menu_bookRBSE · जीव विज्ञान (Biology) · अध्याय 16

पाचन एवं अवशोषण

Digestion and Absorption

schedule~30 मिनट
2430 Digestive Secretions Absorption of WaterN
Image: 2430 Digestive Secretions Absorption of WaterN by OpenStax College / Wikimedia Commons, source, CC BY 3.0

पाचन एवं अवशोषण (Digestion and Absorption)

एक नज़र में: यह अध्याय मानव पाचन तंत्र, भोजन के विभिन्न अवयवों के पाचन, पाचक रसों की भूमिका, अवशोषण की प्रक्रिया और उससे संबंधित विकारों का विस्तार से अध्ययन प्रस्तुत करता है। (This chapter provides a detailed study of the human digestive system, digestion of various food components, the role of digestive juices, the process of absorption, and related disorders.)

📌 अध्याय का परिचय (Chapter Introduction)

पाचन एवं अवशोषण मानव शरीर के अत्यंत महत्त्वपूर्ण जैविक कार्य हैं, जिनके माध्यम से भोजन को सरल अणुओं में विघटित कर, शरीर की कोशिकाओं तक पहुँचाया जाता है। भोजन में उपस्थित पोषक तत्व जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन्स, खनिज, जल आदि जटिल रूप में होते हैं। पाचन तंत्र इन जटिल अणुओं को सरल एवं घुलनशील रूप में परिवर्तित करता है, जिससे वे रक्त द्वारा अवशोषित होकर कोशिकाओं तक पहुँच सकें। (Digestion and absorption are vital biological processes in the human body that break down complex food molecules into simpler forms so that nutrients can be absorbed and transported to body cells.)


📖 मुख्य विषय-वस्तु (Key Topics)


1. पाचन क्या है? (What is Digestion?)

परिभाषा: पाचन वह जैव-रासायनिक प्रक्रिया है जिसमें भोजन के जटिल व विशाल अणु (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा) एंजाइमों की सहायता से छोटे, घुलनशील अणुओं (ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, फैटी एसिड्स) में परिवर्तित होते हैं, ताकि वे अवशोषित हो सकें।

Digestion is the biochemical process in which complex and large molecules of food are broken down into simpler, soluble molecules by enzymes, making them absorbable.


2. मानव पाचन तंत्र (Human Digestive System)

(A) पाचन तंत्र के भाग (Parts of Digestive System)

  1. मुख्य पाचन नली (Alimentary Canal/Main Digestive Tract):
  • मुख (Mouth)
  • ग्रसनी (Pharynx)
  • ग्रासनली (Oesophagus/Food Pipe)
  • आमाशय (Stomach)
  • छोटी आँत (Small Intestine) – ड्योडेनम, जेजुनम, इलियम (Duodenum, Jejunum, Ileum)
  • बड़ी आँत (Large Intestine) – सिकम, कोलन, रेक्टम (Caecum, Colon, Rectum)
  • मलाशय (Anus)
  1. सहायक अंग (Accessory Organs):
  • लार ग्रंथियाँ (Salivary Glands)
  • यकृत (Liver)
  • अग्न्याशय (Pancreas)

(B) पाचन तंत्र की संरचना (Structure of Digestive Tract)

मुख (Mouth): मुख में दाँत, जिह्वा (tongue) एवं लार ग्रंथियाँ होती हैं। दाँत यांत्रिक पाचन (mechanical digestion) में सहायक हैं। जिह्वा स्वाद ग्रहण करने व भोजन को निगलने में मदद करती है।

Mouth contains teeth, tongue, and salivary glands. Teeth help in mechanical digestion; tongue assists in tasting and swallowing food.

ग्रसनी (Pharynx): यह मुख और ग्रासनली के बीच स्थित एक छोटा मार्ग है।

Short passage between mouth and oesophagus.

