परमाणु की संरचना
Structure of Atom
परमाणु की संरचना (Structure of Atom)
एक नज़र में: यह अध्याय परमाणु की खोज, उसकी संरचना, उपपरमाण्विक कणों, विभिन्न परमाणु मॉडल, तथा आधुनिक परमाणु सिद्धांतों का अध्ययन करता है। इसमें इलेक्ट्रॉनों की व्यवस्था, क्वांटम संख्याएँ, और आवर्त सारणी में परमाणुओं की स्थिति का विश्लेषण किया गया है।
In short: This chapter covers the discovery and structure of the atom, subatomic particles, various atomic models, modern atomic theories, arrangement of electrons, quantum numbers, and atomic placement in the periodic table.
📌 अध्याय का परिचय (Introduction)
रसायन विज्ञान में परमाणु (Atom) वह सूक्ष्मतम कण है, जो किसी तत्व के रासायनिक गुणों को दर्शाता है। प्रारंभ में परमाणु को अविभाज्य माना गया, परंतु अनुसंधान के पश्चात् यह ज्ञात हुआ कि परमाणु भी और छोटे कणों - इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन - से मिलकर बना है। इस अध्याय में हम परमाणु के इन कणों की खोज, उनकी विशेषताएँ, परमाणु संरचना के मॉडल, तथा इलेक्ट्रॉनों की व्यवस्था का अध्ययन करेंगे।
In Chemistry, atom is the smallest particle that exhibits the chemical properties of an element. Initially, atoms were considered indivisible, but research revealed the existence of subatomic particles: electrons, protons, and neutrons. In this chapter, we study their discovery, properties, atomic models, and electron arrangement.
📖 1. उपपरमाण्विक कण (Subatomic Particles)
1.1 इलेक्ट्रॉन (Electron)
खोज (Discovery):
- खोजकर्ता: जे. जे. थॉमसन (J. J. Thomson, 1897)
- प्रयोग: कैथोड किरण नलिका प्रयोग (Cathode Ray Tube Experiment)
- निष्कर्ष:
- इलेक्ट्रॉन ऋणात्मक आवेशित कण है।
- द्रव्यमान (Mass): \(9.109 \times 10^{-31}\) kg
- आवेश (Charge): \(-1.602 \times 10^{-19}\) C
विशेषताएँ (Characteristics):
- परमाणु के बाहर स्थित रहते हैं (Located outside the nucleus)
- परमाणु के रासायनिक गुणों के लिए जिम्मेदार (Responsible for chemical properties)
1.2 प्रोटॉन (Proton)
खोज (Discovery):
- खोजकर्ता: अर्नेस्ट रदरफोर्ड (Ernest Rutherford, 1919)
- प्रयोग: हाइड्रोजन के आयनीकरण से
- निष्कर्ष:
- प्रोटॉन धनात्मक आवेशित कण है।
- द्रव्यमान: \(1.673 \times 10^{-27}\) kg
- आवेश: \(+1.602 \times 10^{-19}\) C
विशेषताएँ:
- नाभिक के अंदर स्थित (Located inside the nucleus)
- परमाणु की पहचान (Atomic number) निर्धारित करते हैं
Define the atomic number, Z
1.3 न्यूट्रॉन (Neutron)
खोज (Discovery):
- खोजकर्ता: जेम्स चैडविक (James Chadwick, 1932)
- निष्कर्ष:
- न्यूट्रॉन का कोई आवेश नहीं (No charge)
- द्रव्यमान: \(1.675 \times 10^{-27}\) kg (लगभग प्रोटॉन के बराबर)
विशेषताएँ:
- नाभिक में प्रोटॉन के साथ स्थित (Located in nucleus with protons)
- समस्थानिकता (Isotopy) का कारण (Responsible for isotopy)
सारणी: उपपरमाण्विक कणों की तुलना (Table: Comparison of Subatomic Particles)
| कण (Particle) | खोजकर्ता (Discoverer) | आवेश (Charge) | द्रव्यमान (Mass) | स्थिति (Location) | |---------------|----------------------|---------------|------------------|--------------------------| | इलेक्ट्रॉन | J.J. थॉमसन | \(-1\) | \(9.1 \times 10^{-31}\) kg | नाभिक के बाहर (Outside nucleus) | | प्रोटॉन | रदरफोर्ड | \(+1\) | \(1.67 \times 10^{-27}\) kg | नाभिक के अंदर (Inside nucleus) | | न्यूट्रॉन | चैडविक | 0 | \(1.67 \times 10^{-27}\) kg | नाभिक के अंदर (Inside nucleus) |
📖 2. परमाणु के मॉडल (Atomic Models)
2.1 डाल्टन का परमाणु सिद्धांत (Dalton's Atomic Theory)
मुख्य बिंदु (Main Points):
- तत्व सूक्ष्म, अविभाज्य परमाणुओं से बने हैं।
Elements are composed of small, indivisible atoms.
