menu_bookRBSE · विज्ञान (Science) · अध्याय 13

ध्वनि

Sound

schedule~30 मिनट
Sound Lodge, Sound Heath - geograph.org.uk - 1202141
Image: Sound Lodge, Sound Heath - geograph.org.uk - 1202141 by Espresso Addict / Wikimedia Commons, source, CC BY-SA 2.0

ध्वनि (Sound)

एक नज़र में: ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है, जो कंपन करने वाले स्रोत से उत्पन्न होती है और माध्यम (जैसे- वायु, जल, ठोस) में यात्रा करती है। यह हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है, जिससे हम संवाद करते, संगीत सुनते और अपने परिवेश को समझते हैं। (Sound is a mechanical wave produced by vibrating objects and travels through a medium like air, water, or solids. It is an essential part of our lives, enabling communication, music, and environmental awareness.)

📌 अध्याय का परिचय

ध्वनि हमारे चारों ओर उपस्थित है — स्कूल की घंटी, पक्षियों का चहचहाना, दोस्तों की बातें, संगीत, वाहन आदि। हम ध्वनि के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते। यह अध्याय आपको ध्वनि के उत्पत्ति, संचरण, गुण, मापन, और इसके दैनिक जीवन में महत्व को समझाएगा। परीक्षा की दृष्टि से: यह अध्याय अति महत्वपूर्ण है; इससे प्रतिवर्ष 6–8 अंक के प्रश्न RBSE बोर्ड परीक्षाओं में पूछे जाते हैं। इसमें संकल्पना आधारित, सूत्रों पर, चित्र पर आधारित, तथा व्यावहारिक प्रश्न पूछे जाते हैं।

Sound is present all around us – school bell, birds chirping, friends talking, music, vehicles, etc. Imagine life without sound! This chapter will help you understand how sound is produced, transmitted, measured, and its importance in daily life. From an exam perspective, it is very important – 6–8 marks questions are asked every year by RBSE from this chapter, covering theory, formulas, diagrams, and practical applications.


📖 मुख्य विषय-वस्तु (Main Topics)

1. ध्वनि क्या है? (What is Sound?)

परिभाषा: ध्वनि एक प्रकार की यांत्रिक तरंग है, जो किसी वस्तु के कंपन (vibration) से उत्पन्न होती है और एक माध्यम (medium) से होकर यात्रा करती है।

Sound is a type of mechanical wave produced by the vibration of an object and travels through a medium.

  • कंपन (Vibration): किसी वस्तु का तेज़ी से आगे-पीछे या ऊपर-नीचे हिलना-डुलना।
  • आवश्यकता: ध्वनि के गमन हेतु माध्यम आवश्यक है।
  • निष्कर्ष: निर्वात (vacuum) में ध्वनि नहीं चल सकती।

उदाहरण:

  • गिटार की तार को बजाने पर वह कंपन करती है और ध्वनि उत्पन्न होती है।
  • घंटी को बजाने पर घंटी का धातु कंपन करता है और ध्वनि निकलती है।

Diagram: कंपन करते हुए ट्यूनिंग फोर्क (Tuning fork) का चित्रण

A diagram showing a vibrating tuning fork, with sound waves spreading out.


2. ध्वनि का उत्पत्ति (Production of Sound)

सभी ध्वनियाँ वस्तुओं के कंपन से उत्पन्न होती हैं।

All sounds are produced by the vibration of objects.

प्रयोग: कंपन और ध्वनि

  • एक रबर बैंड को खींचकर छोड़ें — वह कंपन करता है और ध्वनि निकलती है।
  • टेबल पर रखे स्टील के गिलास को चम्मच से मारें — कंपन और ध्वनि दोनों अनुभव करें।

महत्वपूर्ण: यदि कोई कंपन न हो, तो ध्वनि उत्पन्न नहीं होती। जब कंपन रुकते हैं, ध्वनि भी रुक जाती है।


3. ध्वनि का संचरण (Propagation of Sound)

माध्यम के बिना ध्वनि यात्रा नहीं कर सकती।

Sound cannot travel without a medium.

