के संग्रह में पक्षपात | निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक तरीके से डेटा एकत्र करें। | | 4 | सैंपल का चयन मनमाने ढंग से करना | सैंपलिंग के वैज्ञानिक तरीके अपनाएँ, जैसे यादृच्छिक सैंपलिंग। | | 5 | संग्रह की विधि एवं स्रोत स्पष्ट न करना | संग्रह विधि, स्रोत, परिभाषाएँ, अवधारणाएँ आदि स्पष्ट रूप से लिखें। | | 6 | समयबद्धता की अनदेखी | अद्यतन (Updated) आंकड़ों का ही उपयोग करें। | | 7 | द्वितीयक आंकड़ों को बिना संशोधन के उपयोग करना | अपनी आवश्यकता अनुसार द्वितीयक आंकड़ों का संशोधन एवं अनुकूलन करें। | | 8 | उत्तरदाताओं की गोपनीयता का उल्लंघन | उत्तरदाताओं की जानकारी गोपनीय रखें। | | 9 | डेटा संग्रह के बाद उसका सत्यापन न करना | संग्रह के बाद आंकड़ों का सत्यापन एवं त्रुटि परीक्षण करें। | | 10 | आंकड़ों के संग्रह का उद्देश्य स्पष्ट न करना | संग्रह का उद्देश्य प्रारंभ में ही स्पष्ट करें। |


📝 RBSE परीक्षा प्रश्न (RBSE Exam Questions)

1-Mark Questions (1 अंक के प्रश्न)

  1. आंकड़ों के कितने प्रकार होते हैं?

How many types of data are there?

  • उत्तर: दो – प्राथमिक एवं द्वितीयक। (Two – Primary and Secondary)
  1. द्वितीयक आंकड़े किसे कहते हैं?

What are secondary data?

  • उत्तर: वे आंकड़े जो पहले किसी अन्य उद्देश्य से एकत्र किए गए हों। (Data already collected for some other purpose.)
  1. प्रत्यक्ष व्यक्तिगत जांच विधि में आंकड़े कौन एकत्र करता है?

Who collects data in direct personal investigation?

  • उत्तर: स्वयं शोधकर्ता। (The investigator himself.)
  1. सैंपलिंग विधि में किसका सर्वेक्षण किया जाता है?

What is surveyed in sampling method?

  • उत्तर: जनसंख्या के कुछ चुने हुए भाग का। (A selected part of the population.)
  1. अनुसूची विधि में अनुसूची कौन भरता है?

Who fills the schedule in schedule method?

  • उत्तर: शोधकर्ता। (The investigator.)

2-Mark Questions (2 अंक के प्रश्न)

  1. प्राथमिक आंकड़ों और द्वितीयक आंकड़ों में दो अंतर लिखिए।

Write two differences between primary and secondary data.

उत्तर:

  • संग्रहकर्ता: प्राथमिक आंकड़े शोधकर्ता स्वयं एकत्र करता है; द्वितीयक आंकड़े अन्य व्यक्ति/एजेंसी एकत्र करते हैं।

Primary data are collected by the investigator; secondary by others.

  • सटीकता: प्राथमिक आंकड़े अधिक सटीक होते हैं; द्वितीयक कम सटीक हो सकते हैं।

Primary data are more accurate; secondary may be less accurate.

  1. द्वितीयक आंकड़ों के दो स्रोत लिखिए।

Write two sources of secondary data.

उत्तर:

  • सरकारी रिपोर्ट/जनगणना (Government reports/census)
  • समाचार पत्र/पत्रिकाएँ (Newspapers/magazines)
  1. प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष आंकड़ों के संग्रह में अंतर बताइए।

Differentiate between direct and indirect collection of data.

उत्तर:

  • प्रत्यक्ष संग्रह में आंकड़े संबंधित व्यक्ति/वस्तु से सीधे लिए जाते हैं; अप्रत्यक्ष में किसी अन्य माध्यम से।

Direct collection is from the concerned person/object; indirect is through other sources.

  1. प्रश्नावली विधि क्या है?

What is questionnaire method?

उत्तर: उत्तरदाताओं को प्रश्नों की सूची भेजी जाती है, जिसे वे स्वयं भरकर वापस भेजते हैं।

A list of questions is sent to respondents, which they fill and return.

  1. आंकड़ों के संग्रह में सटीकता क्यों आवश्यक है?

Why is accuracy important in data collection?

उत्तर: सटीक आंकड़े ही सही निष्कर्ष निकालने में सहायक होते हैं।

Only accurate data help in drawing correct conclusions.


5-Mark Questions (5 अंक के प्रश्न)

  1. आंकड़ों के संग्रह की विधियों की विस्तृत व्याख्या कीजिए।

Explain in detail the methods of data collection.