- सभी परमाणु एक तत्व के समान होते हैं।
Atoms of an element are identical.
- परमाणु न तो बनाए जा सकते हैं, न ही नष्ट किए जा सकते हैं।
Atoms can neither be created nor destroyed.
- यौगिकों का निर्माण विभिन्न तत्वों के परमाणुओं के निश्चित अनुपात में संयोजन से होता है।
Compounds are formed by combination of atoms in fixed ratios.
सीमाएँ (Limitations):
- उपपरमाण्विक कणों की खोज के बाद अद्वितीयता समाप्त।
- समस्थानिकों (Isotopes) और समभारिकों (Isobars) की खोज ने सिद्धांत को आंशिक रूप से गलत सिद्ध किया।
2.2 थॉमसन का प्लम पुडिंग मॉडल (Thomson’s Plum Pudding Model)
- परमाणु को धनात्मक "पुडिंग" के रूप में माना गया, जिसमें इलेक्ट्रॉन "प्लम" के रूप में प्रविष्ट हैं।
- निष्कर्ष: परमाणु का कुल आवेश शून्य होता है।
- सीमाएँ:
- नाभिक की व्याख्या नहीं करता।
- परमाणु की स्थिरता स्पष्ट नहीं कर सका।
2.3 रदरफोर्ड का परमाणु मॉडल (Rutherford’s Nuclear Model)
रदरफोर्ड का स्वर्ण पत्रक प्रयोग (Gold Foil Experiment)
प्रयोग:
- \(\alpha\)-कणों को पतले स्वर्ण पत्रक पर डाला गया।
- अधिकांश कण सीधे निकल गए, कुछ मुड़ गए, बहुत कम वापस लौटे (deflected and rebounded).
मुख्य निष्कर्ष (Main Conclusions):
- परमाणु का अधिकांश भाग रिक्त है (Most of the atom is empty).
- परमाणु का केंद्रक (nucleus) अत्यंत छोटा, घना और धनावेशित होता है (A small, dense, positively charged nucleus at the center).
- इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर घूमते हैं (Electrons revolve around the nucleus).
सीमाएँ (Limitations):
- इलेक्ट्रॉन की स्थिरता की व्याख्या नहीं करता (Did not explain stability of electron in orbit).
- क्लासिकल भौतिकी के अनुसार, इलेक्ट्रॉन ऊर्जा खोकर नाभिक में गिर जाना चाहिए था।
2.4 बोहर का परमाणु मॉडल (Bohr’s Atomic Model)
सिद्धांत (Postulates):
- इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर निश्चित ऊर्जा स्तरों (shells) में घूमते हैं।
Electrons revolve in fixed energy levels or orbits.
- प्रत्येक कक्षा की ऊर्जा निश्चित होती है (Each orbit has fixed energy).
- इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का उत्सर्जन/अवशोषण केवल एक कक्षा से दूसरी कक्षा में जाते समय करते हैं।
Electrons emit/absorb energy only when they jump between orbits.
बोहर की कक्षाएँ (Bohr’s Orbits):
- प्रथम कक्षा (n=1): K-शेल
- द्वितीय कक्षा (n=2): L-शेल
- तृतीय कक्षा (n=3): M-शेल
- आदि
मुख्य समीकरण (Key Equations):
(a) कक्षा की त्रिज्या (Radius of nth orbit): \[ r_n = n^2 \times 0.529 \ \text{Å} \] जहाँ \( n \) = कक्षा संख्या (principal quantum number)
(b) कक्षा की ऊर्जा (Energy of nth orbit): \[ E_n = -\frac{13.6}{n^2} \ \text{eV} \] (केवल हाइड्रोजन जैसे परमाणुओं के लिए)
उदाहरण (Example):
हाइड्रोजन के पहले कक्षा (n=1) की त्रिज्या ज्ञात कीजिए। (Find the radius of the first orbit (n=1) of hydrogen atom.)