माध्यम (Medium)

  • ठोस (Solid): जैसे – मेज, दीवार
  • द्रव (Liquid): जैसे – जल
  • गैस (Gas): जैसे – वायु

प्रयोग:

घड़ी को कपड़े में लपेटकर मेज पर रखें, और कान को मेज से लगाएँ। आप ध्वनि सुन सकते हैं क्योंकि ध्वनि मेज में होकर गुज़रती है।

निर्वात में ध्वनि

  • यदि घंटी को कांच के जार में रखकर उसमें से वायु निकाल दें (निर्वात बनाएँ), तो घंटी बजाने पर उसकी ध्वनि बहुत मंद हो जाती है या सुनाई नहीं देती।
  • यह प्रमाणित करता है कि ध्वनि के लिए माध्यम आवश्यक है।

4. ध्वनि की प्रकृति (Nature of Sound)

ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है।

Sound is a mechanical wave.

यांत्रिक तरंगें (Mechanical Waves)

  • वे तरंगें जो ऊर्जा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती हैं, परंतु माध्यम के कण स्थायी रूप से स्थानांतरित नहीं होते।
  • ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal wave) है।

अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal Wave): ध्वनि की तरंगों में कण कंपन करते हैं, जिससे संपीड़न (compression) और विरलन (rarefaction) बनते हैं।

Diagram: ध्वनि की अनुदैर्ध्य तरंग — संपीड़न एवं विरलन

A diagram showing compressions and rarefactions in a longitudinal wave.


5. ध्वनि की गति (Speed of Sound)

परिभाषा: ध्वनि की गति वह दूरी है, जो ध्वनि एक सेकंड में तय करती है।

सूत्र: ध्वनि की गति (v) = दूरी (d) / समय (t)

Speed of sound (v) = Distance (d) / Time (t)

विभिन्न माध्यमों में ध्वनि की गति:

| माध्यम (Medium) | ध्वनि की गति (Speed in m/s at 20°C) | |------------------|-------------------------------------| | वायु (Air) | 343 | | जल (Water) | 1482 | | लोहा (Iron) | 5100 |

निष्कर्ष: ध्वनि की गति ठोस > द्रव > गैस

उदाहरण:

Q: यदि ध्वनि 2 सेकंड में 686 मीटर दूरी तय करती है, तो उसकी गति ज्ञात कीजिए।

If sound travels 686 m in 2 seconds, find its speed.

हल: v = d / t = 686 / 2 = 343 m/s


6. ध्वनि का परावर्तन (Reflection of Sound)

परिभाषा: जब ध्वनि की तरंगें किसी कठोर सतह (जैसे दीवार) से टकराकर वापस लौटती हैं, तो इसे ध्वनि का परावर्तन कहते हैं।

When sound waves strike a hard surface and bounce back, it is called reflection of sound.

गूंज (Echo)

  • जब परावर्तित ध्वनि हमारे कान में मूल ध्वनि के कम-से-कम 0.1 सेकंड बाद पहुँचती है, तो उसे गूंज कहते हैं।
  • गूंज सुनने के लिए परावर्तक सतह से दूरी कम-से-कम 17.2 मीटर होनी चाहिए (वायु में ध्वनि की गति 343 m/s मानकर)।

सूत्र: दूरी = (ध्वनि की गति × समय)/2

Distance = (Speed of sound × Time)/2

उदाहरण:

Q: यदि गूंज सुनने के लिए आवश्यक समय 0.1 सेकंड है, तो परावर्तक सतह की न्यूनतम दूरी ज्ञात कीजिए।

If minimum time for echo is 0.1 s, find minimum distance.

हल: दूरी = (343 × 0.1) / 2 = 17.15 ≈ 17.2 मीटर


7. ध्वनि की विशेषताएँ (Characteristics of Sound)

(A) आवृत्ति (Frequency)

  • एक सेकंड में उत्पन्न कंपन की संख्या।
  • SI मात्रक: हर्ट्ज (Hz)
  • उच्च आवृत्ति = तीखी (ऊँची) ध्वनि,

निम्न आवृत्ति = भारी (गहरी) ध्वनि

(B) आयाम (Amplitude)

  • कंपन का अधिकतम विचलन।
  • आयाम जितना अधिक, ध्वनि उतनी तेज (Loud)।

(C) पिच (Pitch)

  • ध्वनि की तीक्ष्णता या मोटा-पन।
  • उच्च पिच = तीखी ध्वनि (जैसे महिला की आवाज़)
  • निम्न पिच = भारी ध्वनि (जैसे पुरुष की आवाज़)

(D) गुणात्मकता (Quality or Timbre)

  • ध्वनि का वह गुण जिससे हम विभिन्न स्रोतों की ध्वनि में अंतर कर सकते हैं, भले ही उनकी आवृत्ति व आयाम समान हों।

Diagram: दो ध्वनियों की आवृत्ति व आयाम के साथ तरंग चित्र

A diagram showing two waveforms: one of higher amplitude, one of higher frequency.