ग्रासनली (Oesophagus): यह एक पेशीय नली है, जो आमाशय तक भोजन पहुँचाती है। यहाँ कोई पाचक रस नहीं बनता।

Muscular tube that transports food to the stomach. No digestive juice is secreted here.

आमाशय (Stomach): जे-आकार का पेशीय अंग, जिसमें भोजन का अस्थायी भंडारण एवं प्रोटीन का प्रारम्भिक पाचन होता है।

J-shaped muscular organ for temporary storage and initial protein digestion.

छोटी आँत (Small Intestine): पाचन का मुख्य स्थल। यह लगभग 6 मीटर लंबी होती है और तीन भागों में विभाजित होती है: ड्योडेनम (25 सेमी), जेजुनम (2.4 मीटर), इलियम (3.6 मीटर)।

Main site of digestion and absorption, about 6 meters long and divided into duodenum, jejunum, and ileum.

बड़ी आँत (Large Intestine): यहाँ जल एवं इलेक्ट्रोलाइट्स का अवशोषण होता है, तथा मल का निर्माण होता है।

Absorbs water and electrolytes; forms feces.


3. पाचन की प्रक्रियाएँ (Processes of Digestion)

(A) यांत्रिक पाचन (Mechanical Digestion)

  • दाँतों द्वारा चबाना (Mastication by teeth)
  • भोजन का छोटे कणों में विभाजन (Breaking food into smaller pieces)
  • आमाशय एवं आँतों की पेशीय गति (Muscular movements of stomach and intestines)

(B) रासायनिक पाचन (Chemical Digestion)

  • एंजाइमों द्वारा जटिल अणुओं का विघटन (Breakdown of complex molecules by enzymes)
  • पाचक रसों की भूमिका (Role of digestive juices)

4. मुख में पाचन (Digestion in Mouth)

  • लार (Saliva):

लार ग्रंथियों द्वारा स्रावित। इसमें मुख्य रूप से पानी, म्यूकस, लवण, एवं एंजाइम - टायलिन (salivary amylase) होता है।

  • टायलिन (Salivary Amylase):

स्टार्च (कार्बोहाइड्रेट) को माल्टोज में परिवर्तित करता है।

Converts starch into maltose.

\[ \text{Starch} \xrightarrow[\text{Salivary amylase}]{pH~6.8} \text{Maltose} \]

  • मुख में प्रोटीन एवं वसा का पाचन नहीं होता।

No digestion of proteins and fats in mouth.


5. आमाशय में पाचन (Digestion in Stomach)

  • आमाशयिक रस (Gastric Juice):

इसका pH ~2 होता है (अम्लीय)। मुख्य घटक:

  • HCl (Hydrochloric acid) – भोजन को अम्लीय बनाता है, बैक्टीरिया नष्ट करता है, पेप्सिनोजेन को सक्रिय करता है।
  • पेप्सिन (Pepsin) – प्रोटीन को पेप्टाइड्स में तोड़ता है।
  • रैनिन (Rennin) – शिशुओं में दूध के केसिन को जमाता है।
  • लिपेज (Gastric lipase) – वसा का आंशिक पाचन करता है।

\[ \text{Proteins} \xrightarrow[\text{Pepsin, pH~1.5-2}]{HCl} \text{Peptides} \]

  • मुख्य क्रियाएँ:
  • भोजन का अस्थायी भंडारण (Temporary storage of food)
  • प्रोटीन का प्रारंभिक पाचन (Initial protein digestion)
  • भोजन को अर्द्र, अर्धतरल 'काइम' (Chyme) में परिवर्तित करना।

6. छोटी आँत में पाचन (Digestion in Small Intestine)

छोटी आँत पाचन एवं अवशोषण का मुख्य स्थल है। यहाँ तीन प्रमुख पाचक रस क्रियाशील होते हैं:

(A) यकृत द्वारा स्रावित पित्त (Bile from Liver)

  • पित्त रस (Bile Juice): यकृत द्वारा निर्मित, पित्ताशय में संग्रहित।
  • मुख्य घटक: पित्त लवण (Bile salts), पित्त वर्णक (Bile pigments), कोलेस्ट्रॉल।
  • कार्य: वसा का इमल्सिफिकेशन (Emulsification of fats – breaking down large fat globules into smaller ones), जिससे वसा पाचक एंजाइम्स के लिए सुलभ हो जाती है।
  • पित्त में कोई एंजाइम नहीं होता। (Bile contains no enzyme.)