उत्तर: आंकड़ों के संग्रह के मुख्यतः दो प्रकार हैं – प्राथमिक एवं द्वितीयक।

  • प्राथमिक आंकड़ों के संग्रह की विधियाँ:

(a) प्रत्यक्ष व्यक्तिगत जाँच: शोधकर्ता स्वयं जाकर आंकड़े एकत्र करता है। (b) अप्रत्यक्ष मौखिक जाँच: विशेषज्ञों/जानकारों से जानकारी प्राप्त की जाती है। (c) अनुसूची विधि: प्रश्नों की सूची शोधकर्ता द्वारा भरी जाती है। (d) प्रश्नावली विधि: प्रश्नों की सूची उत्तरदाता स्वयं भरता है। (e) डाक द्वारा संग्रह: प्रश्नावली डाक द्वारा भेजी जाती है। (f) टेलीफोनिक साक्षात्कार: टेलीफोन पर जानकारी ली जाती है। (g) प्रेक्षण विधि: घटनाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया जाता है।

  • द्वितीयक आंकड़ों के संग्रह की विधियाँ:

(a) प्रकाशित स्रोत: सरकारी रिपोर्ट, जनगणना, पत्रिकाएँ, आदि। (b) अप्रकाशित स्रोत: निजी रिकॉर्ड, संस्थागत रिपोर्ट आदि। प्रत्येक विधि की अपनी विशेषताएँ, लाभ-हानि एवं उपयुक्तता होती है। संग्रह की विधि का चयन शोध के उद्देश्य, क्षेत्र, समय, लागत आदि के आधार पर किया जाता है।

  1. प्राथमिक एवं द्वितीयक आंकड़ों में अंतर स्पष्ट कीजिए।

Differentiate between primary and secondary data.

उत्तर: | आधार | प्राथमिक आंकड़े | द्वितीयक आंकड़े | |--------------------|------------------------------|------------------------------| | संग्रहकर्ता | स्वयं शोधकर्ता | अन्य व्यक्ति/एजेंसी | | सटीकता | अधिक | कम | | लागत | अधिक | कम | | समय | अधिक | कम | | उपयुक्तता | विशिष्ट उद्देश्य | सामान्य उद्देश्य | प्राथमिक आंकड़े नवीन, उद्देश्य के अनुरूप, विश्वसनीय होते हैं, जबकि द्वितीयक आंकड़े पहले से उपलब्ध, कम सटीक हो सकते हैं। द्वितीयक आंकड़ों का उपयोग करते समय स्रोत, उपयुक्तता, प्रामाणिकता आदि की जाँच आवश्यक है।

  1. द्वितीयक आंकड़ों के उपयोग में बरती जाने वाली सावधानियाँ लिखिए।

Write the precautions to be taken while using secondary data.

उत्तर: द्वितीयक आंकड़ों का उपयोग करते समय निम्न सावधानियाँ बरतनी चाहिए:

  • स्रोत की प्रामाणिकता जाँचें।
  • आंकड़ों की उपयुक्तता एवं नवीनता जाँचें।
  • संग्रहण विधि, परिभाषाओं, इकाइयों की समानता सुनिश्चित करें।
  • डेटा की पूर्णता एवं विश्वसनीयता देखें।
  • आवश्यकता अनुसार डेटा का संशोधन करें।

इन सावधानियों से द्वितीयक आंकड़ों का सही एवं प्रभावी उपयोग संभव है।

  1. प्रत्यक्ष व्यक्तिगत जांच एवं अप्रत्यक्ष मौखिक जांच में अंतर स्पष्ट कीजिए।

Differentiate between direct personal and indirect oral investigation.

उत्तर: | आधार | प्रत्यक्ष व्यक्तिगत जांच | अप्रत्यक्ष मौखिक जांच | |------------------------|----------------------------|-------------------------------| | संग्रहकर्ता | शोधकर्ता स्वयं | विशेषज्ञ/जानकार | | सटीकता | अधिक | कम | | समय/लागत | अधिक | कम | | क्षेत्र | सीमित | विस्तृत | प्रत्यक्ष जांच में शोधकर्ता स्वयं क्षेत्र में जाकर आंकड़े एकत्र करता है, जबकि अप्रत्यक्ष जांच में विशेषज्ञों या जानकारों से जानकारी ली जाती है। प्रत्यक्ष जांच अधिक सटीक होती है परंतु सीमित क्षेत्र के लिए उपयुक्त होती है।

  1. आंकड़ों के संग्रह में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का वर्णन कीजिए।

Describe the practical problems in data collection.