8. मानव कान का कार्य (Working of Human Ear)

मानव कान की संरचना:

  1. बाह्य कर्ण (Outer ear): ध्वनि तरंगों को एकत्र करता है।
  2. कर्ण नली (Ear canal): ध्वनि को अंदर ले जाता है।
  3. कर्णपटह (Eardrum): ध्वनि से कंपन करता है।
  4. मध्य कर्ण (Middle ear): हड्डियाँ कंपन को बढ़ाती हैं।
  5. आंतरिक कर्ण (Inner ear): कंपन को तंत्रिका संकेत में बदलता है।

Diagram: मानव कान की संरचना

A labelled diagram of the human ear: outer ear, ear canal, eardrum, middle ear, inner ear.


9. ध्वनि का मापन (Measurement of Sound)

(A) ध्वनि की तीव्रता (Loudness)

  • ध्वनि की तीव्रता आयाम पर निर्भर करती है।
  • SI मात्रक: डेसिबल (dB)

| स्रोत | ध्वनि स्तर (dB) | |-------|---------------| | कानाफूसी (Whisper) | 30 | | सामान्य वार्ता (Normal speech) | 60 | | ट्रैफिक | 80 | | रॉकेट | 180 |

(B) तीव्रता की सीमा (Threshold)

  • 0 dB: सुनने की न्यूनतम सीमा
  • 120 dB से ऊपर: कान के लिए हानिकारक

10. ध्वनि और स्वास्थ्य (Sound and Health)

  • अधिक तीव्रता की ध्वनि (Noise Pollution) से श्रवण शक्ति कम हो सकती है।
  • अधिक शोर (Noise) से रक्तचाप, तनाव, नींद में बाधा आदि समस्याएँ हो सकती हैं।

शोर और संगीत में अंतर

| शोर (Noise) | संगीत (Music) | |------------------|---------------------| | अनियमित, अप्रिय | नियमित, मधुर | | कष्टदायक | सुखदायक |


11. ध्वनि के अनुप्रयोग (Applications of Sound)

  • ईकोलोकेशन (Echolocation): चमगादड़, डॉल्फिन द्वारा ध्वनि तरंगों से रास्ता ढूंढना।
  • सोनार (SONAR): जल के नीचे वस्तुओं का पता लगाने हेतु।
  • अल्ट्रासाउंड: चिकित्सा में आंतरिक अंगों की जाँच के लिए।

12. श्रव्य और अश्रव्य ध्वनि (Audible and Inaudible Sound)

  • श्रव्य (Audible): 20 Hz से 20,000 Hz — मनुष्य सुन सकता है।
  • अश्रव्य (Inaudible):
  • < 20 Hz (Infrasonic): हाथी, कुछ जानवर उपयोग करते हैं
  • > 20,000 Hz (Ultrasonic): चमगादड़, डॉल्फिन, चिकित्सा में

13. ध्वनि प्रदूषण (Noise Pollution)

परिभाषा: अत्यधिक, अनचाही, अप्रिय ध्वनि को ध्वनि प्रदूषण कहते हैं।

कारण: वाहनों का शोर, लाउडस्पीकर, मशीनें, पटाखे, आदि।

निवारण:

  • साइलेंसर का प्रयोग
  • वृक्षारोपण
  • सार्वजनिक स्थानों पर शोर नियंत्रण

14. सूत्रवार संक्षिप्तियाँ (Formulas at a Glance)

  1. ध्वनि की गति:

v = d / t

Speed = Distance / Time

  1. आवृत्ति:

f = n / t

Frequency = Number of vibrations / Time

  1. गूंज हेतु दूरी:

d = (v × t) / 2


15. हल किए गए उदाहरण (Solved Examples)

उदाहरण 1:

Q: एक बच्चा 2 सेकंड में 100 कंपन करता है। उसकी आवृत्ति ज्ञात करें।

A child makes 100 vibrations in 2 seconds. Find the frequency.