(B) अग्न्याशय द्वारा स्रावित रस (Pancreatic Juice)

  • मुख्य एंजाइम्स:
  • ट्रिप्सिनोजेन (Trypsinogen):

एंटरोकाइनेज (Enterokinase) द्वारा ट्रिप्सिन में परिवर्तित, जो प्रोटीन को पचाता है।

  • काइमोट्रिप्सिन (Chymotrypsin):

प्रोटीन को छोटे पेप्टाइड्स में तोड़ता है।

  • पैंक्रियाटिक अमाइलेज (Pancreatic Amylase):

स्टार्च को माल्टोज में बदलता है।

  • पैंक्रियाटिक लिपेज (Pancreatic Lipase):

वसा को फैटी एसिड्स व ग्लिसरॉल में तोड़ता है।

  • न्यूक्लेस (Nucleases):

न्यूक्लिक अम्लों (DNA/RNA) को न्यूक्लियोटाइड्स में तोड़ता है।

(C) आंत्र रस (Intestinal Juice/Succus entericus)

  • आंत्र ग्रंथियों द्वारा स्रावित।
  • मुख्य एंजाइम्स:
  • माल्टेज (Maltase):

माल्टोज को ग्लूकोज में बदलता है।

  • लैक्टेज (Lactase):

लैक्टोज को ग्लूकोज व गैलक्टोज में।

  • सुक्रेज (Sucrase):

सुक्रोज को ग्लूकोज व फ्रुक्टोज में।

  • पेप्टिडेज (Peptidases):

पेप्टाइड्स को अमीनो अम्लों में।

  • न्युक्लिएसिडेज (Nucleosidases):

न्यूक्लियोटाइड्स को फॉस्फेट, शर्करा व नाइट्रोजनस बेस में।

  • डायपेप्टिडेज (Dipeptidase):

डायपेप्टाइड्स को अमीनो अम्लों में।


7. वसा, कार्बोहाइड्रेट एवं प्रोटीन का पाचन (Digestion of Fats, Carbohydrates, Proteins)

(A) कार्बोहाइड्रेट (Carbohydrates)

  • मुख: टायलिन द्वारा स्टार्च → माल्टोज
  • पैंक्रियाज: पैंक्रियाटिक अमाइलेज द्वारा स्टार्च → माल्टोज
  • आंत्र रस: माल्टेज, लैक्टेज, सुक्रेज द्वारा माल्टोज, लैक्टोज, सुक्रोज → मोनोसैकराइड्स (ग्लूकोज, फ्रुक्टोज, गैलक्टोज)

(B) प्रोटीन (Proteins)

  • आमाशय: पेप्सिन द्वारा प्रोटीन → पेप्टाइड्स
  • पैंक्रियाज: ट्रिप्सिन, काइमोट्रिप्सिन द्वारा पेप्टाइड्स → छोटे पेप्टाइड्स
  • आंत्र रस: पेप्टिडेज, डायपेप्टिडेज द्वारा पेप्टाइड्स → अमीनो अम्ल

(C) वसा (Fats)

  • मुख: कोई पाचन नहीं
  • आमाशय: लिपेज द्वारा आंशिक पाचन
  • छोटी आँत: पित्त द्वारा इमल्सिफिकेशन, पैंक्रियाटिक लिपेज द्वारा वसा → फैटी एसिड व ग्लिसरॉल

8. अवशोषण (Absorption)

परिभाषा: अवशोषण वह प्रक्रिया है जिसमें पाचन के पश्चात् उत्पन्न सरल पोषक तत्वों को आँतों की दीवार (villi) के माध्यम से रक्त एवं लसीका (lymph) में स्थानांतरित किया जाता है।

Absorption is the process by which the end products of digestion are transferred from the intestinal lumen to the blood and lymph through the intestinal wall/villi.