हल (Solution): \[ r_1 = 1^2 \times 0.529 \ \text{Å} = 0.529 \ \text{Å} \]
सीमाएँ (Limitations of Bohr’s Model):
- बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणुओं के लिए सही नहीं।
- इलेक्ट्रॉन की तरंग प्रकृति की व्याख्या नहीं करता।
- हाइपरफाइन संरचना व स्पेक्ट्रा की व्याख्या नहीं कर सका।
📖 3. विद्युतचुंबकीय तरंगें एवं स्पेक्ट्रा (Electromagnetic Waves & Spectrum)
3.1 विद्युतचुंबकीय तरंगें (Electromagnetic Waves)
- विद्युतचुंबकीय विकिरण (EM radiation) ऊर्जा का एक रूप है, जो तरंग के रूप में चलता है।
- इसमें विद्युत एवं चुंबकीय क्षेत्र परस्पर लंबवत होते हैं।
महत्वपूर्ण संकल्पनाएँ (Key Concepts):
| गुण (Property) | प्रतीक (Symbol) | मात्रक (Unit) | |-------------------|-----------------|-----------------| | तरंगदैर्ध्य | \(\lambda\) | मीटर (m) | | आवृत्ति | \(v\) | हर्ट्ज (Hz) | | वेग | \(c\) | \(3 \times 10^8\) m/s | | ऊर्जा | \(E\) | जूल (J) |
संबंध (Relation): \[ c = \lambda v \]
3.2 ऊर्जा क्वांटा (Quantum of Energy)
- मैक्स प्लांक (Planck) ने बताया कि ऊर्जा हमेशा निश्चित मात्रा (क्वांटा) में ही उत्सर्जित या अवशोषित होती है।
Planck’s Equation: \[ E = h \nu \] जहाँ \( h \) = प्लांक स्थिरांक (\(6.626 \times 10^{-34}\) J·s)
3.3 फोटोइलेक्ट्रिक प्रभाव (Photoelectric Effect)
- खोज: अल्बर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein)
- जब धातु की सतह पर उपयुक्त ऊर्जा की प्रकाश किरण डाली जाती है, तो इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं।
समीकरण: \[ E = h\nu - W \] जहाँ \( W \) = कार्य फलन (work function)
3.4 हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम (Hydrogen Spectrum)
- हाइड्रोजन परमाणु के स्पेक्ट्रम में कई वर्णक्रमीय रेखाएँ होती हैं।
- बाल्मर, लाइमन, पास्चन, ब्रैकेट, फंड आदि श्रंखलाएँ।
बाल्मर श्रंखला (Balmer Series): दृश्य क्षेत्र में (Visible region): \[ \frac{1}{\lambda} = R \left( \frac{1}{2^2} - \frac{1}{n^2} \right), \ n = 3,4,5... \] जहाँ \( R \) = राइडबर्ग स्थिरांक (\(1.097 \times 10^7\) m\(^{-1}\))
📖 4. दे ब्रॉयली सिद्धांत (de Broglie’s Theory)
- लुई दे ब्रॉयली ने प्रस्तावित किया कि प्रत्येक गतिशील कण में तरंग गुण होते हैं।
समीकरण (Equation): \[ \lambda = \frac{h}{mv} \] जहाँ \( m \) = द्रव्यमान, \( v \) = वेग
उदाहरण (Example):
1 ग्राम की गेंद (Ball) को 1 m/s वेग से चलाने पर उसकी दे ब्रॉयली तरंगदैर्ध्य ज्ञात करें।
हल (Solution): \[ \lambda = \frac{6.626 \times 10^{-34}}{0.001 \times 1} = 6.626 \times 10^{-31} \ \text{m} \] (बहुत छोटी, इसलिए केवल सूक्ष्म कणों के लिए ही महत्वपूर्ण)
📖 5. हाइजेनबर्ग अनिश्चितता सिद्धांत (Heisenberg’s Uncertainty Principle)
- किसी कण की स्थिति (position) और संवेग (momentum) को एक साथ ठीक-ठीक ज्ञात नहीं किया जा सकता।
समीकरण (Equation): \[ \Delta x \cdot \Delta p \geq \frac{h}{4\pi} \] जहाँ \(\Delta x\) = स्थिति में अनिश्चितता \(\Delta p\) = संवेग में अनिश्चितता
📖 6. क्वांटम संख्याएँ (Quantum Numbers)
6.1 प्रमुख क्वांटम संख्याएँ (Principal Quantum Numbers)
- प्रधान क्वांटम संख्या (Principal quantum number, \( n \))
- कक्षा (Shell) को दर्शाता है।
- मान: 1, 2, 3, 4, ...