हल: f = n / t = 100 / 2 = 50 Hz


उदाहरण 2:

Q: यदि किसी तालाब में ध्वनि की गति 1400 m/s है, तो 2 सेकंड में ध्वनि कितनी दूरी तय करेगी?

If speed of sound in water is 1400 m/s, how much distance will sound travel in 2 seconds?

हल: दूरी = v × t = 1400 × 2 = 2800 m


उदाहरण 3:

Q: एक गूंज सुनने के लिए परावर्तक सतह से न्यूनतम दूरी ज्ञात करें, यदि वायु में ध्वनि की गति 340 m/s है।

Find minimum distance for echo if speed of sound in air is 340 m/s.

हल: दूरी = (340 × 0.1) / 2 = 17 m


उदाहरण 4:

Q: यदि ध्वनि का आयाम दोगुना कर दिया जाए, तो उसकी तीव्रता कितनी बढ़ेगी?

If amplitude of sound is doubled, by how much does its loudness increase?

हल: ध्वनि की तीव्रता आयाम के वर्ग के अनुपाती होती है। यदि आयाम दोगुना, तो तीव्रता 2² = 4 गुना बढ़ेगी।


उदाहरण 5:

Q: यदि एक व्यक्ति 20 m दूर दीवार से चिल्लाता है, तो गूंज सुनने के लिए क्या यह दूरी पर्याप्त है? (वायु में ध्वनि की गति 340 m/s)

If a person shouts 20 m away from a wall, will he hear an echo?

हल: परावर्तन दूरी = (340 × 0.1)/2 = 17 m 20 m > 17 m, अतः वह गूंज सुन सकता है।


🧠 महत्वपूर्ण बिंदु (Key Points)

  1. ध्वनि कंपन से उत्पन्न होती है।

Sound is produced by vibration.

  1. ध्वनि को गमन हेतु माध्यम आवश्यक है; निर्वात में ध्वनि नहीं चलती।

Sound needs a medium to travel; it cannot travel in vacuum.

  1. ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंग है, जिसमें संपीड़न और विरलन बनते हैं।

Sound is a longitudinal wave with compressions and rarefactions.

  1. वायु में ध्वनि की गति लगभग 343 m/s है।

Speed of sound in air is about 343 m/s.

  1. ध्वनि की गति ठोस > द्रव > गैस।

Speed of sound: solids > liquids > gases.

  1. मानव कान 20 Hz से 20,000 Hz तक ध्वनि सुन सकता है।

Human ear can hear sounds between 20 Hz and 20,000 Hz.

  1. गूंज सुनने के लिए परावर्तक सतह से न्यूनतम दूरी 17.2 मीटर होनी चाहिए।

Minimum distance for echo is 17.2 metres.

  1. ध्वनि की तीव्रता का मात्रक डेसिबल (dB) है।

Unit of loudness is decibel (dB).

  1. अत्यधिक शोर से श्रवण शक्ति को नुकसान हो सकता है।

Excessive noise can damage hearing.

  1. SONAR, अल्ट्रासाउंड, और ईकोलोकेशन ध्वनि के अनुप्रयोग हैं।

SONAR, ultrasound, echolocation are applications of sound.


⚠️ सामान्य गलतियाँ (Common Mistakes)