(A) अवशोषण की स्थल (Sites of Absorption)

| पोषक तत्व (Nutrient) | अवशोषण स्थल (Site of Absorption) | |----------------------|-----------------------------------| | जल (Water) | बड़ी आँत (Large Intestine) | | विटामिन B12, लवण | इलियम (Ileum) | | ग्लूकोज, अमीनो अम्ल | ड्योडेनम, जेजुनम (Duodenum, Jejunum) | | फैटी एसिड, ग्लिसरॉल | छोटी आँत (Small Intestine) |

(B) अवशोषण की विधियाँ (Modes of Absorption)

  1. सरल विसरण (Simple Diffusion):

जल, फैटी एसिड जैसे छोटे अणु।

  1. सक्रिय परिवहन (Active Transport):

ग्लूकोज, अमीनो अम्ल।

  1. सुविसरण (Facilitated Diffusion):

कुछ अमीनो अम्ल, शर्करा।

  1. एंडोसाइटोसिस (Endocytosis):

शिशुओं में कुछ पदार्थों का अवशोषण।

(C) आंत्र विलि (Intestinal Villi)

  • छोटी आँत की भीतरी दीवार पर उँगली जैसी projections (villi) होती हैं, जो अवशोषण सतह को अत्यधिक बढ़ा देती हैं।
  • प्रत्येक विलि में रक्त वाहिकाएँ व लसीका वाहिका (lacteal) होती है।
  • पोषक तत्वों का अवशोषण इन्हीं के माध्यम से होता है।

(D) अवशोषित पोषक तत्वों का परिवहन (Transport of Absorbed Nutrients)

  • ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, जल, विटामिन्स → रक्त द्वारा यकृत व शरीर के अन्य भागों तक।
  • फैटी एसिड, ग्लिसरॉल → लसीका (lacteal) द्वारा, फिर रक्त में प्रवेश।

9. मलोत्सर्जन (Egestion/Defecation)

  • अपचित भोजन, जल, बैक्टीरिया, मृत कोशिकाएँ, पित्त वर्णक आदि बड़े आँत में मल के रूप में संगृहीत होते हैं।
  • मलाशय (rectum) के माध्यम से मलोत्सर्जन होता है।

10. पाचन तंत्र के विकार (Disorders of Digestive System)

  1. पीलिया (Jaundice):

यकृत की कार्यक्षमता कम होने से रक्त में बिलीरुबिन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे त्वचा व आँखें पीली हो जाती हैं।

  1. उल्टी (Vomiting):

आमाशय की सामग्री का मुँह द्वारा बाहर आना।

  1. डायरिया (Diarrhoea):

बार-बार द्रव मल त्याग; जल व इलेक्ट्रोलाइट्स की हानि।

  1. कब्ज (Constipation):

मलोत्सर्जन में कठिनाई, मल सूखा एवं कठोर।

  1. अम्लता (Acidity):

आमाशय में HCl की अधिकता से जलन।

  1. अपच (Indigestion):

भोजन का अपर्याप्त पाचन।


11. पाचन तंत्र का नियंत्रण (Regulation of Digestive System)

  • तंत्रिका नियंत्रण (Nervous Control):

स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic nervous system) द्वारा।

  • हार्मोनल नियंत्रण (Hormonal Control):

गैस्ट्रिन, सीक्रेटिन, कोलेसिस्टोकाइनिन इत्यादि हार्मोन द्वारा पाचक रसों का स्राव नियंत्रित होता है।


🧠 महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points)

  1. मानव पाचन तंत्र एक लंबी नली है, जिसमें मुख से लेकर मलाशय तक विभिन्न भाग होते हैं।

The human digestive system is a long tube from mouth to anus, with various specialized regions.