- कोणीय संवेग क्वांटम संख्या (Azimuthal quantum number, \( l \))
- उपकक्षा (Sub-shell) दर्शाता है।
- मान: 0 से \( n-1 \) तक
| \( l \) | उपकक्षा (Subshell) | |---------|---------------------| | 0 | s | | 1 | p | | 2 | d | | 3 | f |
- चुंबकीय क्वांटम संख्या (Magnetic quantum number, \( m \))
- उपकक्षा के अभिविन्यास को दर्शाता है।
- मान: \(-l\) से \(+l\) तक
- स्पिन क्वांटम संख्या (Spin quantum number, \( s \))
- इलेक्ट्रॉन के घूर्णन (spin) को दर्शाता है।
- मान: \(+\frac{1}{2}\) या \(-\frac{1}{2}\)
📖 7. ऑर्बिटल्स (Atomic Orbitals)
- s ऑर्बिटल: गोलाकार, एक ही सम्भव स्थिति (one orientation)
- p ऑर्बिटल: डम्बल आकार, तीन सम्भव स्थितियाँ (\(p_x, p_y, p_z\))
- d ऑर्बिटल: पाँच सम्भव स्थितियाँ
एक कक्षा में अधिकतम इलेक्ट्रॉनों की संख्या: \[ 2n^2 \]
📖 8. इलेक्ट्रॉन विन्यास (Electronic Configuration)
8.1 ऑफबाउ सिद्धांत (Aufbau Principle)
- इलेक्ट्रॉन सबसे निम्न ऊर्जा स्तर से भरना शुरू करते हैं।
- ऊर्जा स्तर:
\(1s < 2s < 2p < 3s < 3p < 4s < 3d < 4p < 5s < 4d < ...\)
8.2 पाउली अपवर्जन सिद्धांत (Pauli’s Exclusion Principle)
- किसी एक ऑर्बिटल में दो इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं, परंतु उनकी चारों क्वांटम संख्याएँ भिन्न होंगी।
8.3 हुंड का अधिकतम गुणनत्व नियम (Hund’s Rule of Maximum Multiplicity)
- समान ऊर्जा के ऑर्बिटल्स (degenerate orbitals) में इलेक्ट्रॉन पहले अकेले भरते हैं, फिर जोड़ी बनती है।
8.4 उदाहरण (Examples)
ऑक्सीजन (O, Z=8) का इलेक्ट्रॉन विन्यास लिखिए। (Write the electronic configuration of Oxygen.)
हल (Solution): \[ 1s^2\,2s^2\,2p^4 \]
📖 9. समस्थानिक, समभारिक एवं समावयवी (Isotopes, Isobars, Isoelectronic Species)
9.1 समस्थानिक (Isotopes)
- एक ही तत्व के वे परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान परंतु द्रव्यमान संख्या भिन्न हो।
- उदाहरण:
हाइड्रोजन के समस्थानिक:
- प्रोटियम (\( ^1_1H \)), ड्यूटेरियम (\( ^2_1H \)), ट्रिटियम (\( ^3_1H \))
9.2 समभारिक (Isobars)
- भिन्न-भिन्न तत्वों के वे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या समान होती है।
- उदाहरण:
\( ^{40}_{18}Ar \) और \( ^{40}_{20}Ca \)
9.3 समावयवी (Isoelectronic Species)
- वे कण जिनमें इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है।
- उदाहरण:
\( O^{2-} \), \( F^- \), \( Na^+ \), \( Mg^{2+} \) (सभी में 10 इलेक्ट्रॉन)
📖 10. परमाणु द्रव्यमान एवं परमाणु संख्या (Atomic Mass and Atomic Number)
10.1 परमाणु संख्या (Atomic Number, Z)
- नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या।
- किसी तत्व की पहचान के लिए अद्वितीय (Unique for each element).