| क्रमांक | गलती (Mistake) | सही (Correct) | |--------|------------------------------------------------------------|----------------------------------------------------------| | 1 | ध्वनि निर्वात में भी चल सकती है। | ध्वनि निर्वात में यात्रा नहीं कर सकती। | | 2 | ध्वनि अनुप्रस्थ तरंग है। | ध्वनि अनुदैर्ध्य तरंग है। | | 3 | सभी ध्वनियाँ मनुष्य सुन सकता है। | केवल 20 Hz से 20,000 Hz तक की ध्वनि मनुष्य सुन सकता है। | | 4 | ध्वनि की गति द्रव में सबसे अधिक होती है। | ध्वनि की गति ठोस में सबसे अधिक होती है। | | 5 | ध्वनि का आयाम बढ़ाने से उसकी पिच बढ़ती है। | आयाम बढ़ाने से तीव्रता बढ़ती है, पिच नहीं। | | 6 | गूंज सुनने के लिए कोई भी दूरी पर्याप्त है। | न्यूनतम दूरी 17.2 मीटर होनी चाहिए। | | 7 | ध्वनि का मात्रक हर्ट्ज है। | ध्वनि की आवृत्ति का मात्रक हर्ट्ज; तीव्रता का डेसिबल। | | 8 | शोर और संगीत में कोई अंतर नहीं है। | शोर अनियमित, संगीत नियमित और मधुर होता है। | | 9 | सभी जानवर वही ध्वनि सुन सकते हैं, जो मनुष्य सुनता है। | अलग-अलग जानवरों की श्रवण सीमा भिन्न होती है। | | 10 | ध्वनि का परावर्तन केवल दीवार से होता है। | ध्वनि का परावर्तन किसी भी कठोर सतह से हो सकता है। |


📝 RBSE परीक्षा प्रश्न (RBSE Exam Questions)

1 अंक वाले प्रश्न (1-Mark Questions)

  1. ध्वनि की गति का SI मात्रक क्या है?

What is the SI unit of speed of sound?

उत्तर: मीटर प्रति सेकंड (m/s) (Metre per second)

  1. मानव कान किस सीमा तक की ध्वनि सुन सकता है?

What is the audible range for human ear?

उत्तर: 20 Hz से 20,000 Hz

  1. ध्वनि की तीव्रता का मात्रक क्या है?

What is the unit of loudness?

उत्तर: डेसिबल (dB)

  1. कंपन से उत्पन्न होने वाली तरंग किस प्रकार की होती है?

What type of wave is produced by vibration?

उत्तर: अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal wave)

  1. SONAR का पूर्ण रूप क्या है?

What is the full form of SONAR?

उत्तर: Sound Navigation and Ranging


2 अंक वाले प्रश्न (2-Mark Questions)

  1. ध्वनि के लिए माध्यम क्यों आवश्यक है?

Why is a medium necessary for sound?

उत्तर: ध्वनि यांत्रिक तरंग है, जो कंपन के द्वारा ऊर्जा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती है। इसके लिए माध्यम के कणों के बीच टक्कर आवश्यक है। निर्वात में कोई कण नहीं होते, अतः ध्वनि नहीं चल सकती।

Sound is a mechanical wave that transfers energy through vibration of particles. A medium is needed for these particles to vibrate and transfer sound. In vacuum, there are no particles, so sound cannot travel.

  1. आवृत्ति और पिच में क्या संबंध है?

What is the relation between frequency and pitch?

उत्तर: ध्वनि की आवृत्ति जितनी अधिक होगी, पिच उतनी अधिक होगी। उच्च आवृत्ति की ध्वनि तीखी सुनाई देती है, जबकि निम्न आवृत्ति की ध्वनि भारी लगती है।

Higher the frequency, higher the pitch. High frequency sounds are shrill, low frequency sounds are deep.

  1. गूंज (Echo) क्या है?

What is echo?

उत्तर: जब परावर्तित ध्वनि हमारे कान में मूल ध्वनि के 0.1 सेकंड या अधिक समय बाद पहुँचती है, तो उसे गूंज कहते हैं।

When the reflected sound is heard after 0.1 seconds or more from the original sound, it is called echo.

  1. शोर और संगीत में अंतर लिखिए।

Differentiate between noise and music.

उत्तर: शोर अनियमित, अप्रिय ध्वनि है, जबकि संगीत नियमित, मधुर ध्वनि है।

Noise is irregular, unpleasant sound; music is regular, pleasant sound.


5 अंक वाले प्रश्न (5-Mark Questions)

  1. मानव कान की संरचना व कार्य का वर्णन चित्र सहित कीजिए।

Describe the structure and working of human ear with diagram.