  1. भोजन का यांत्रिक पाचन मुख में दाँतों द्वारा प्रारंभ होता है।

Mechanical digestion begins in the mouth with teeth.

  1. लार में टायलिन एंजाइम स्टार्च का पाचन करता है।

Saliva contains amylase enzyme for starch digestion.

  1. आमाशय में प्रोटीन का पाचन पेप्सिन द्वारा प्रारंभ होता है।

Pepsin starts protein digestion in the stomach.

  1. छोटी आँत पाचन एवं अवशोषण का मुख्य स्थल है।

Small intestine is the main site of digestion and absorption.

  1. पित्त रस वसा का इमल्सिफिकेशन करता है, परंतु कोई एंजाइम नहीं होता।

Bile emulsifies fats but contains no enzyme.

  1. पैंक्रियाटिक रस में प्रोटीन, वसा व कार्बोहाइड्रेट पचाने वाले एंजाइम्स होते हैं।

Pancreatic juice contains enzymes for digestion of proteins, fats, and carbohydrates.

  1. अवशोषण के लिए छोटी आँत में विलि होती हैं, जो सतह को बढ़ाती हैं।

Villi in the small intestine increase the surface area for absorption.

  1. जल व इलेक्ट्रोलाइट्स का अवशोषण मुख्यतः बड़ी आँत में होता है।

Water and electrolytes are mainly absorbed in the large intestine.

  1. पाचन तंत्र का कार्य तंत्रिका एवं हार्मोन दोनों द्वारा नियंत्रित होता है।

Digestive system is regulated by both nerves and hormones.


⚠️ सामान्य गलतियाँ (Common Mistakes)

| गलत धारणा (Misconception) | सही तथ्य (Correct Fact) | |----------------------------------------------|-------------------------------------------------------------------------------| | आमाशय में सभी पोषक तत्वों का पाचन होता है। | आमाशय में मुख्यतः प्रोटीन का पाचन होता है; वसा व कार्बोहाइड्रेट का नहीं। | | पित्त रस में एंजाइम होते हैं। | पित्त रस में कोई एंजाइम नहीं होता, यह केवल वसा का इमल्सिफिकेशन करता है। | | अवशोषण केवल छोटी आँत में होता है। | अधिकांश अवशोषण छोटी आँत में होता है, पर जल व इलेक्ट्रोलाइट्स का अवशोषण बड़ी आँत में भी होता है। | | सभी पोषक तत्व रक्त द्वारा अवशोषित होते हैं। | फैटी एसिड्स व ग्लिसरॉल लसीका द्वारा अवशोषित होते हैं, अन्य पोषक तत्व रक्त में जाते हैं। | | लार में प्रोटीन व वसा पचाने वाले एंजाइम होते हैं। | लार में केवल स्टार्च पचाने वाला एंजाइम (टायलिन) होता है, प्रोटीन व वसा के लिए नहीं। |


📝 RBSE परीक्षा प्रश्न (RBSE Exam Questions)

1 मार्क (1 Mark)

  1. पित्त रस कहाँ बनता है?

Where is bile juice produced?

उत्तर: यकृत (Liver)

  1. मुख में कौन-सा एंजाइम पाचन में सहायक है?

Which enzyme aids digestion in the mouth?

उत्तर: टायलिन (Salivary amylase)

  1. आमाशय में कौन-सा एंजाइम प्रोटीन को पचाता है?

Which enzyme digests protein in the stomach?

उत्तर: पेप्सिन (Pepsin)

  1. छोटी आँत की भीतरी सतह पर उपस्थित संरचनाएँ क्या कहलाती हैं?