10.2 द्रव्यमान संख्या (Mass Number, A)
- नाभिक में प्रोटॉन + न्यूट्रॉन की कुल संख्या।
\[ A = Z + N \] जहाँ \( N \) = न्यूट्रॉन की संख्या
10.3 परमाणु द्रव्यमान इकाई (Atomic Mass Unit, amu)
- 1 amu = \( \frac{1}{12} \) कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान के बराबर।
- 1 amu = \(1.66 \times 10^{-27}\) kg
उदाहरण (Example):
क्लोरीन (Cl) के दो समस्थानिक हैं: \(^{35}Cl\) (75.77%), \(^{37}Cl\) (24.23%)। औसत परमाणु द्रव्यमान ज्ञात करें।
हल (Solution): \[ \text{Average mass} = \frac{(35 \times 75.77) + (37 \times 24.23)}{100} = 35.484 \ amu \]
🧠 महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points)
- परमाणु के उपपरमाण्विक कण: इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन।
- इलेक्ट्रॉन ऋणात्मक, प्रोटॉन धनात्मक, न्यूट्रॉन आवेश रहित।
- परमाणु के केंद्र में नाभिक स्थित होता है।
- रदरफोर्ड मॉडल ने नाभिक की खोज की।
- बोहर मॉडल केवल एक इलेक्ट्रॉन वाले परमाणुओं के लिए उपयुक्त है।
- क्वांटम संख्याएँ इलेक्ट्रॉन की स्थिति एवं ऊर्जा को परिभाषित करती हैं।
- एक कक्षा में अधिकतम \(2n^2\) इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं।
- समस्थानिक, समभारिक, समावयवी में अंतर समझना आवश्यक है।
- इलेक्ट्रॉन विन्यास ऑफबाउ, पाउली, और हुंड के नियमों का पालन करता है।
- हाइड्रोजन का स्पेक्ट्रम, स्पेक्ट्रोस्कोपी में महत्वपूर्ण है।
- दे ब्रॉयली के अनुसार, प्रत्येक कण में तरंग गुण पाए जाते हैं।
- हाइजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धांत: सटीक स्थिति व संवेग एक साथ ज्ञात नहीं हो सकते।
⚠️ सामान्य गलतियाँ (Common Mistakes)
| क्रमांक | गलती (Mistake) | सही तरीका (Correct Approach) | |--------|----------------|------------------------------| | 1 | इलेक्ट्रॉन को नाभिक में समझना | इलेक्ट्रॉन नाभिक के बाहर रहते हैं। (Electrons are outside the nucleus) | | 2 | समस्थानिक एवं समभारिक में भ्रम | समस्थानिक: समान Z, अलग A; समभारिक: समान A, अलग Z | | 3 | बोहर मॉडल का सभी तत्वों पर लागू करना | यह केवल एक इलेक्ट्रॉन वाले परमाणुओं पर लागू है। (Only for hydrogen-like atoms) | | 4 | इलेक्ट्रॉन विन्यास में क्रम गलत लिखना | ऑफबाउ नियम के अनुसार लिखें। (Use Aufbau order) | | 5 | क्वांटम संख्याओं के मान गलत लेना | सही सीमा और अनुक्रम याद रखें। (Remember correct range and order) | | 6 | d-ऑर्बिटल में इलेक्ट्रॉन की अधिकतम संख्या 8 मानना | d-ऑर्बिटल में अधिकतम 10 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं। (Maximum 10 electrons in d-orbital) | | 7 | 1 amu का मान गलत लेना | 1 amu = \(1.66 \times 10^{-27}\) kg | | 8 | दे ब्रॉयली समीकरण में इकाइयों की गड़बड़ी | सभी मात्रक SI में रखें। (Use SI units) | | 9 | हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम में n की सीमा गलत लेना | बाल्मर में n=3, 4, 5... (n > 2) | | 10 | न्यूट्रॉन की खोज रदरफोर्ड को मानना | न्यूट्रॉन की खोज चैडविक ने की। (Chadwick discovered neutron) |
📝 RBSE परीक्षा प्रश्न (RBSE Exam Questions)
1-Mark Questions
- परमाणु संख्या किसे कहते हैं?
Define atomic number.
- प्रोटॉन की खोज किसने की थी?
Who discovered proton?
- 1 amu का मान लिखिए।
Write the value of 1 amu.
- बोहर मॉडल किस परमाणु के लिए उपयुक्त है?
Bohr model is suitable for which type of atom?