उत्तर: आंकड़ों के संग्रह में अनेक व्यावहारिक समस्याएँ आती हैं, जैसे:

  • भाषा एवं परिभाषाओं की असमानता,
  • उत्तरदाताओं की अनिच्छा,
  • क्षेत्र का विस्तार,
  • समय, श्रम व धन की कमी,
  • आंकड़ों की गोपनीयता,
  • स्रोत की विश्वसनीयता,
  • साक्षरता की कमी,
  • प्रश्नों की अस्पष्टता आदि।

इन समस्याओं के समाधान के लिए योजनाबद्ध, वैज्ञानिक एवं निष्पक्ष तरीके अपनाने चाहिए।


यह अध्याय आपके बोर्ड परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी परिभाषाएँ, उदाहरण, तालिकाएँ, तथा सावधानियाँ ध्यानपूर्वक पढ़ें और उत्तरों को बिंदुवार लिखने का अभ्यास करें।

This chapter is very important for your board exam. Read all definitions, examples, tables, and precautions carefully, and practice writing answers point-wise.

मुख्य बिंदु (Key Points)

  • आंकड़ों का संग्रह किसी विशेष अध्ययन या जांच से संबंधित जानकारी एकत्र करने की प्रक्रिया है।
  • आंकड़े प्राथमिक या द्वितीयक स्रोतों से एकत्र किए जा सकते हैं।
  • प्राथमिक आंकड़े अन्वेषक द्वारा पहली बार सीधे एकत्र किए जाते हैं।
  • द्वितीयक आंकड़े वे हैं जिन्हें पहले किसी अन्य व्यक्ति द्वारा एकत्रित और प्रकाशित किया जा चुका है।
  • प्राथमिक आंकड़े संग्रहण के तरीके हैं: प्रत्यक्ष व्यक्तिगत जांच, अप्रत्यक्ष मौखिक जांच, संवाददाताओं के माध्यम से जानकारी, डाक द्वारा प्रश्नावली, और गणनाकारों द्वारा भरे गए अनुसूचियां।
  • उपयुक्त विधि का चयन जांच की प्रकृति, उद्देश्य और क्षेत्र पर निर्भर करता है।
  • द्वितीयक आंकड़े प्रकाशित स्रोतों जैसे सरकारी रिपोर्ट, पत्रिकाएं, समाचार-पत्र, और अप्रकाशित स्रोतों जैसे संस्थाओं के अभिलेखों से एकत्र किए जा सकते हैं।
  • आंकड़ों की शुद्धता और विश्वसनीयता उनके संग्रह की विधि और स्रोत पर निर्भर करती है।
  • आंकड़े संग्रहण से पहले एक स्पष्ट उद्देश्य का होना आवश्यक है।
  • एकत्रित आंकड़े अध्ययन के लिए प्रासंगिक, पर्याप्त और उपयुक्त होने चाहिए।
  • आंकड़े संग्रहण के दौरान पक्षपात और त्रुटियों से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए।
  • प्रभावी आंकड़े संग्रहण के लिए उचित संगठन और योजना आवश्यक है।

Key Points

  • Collection of data refers to the process of gathering information relevant to a particular study or investigation.
  • Data can be collected from primary or secondary sources.
  • Primary data is collected directly by the investigator for the first time.
  • Secondary data refers to data that has already been collected and published by someone else.
  • Methods of primary data collection include direct personal investigation, indirect oral investigation, information through correspondents, mailed questionnaire, and schedules filled by enumerators.
  • Selection of appropriate method depends on the nature, objective, and scope of the enquiry.
  • Secondary data can be collected from published sources like government reports, journals, newspapers, and unpublished sources like records of institutions.
  • Accuracy and reliability of data depend on the method and source of collection.
  • A well-defined objective is essential before collecting data.
  • The collected data should be relevant, adequate, and suitable for the study.
  • Care must be taken to avoid bias and errors during data collection.
  • Proper organization and planning are necessary for efficient data collection.

इंटरैक्टिव अभ्यास (MCQ)

सांख्यिकीय आंकड़े संग्रह करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

निम्न में से कौन द्वितीयक आंकड़ों का स्रोत है?

लोगों की राय के बारे में आंकड़े संग्रह करने के लिए कौन सी विधि सबसे अच्छी है?

किस प्रकार के आंकड़ों के संग्रह में अन्वेषक स्वयं उत्तरदाताओं से मिलता है?

निम्न में से कौन प्राथमिक आंकड़ों के संग्रह की विधि नहीं है?

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आंकड़ों का संग्रह lock

आंकड़ों का संग्रह (Collection of Data) एक नज़र में: आंकड़ों का संग्रह सांख्यिकी का प्रथम एवं अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है, जिसमें किसी विषय विशेष से संबंधित तथ्यों…

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