What are the finger-like projections on the inner wall of small intestine called?

उत्तर: विलि (Villi)

  1. मलोत्सर्जन की प्रक्रिया को अंग्रेजी में क्या कहते हैं?

What is the process of egestion called in English?

उत्तर: Defecation


2 मार्क (2 Mark)

  1. पित्त रस की दो मुख्य भूमिकाएँ लिखिए।

Write two main functions of bile juice.

उत्तर: (i) वसा का इमल्सिफिकेशन (ii) अम्लीय काइम को क्षारीय बनाना

  1. पैंक्रियाटिक रस में कौन-कौन से एंजाइम होते हैं?

Name the enzymes present in pancreatic juice.

उत्तर: ट्रिप्सिन, काइमोट्रिप्सिन, पैंक्रियाटिक अमाइलेज, पैंक्रियाटिक लिपेज, न्यूक्लिएस

  1. मुख में पाचन की प्रक्रिया समझाइए।

Explain the process of digestion in mouth.

उत्तर: भोजन दाँतों द्वारा चबाया जाता है; लार के टायलिन एंजाइम द्वारा स्टार्च का आंशिक पाचन होता है।

  1. विलि का क्या कार्य है?

What is the function of villi?

उत्तर: छोटी आँत की सतह को बढ़ाकर पोषक तत्वों के अवशोषण को सक्षम बनाना।


5 मार्क (5 Mark)

  1. मानव पाचन तंत्र का चित्र बनाकर विभिन्न भागों का वर्णन कीजिए।

Draw a diagram of human digestive system and describe its various parts.

उत्तर: (चित्र बनाएं: मुख, ग्रसनी, ग्रासनली, आमाशय, छोटी आँत, बड़ी आँत, मलाशय, सहायक अंग – लार ग्रंथियाँ, यकृत, अग्न्याशय)

  • मुख: भोजन का चबाना, लार द्वारा स्टार्च का पाचन
  • ग्रसनी एवं ग्रासनली: भोजन को आमाशय तक ले जाना
  • आमाशय: प्रोटीन का पाचन, भोजन का भंडारण
  • छोटी आँत: मुख्य पाचन एवं अवशोषण
  • बड़ी आँत: जल का अवशोषण, मल निर्माण
  • सहायक अंग: लार ग्रंथियाँ (लार), यकृत (पित्त), अग्न्याशय (पैंक्रियाटिक रस)
  1. छोटी आँत में पाचन एवं अवशोषण की प्रक्रिया विस्तार से लिखिए।

Describe the process of digestion and absorption in the small intestine in detail.

उत्तर: छोटी आँत में पित्त, पैंक्रियाटिक रस व आंत्र रस की सहायता से वसा, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट का पूर्ण पाचन होता है। विलि के जरिये मोनोसैकराइड्स, अमीनो अम्ल, फैटी एसिड्स, ग्लिसरॉल आदि का अवशोषण रक्त व लसीका में होता है।

  1. पाचन तंत्र के नियंत्रण में हार्मोन की भूमिका स्पष्ट कीजिए।

Explain the role of hormones in regulation of digestive system.

उत्तर:

  • गैस्ट्रिन: आमाशय में HCl व पेप्सिनोजेन के स्राव को बढ़ाता है।
  • सीक्रेटिन: अग्न्याशय को क्षारीय रस स्रावित करने हेतु प्रेरित करता है।
  • कोलेसिस्टोकाइनिन (CCK): पित्ताशय से पित्त का स्राव व अग्न्याशय से एंजाइम स्राव को बढ़ाता है।

हार्मोन भोजन की उपस्थिति के अनुसार पाचक रसों के स्राव को नियंत्रित करते हैं।


नोट:

यह अध्ययन-सामग्री बोर्ड परीक्षा के लिए पूर्ण, विस्तृत व द्विभाषीय (NCERT-स्तर) है। चित्रों, तालिकाओं व उदाहरणों की सहायता से विषय को समझना सरल बनाया गया है। (This study material is complete, detailed, and bilingual, suitable for board exam preparation, with diagrams, tables, and examples for better understanding.)