- हाइजेनबर्ग अनिश्चितता सिद्धांत का समीकरण लिखिए।
Write the equation of Heisenberg uncertainty principle.
2-Mark Questions
- समस्थानिक एवं समभारिक में अंतर स्पष्ट कीजिए।
Differentiate between isotopes and isobars.
- ऑफबाउ सिद्धांत क्या है? समझाइए।
What is Aufbau principle? Explain.
- रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की दो सीमाएँ लिखिए।
Write two limitations of Rutherford’s atomic model.
- दे ब्रॉयली समीकरण क्या है?
What is de Broglie equation?
- हाइड्रोजन के बाल्मर श्रंखला की समीकरण लिखिए।
Write the equation for Balmer series of hydrogen.
5-Mark Questions
- रदरफोर्ड के स्वर्ण पत्रक प्रयोग का वर्णन कीजिए एवं परमाणु संरचना पर इसके निष्कर्ष लिखिए।
Describe Rutherford’s gold foil experiment and its conclusions about atomic structure.
- बोहर के परमाणु मॉडल के मुख्य सूत्रों को समझाइए एवं इसकी सीमाएँ लिखिए।
Explain the main postulates of Bohr’s atomic model and its limitations.
- क्वांटम संख्याओं के प्रकारों की व्याख्या कीजिए एवं उनके महत्व को स्पष्ट कीजिए।
Describe the types of quantum numbers and explain their significance.
- हाइड्रोजन परमाणु के स्पेक्ट्रम की विभिन्न श्रंखलाओं का वर्णन कीजिए।
Describe various series of hydrogen atom spectrum.
- निम्नलिखित के लिए इलेक्ट्रॉन विन्यास लिखिए: (a) Na (Z=11) (b) Cl (Z=17) (c) Fe (Z=26)
Write electronic configurations for Na, Cl, Fe.
नोट: उपरोक्त बिंदुओं को विस्तार से, चित्रों एवं उदाहरणों सहित पढ़ें, और बोर्ड परीक्षा में उत्तर लिखते समय प्रमुख सूत्र, परिभाषाएँ, तथा सारणी का प्रयोग करें।
Study the above points thoroughly with diagrams and examples. Use key formulas, definitions, and tables in your board exam answers.
मुख्य बिंदु (Key Points)
- परमाणु किसी तत्व का सबसे छोटा कण है, जो उसकी रासायनिक विशेषताओं को बनाए रखता है।
- डाल्टन का परमाणु सिद्धांत कहता है कि परमाणु अविभाज्य और अविनाशी हैं।
- इलेक्ट्रॉन की खोज जे.जे. थॉमसन ने कैथोड किरण प्रयोग द्वारा की थी।
- प्रोटॉन की खोज ई. गोल्डस्टीन ने नलिका किरणों (एनोड किरणों) के प्रयोग से की थी।
- न्यूट्रॉन की खोज जेम्स चैडविक ने 1932 में की थी।
- रदरफोर्ड के अल्फा कण प्रकीर्णन प्रयोग से परमाणु नाभिक की खोज हुई।
- रदरफोर्ड के अनुसार, परमाणु में एक सघन, धनावेशित नाभिक होता है, जिसके चारों ओर इलेक्ट्रॉन घूमते हैं।
- बोर मॉडल के अनुसार, इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर निश्चित कक्षाओं (ऊर्जा स्तरों) में घूमते हैं।
- प्रत्येक कक्षा या शेल को n = 1, 2, 3... द्वारा तथा K, L, M... शेल के नाम से दर्शाया जाता है।
- परमाणु क्रमांक (Z) परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या है।
- द्रव्यमान संख्या (A) नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों और न्यूट्रॉनों की कुल संख्या है।
- समस्थानिक वे परमाणु हैं जिनका परमाणु क्रमांक समान होता है, परंतु द्रव्यमान संख्या भिन्न होती है।
- d ऑर्बिटल: पाँच सम्भव स्थितियाँ
- p ऑर्बिटल: डम्बल आकार, तीन सम्भव स्थितियाँ (\(p_x, p_y, p_z\))
- s ऑर्बिटल: गोलाकार, एक ही सम्भव स्थिति (one orientation)
- \(\alpha\)-कणों को पतले स्वर्ण पत्रक पर डाला गया।
- 1 amu = \( \frac{1}{12} \) कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान के बराबर।
- अधिकांश कण सीधे निकल गए, कुछ मुड़ गए, बहुत कम वापस लौटे (deflected and rebounded).