मुख्य बिंदु (Key Points)

  • पाचन वह प्रक्रिया है जिसमें जटिल भोजन को सरल एवं अवशोषणीय रूपों में तोड़ा जाता है।
  • मानव पाचन तंत्र में आहार नाल एवं सहायक ग्रंथियाँ सम्मिलित होती हैं।
  • आहार नाल में मुख, ग्रसिका, ग्रासनली, आमाशय, छोटी आंत एवं बड़ी आंत शामिल हैं।
  • लार ग्रंथियाँ लार स्रावित करती हैं जिसमें ऐमाइलेज एन्जाइम होता है, जो मुख में स्टार्च के पाचन की शुरुआत करता है।
  • आमाशय गैस्ट्रिक जूस स्रावित करता है जिसमें पेप्सिन एन्जाइम होता है, जो प्रोटीन को पेप्टोन में बदलता है।
  • यकृत से निकलने वाला पित्त वसा का इमल्सीकरण करता है, जिससे छोटी आंत में वसा का पाचन आसान होता है।
  • अग्न्याशय का रस ट्रिप्सिन, ऐमाइलेज एवं लाइपेज जैसे एन्जाइम्स युक्त होता है, जो प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट एवं वसा का पाचन करते हैं।
  • भोजन का अंतिम पाचन मुख्यतः छोटी आंत में आंत्र रस की सहायता से होता है।
  • अवशोषण वह प्रक्रिया है जिसमें पचा हुआ भोजन आंत की दीवार से होकर रक्त एवं लसीका में प्रवेश करता है।
  • पोषक तत्वों का अधिकांश अवशोषण छोटी आंत में, विशेषकर जेजुनम एवं इलियम में होता है।
  • छोटी आंत की भीतरी सतह पर विल्ली एवं माइक्रोविल्ली होते हैं, जो अवशोषण हेतु सतह क्षेत्रफल को बढ़ाते हैं।
  • अपचित एवं अनवशोषित भोजन बड़ी आंत में जाता है, जहाँ जल का अवशोषण होता है एवं अपशिष्ट मल के रूप में बाहर निकलता है।

Key Points

  • Digestion is the process of breaking down complex food into simpler absorbable forms.
  • The human digestive system consists of the alimentary canal and associated glands.
  • The alimentary canal includes mouth, pharynx, oesophagus, stomach, small intestine, and large intestine.
  • Salivary glands secrete saliva containing amylase which begins the digestion of starch in the mouth.
  • The stomach secretes gastric juice containing pepsin, which digests proteins into peptones.
  • Bile from the liver emulsifies fats, aiding their digestion in the small intestine.
  • Pancreatic juice contains enzymes like trypsin, amylase, and lipase for digestion of proteins, carbohydrates, and fats.
  • The final digestion of food occurs mainly in the small intestine with the help of intestinal juices.
  • Absorption is the process by which digested food passes through the intestinal wall into the blood and lymph.
  • Most absorption of nutrients occurs in the small intestine, especially in the jejunum and ileum.
  • The inner surface of the small intestine has villi and microvilli to increase surface area for absorption.
  • Undigested and unabsorbed food passes into the large intestine, where water is absorbed and waste is eliminated as feces.

इंटरैक्टिव अभ्यास (MCQ)

पाचन तंत्र के किस भाग में मुख्य रूप से अवशोषण होता है?

लार में कौन सा एंजाइम उपस्थित होता है?

पेट में प्रोटीन के पाचन के लिए कौन सा एंजाइम जिम्मेदार है?

कौन सा अंग पित्त का स्राव करता है?

छोटी आंत में अवशोषण के लिए सतह क्षेत्र को कौन सी संरचना बढ़ाती है?

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