- इलेक्ट्रॉन की तरंग प्रकृति की व्याख्या नहीं करता।
- इलेक्ट्रॉन की स्थिरता की व्याख्या नहीं करता (Did not explain stability of electron in orbit).
- इलेक्ट्रॉन सबसे निम्न ऊर्जा स्तर से भरना शुरू करते हैं।
- इसमें विद्युत एवं चुंबकीय क्षेत्र परस्पर लंबवत होते हैं।
- उपपरमाण्विक कणों की खोज के बाद अद्वितीयता समाप्त।
- एक ही तत्व के वे परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान परंतु द्रव्यमान संख्या भिन्न हो।
- किसी एक ऑर्बिटल में दो इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं, परंतु उनकी चारों क्वांटम संख्याएँ भिन्न होंगी।
- किसी कण की स्थिति (position) और संवेग (momentum) को एक साथ ठीक-ठीक ज्ञात नहीं किया जा सकता।
- किसी तत्व की पहचान के लिए अद्वितीय (Unique for each element).
- क्लासिकल भौतिकी के अनुसार, इलेक्ट्रॉन ऊर्जा खोकर नाभिक में गिर जाना चाहिए था।
- खोज: अल्बर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein)
- जब धातु की सतह पर उपयुक्त ऊर्जा की प्रकाश किरण डाली जाती है, तो इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं।
- नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या।
- नाभिक में प्रोटॉन + न्यूट्रॉन की कुल संख्या।
- निष्कर्ष: परमाणु का कुल आवेश शून्य होता है।
- परमाणु को धनात्मक "पुडिंग" के रूप में माना गया, जिसमें इलेक्ट्रॉन "प्लम" के रूप में प्रविष्ट हैं।
- बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणुओं के लिए सही नहीं।
- बाल्मर, लाइमन, पास्चन, ब्रैकेट, फंड आदि श्रंखलाएँ।
- भिन्न-भिन्न तत्वों के वे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या समान होती है।
- मैक्स प्लांक (Planck) ने बताया कि ऊर्जा हमेशा निश्चित मात्रा (क्वांटा) में ही उत्सर्जित या अवशोषित होती है।
- लुई दे ब्रॉयली ने प्रस्तावित किया कि प्रत्येक गतिशील कण में तरंग गुण होते हैं।
- विद्युतचुंबकीय विकिरण (EM radiation) ऊर्जा का एक रूप है, जो तरंग के रूप में चलता है।
- वे कण जिनमें इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है।
- समस्थानिकों (Isotopes) और समभारिकों (Isobars) की खोज ने सिद्धांत को आंशिक रूप से गलत सिद्ध किया।
- समान ऊर्जा के ऑर्बिटल्स (degenerate orbitals) में इलेक्ट्रॉन पहले अकेले भरते हैं, फिर जोड़ी बनती है।
- हाइड्रोजन परमाणु के स्पेक्ट्रम में कई वर्णक्रमीय रेखाएँ होती हैं।
- हाइपरफाइन संरचना व स्पेक्ट्रा की व्याख्या नहीं कर सका।
Key Points
- Atom is the smallest particle of an element that retains its chemical properties.
- Dalton’s atomic theory proposed that atoms are indivisible and indestructible.
- Discovery of electron was done by J.J. Thomson through cathode ray experiment.
- Proton was discovered by E. Goldstein using canal rays (anode rays).
- Neutron was discovered by James Chadwick in 1932.
- Rutherford’s alpha particle scattering experiment led to the discovery of atomic nucleus.
- According to Rutherford, atom consists of a dense, positively charged nucleus surrounded by electrons.
- Bohr’s model proposed that electrons revolve in fixed orbits (energy levels) around the nucleus.
- Each orbit or shell is denoted by n = 1, 2, 3... and called K, L, M... shells.
- Atomic number (Z) is the number of protons in the nucleus of an atom.
- Mass number (A) is the sum of protons and neutrons in the nucleus.
- Isotopes are atoms of the same element having same atomic number but different mass numbers.
- d ऑर्बिटल: पाँच सम्भव स्थितियाँ
- p ऑर्बिटल: डम्बल आकार, तीन सम्भव स्थितियाँ (\(p_x, p_y, p_z\))
- s ऑर्बिटल: गोलाकार, एक ही सम्भव स्थिति (one orientation)
- \(\alpha\)-कणों को पतले स्वर्ण पत्रक पर डाला गया।
- 1 amu = \( \frac{1}{12} \) कार्बन-12 परमाणु के द्रव्यमान के बराबर।
- अधिकांश कण सीधे निकल गए, कुछ मुड़ गए, बहुत कम वापस लौटे (deflected and rebounded).
- इलेक्ट्रॉन की तरंग प्रकृति की व्याख्या नहीं करता।
- इलेक्ट्रॉन की स्थिरता की व्याख्या नहीं करता (Did not explain stability of electron in orbit).
- इलेक्ट्रॉन सबसे निम्न ऊर्जा स्तर से भरना शुरू करते हैं।
- इसमें विद्युत एवं चुंबकीय क्षेत्र परस्पर लंबवत होते हैं।
- उपपरमाण्विक कणों की खोज के बाद अद्वितीयता समाप्त।
- एक ही तत्व के वे परमाणु जिनकी परमाणु संख्या समान परंतु द्रव्यमान संख्या भिन्न हो।
- किसी एक ऑर्बिटल में दो इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं, परंतु उनकी चारों क्वांटम संख्याएँ भिन्न होंगी।
- किसी कण की स्थिति (position) और संवेग (momentum) को एक साथ ठीक-ठीक ज्ञात नहीं किया जा सकता।
- किसी तत्व की पहचान के लिए अद्वितीय (Unique for each element).
- क्लासिकल भौतिकी के अनुसार, इलेक्ट्रॉन ऊर्जा खोकर नाभिक में गिर जाना चाहिए था।
- खोज: अल्बर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein)
- जब धातु की सतह पर उपयुक्त ऊर्जा की प्रकाश किरण डाली जाती है, तो इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं।
- नाभिक में उपस्थित प्रोटॉनों की संख्या।
- नाभिक में प्रोटॉन + न्यूट्रॉन की कुल संख्या।
- निष्कर्ष: परमाणु का कुल आवेश शून्य होता है।
- परमाणु को धनात्मक "पुडिंग" के रूप में माना गया, जिसमें इलेक्ट्रॉन "प्लम" के रूप में प्रविष्ट हैं।
- बहु-इलेक्ट्रॉन परमाणुओं के लिए सही नहीं।
- बाल्मर, लाइमन, पास्चन, ब्रैकेट, फंड आदि श्रंखलाएँ।
- भिन्न-भिन्न तत्वों के वे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या समान होती है।
- मैक्स प्लांक (Planck) ने बताया कि ऊर्जा हमेशा निश्चित मात्रा (क्वांटा) में ही उत्सर्जित या अवशोषित होती है।
- लुई दे ब्रॉयली ने प्रस्तावित किया कि प्रत्येक गतिशील कण में तरंग गुण होते हैं।
- विद्युतचुंबकीय विकिरण (EM radiation) ऊर्जा का एक रूप है, जो तरंग के रूप में चलता है।
- वे कण जिनमें इलेक्ट्रॉनों की संख्या समान होती है।
- समस्थानिकों (Isotopes) और समभारिकों (Isobars) की खोज ने सिद्धांत को आंशिक रूप से गलत सिद्ध किया।
- समान ऊर्जा के ऑर्बिटल्स (degenerate orbitals) में इलेक्ट्रॉन पहले अकेले भरते हैं, फिर जोड़ी बनती है।
- हाइड्रोजन परमाणु के स्पेक्ट्रम में कई वर्णक्रमीय रेखाएँ होती हैं।
- हाइपरफाइन संरचना व स्पेक्ट्रा की व्याख्या नहीं कर सका।
इंटरैक्टिव अभ्यास (MCQ)
किस मॉडल को 'प्लम पुडिंग मॉडल' भी कहा जाता है?
न्यूट्रॉन पर आवेश क्या होता है?
इलेक्ट्रॉन की खोज किसने की थी?
कौन सा उपपरमाण्विक कण धनावेशित होता है?
परमाणु का नाभिक किन कणों से मिलकर बना होता है?
TopperApp के साथ और आगे बढ़ें
TopperApp Download करें — पढ़ाई आज से smart करो
RBSE & CBSE Class 6-12, plus REET, RAS & vacancy test series — सब Hindi और English में। Free start करो।