उत्तर: मानव कान तीन भागों में बँटा होता है:

  1. बाह्य कर्ण – ध्वनि एकत्र करता है।
  2. कर्ण नली – ध्वनि को कर्णपटह तक ले जाती है।
  3. कर्णपटह (Eardrum) – ध्वनि से कंपन करता है।
  4. मध्य कर्ण – तीन हड्डियाँ कंपन को बढ़ाती हैं।
  5. आंतरिक कर्ण – कंपन को तंत्रिका संकेत में बदलता है।

ध्वनि तरंगें बाह्य कर्ण द्वारा एकत्र होकर कर्णपटह तक पहुँचती हैं। कर्णपटह कंपन करता है, कंपन मध्य कर्ण की हड्डियों से होते हुए आंतरिक कर्ण तक जाते हैं, जहाँ ये तंत्रिका संकेत में बदलकर मस्तिष्क तक पहुँचते हैं।

चित्र: [मानव कान की संरचना – बाह्य कर्ण, कर्ण नली, कर्णपटह, मध्य कर्ण, आंतरिक कर्ण]

  1. ध्वनि के परावर्तन से संबंधित तीन अनुप्रयोग समझाइए।

Explain three applications of reflection of sound.

उत्तर:

  1. गूंज (Echo): बड़ी इमारतों, पहाड़ों आदि पर आवाज़ टकराकर लौटती है।
  2. SONAR: जल के भीतर वस्तुओं की स्थिति ज्ञात करने हेतु जहाजों में।
  3. अम्फीथिएटर: मंच से बोलने वाले की आवाज़ को सभी तक पहुँचाने के लिए दीवारें विशेष आकार की बनती हैं।
  1. ध्वनि प्रदूषण के कारण, प्रभाव एवं निवारण उपाय लिखिए।

Write causes, effects, and prevention of noise pollution.

उत्तर: कारण: वाहनों का शोर, लाउडस्पीकर, मशीनें, पटाखे आदि। प्रभाव: श्रवण शक्ति में कमी, तनाव, उच्च रक्तचाप, नींद में बाधा, एकाग्रता में कमी। निवारण: साइलेंसर का प्रयोग, वृक्षारोपण, ध्वनि अवरोधक दीवारें, सार्वजनिक स्थानों पर शोर नियंत्रण।

  1. ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम आवश्यक है – प्रयोग द्वारा स्पष्ट कीजिए।

Medium is necessary for propagation of sound – explain with experiment.

उत्तर: घंटी जार प्रयोग: एक बिजली की घंटी को कांच के जार में रखें और बजाएँ – ध्वनि सुनाई देती है। अब जार से वायु निकालें (निर्वात बनाएँ) – ध्वनि बहुत मंद हो जाती है या नहीं सुनाई देती। इसका अर्थ है, माध्यम (वायु) के बिना ध्वनि नहीं चल सकती।

  1. ध्वनि की विशेषताओं को समझाइए।

Explain the characteristics of sound.

उत्तर:

  1. आयाम (Amplitude): ध्वनि की तीव्रता निर्धारित करता है।
  2. आवृत्ति (Frequency): पिच निर्धारित करती है।
  3. पिच (Pitch): ध्वनि की तीक्ष्णता।
  4. गुणात्मकता (Quality): विभिन्न स्रोतों की ध्वनि में अंतर।

प्रत्येक विशेषता का जीवन में अलग महत्व है, जैसे – संगीत, संवाद, पहचान आदि।


समाप्त

End of Notes


नोट:

  • सभी चित्रों को NCERT/पाठ्यपुस्तक के अनुसार अभ्यास में बनाएँ।
  • प्रत्येक सूत्र, उदाहरण और अवधारणा का अभ्यास अवश्य करें।
  • बोर्ड परीक्षा में अधिक अंक प्राप्त करने के लिए 'महत्वपूर्ण बिंदु' और 'आम गलतियाँ' ध्यानपूर्वक पढ़ें।

Draw all diagrams as per textbook. Practice all formulas, examples, and concepts. For scoring well in Board Exams, focus on key points and common mistakes.

मुख्य बिंदु (Key Points)

  • ध्वनि ऊर्जा का एक रूप है जो तरंगों के रूप में यात्रा करती है।
  • ध्वनि का उत्पादन कंपन करने वाली वस्तुओं द्वारा होता है।
  • ध्वनि के संचरण के लिए ठोस, द्रव या गैस माध्यम आवश्यक होता है।
  • ध्वनि निर्वात (शून्य) में यात्रा नहीं कर सकती।
  • आवृत्ति की इकाई हर्ट्ज़ (Hz) है।
  • ध्वनि की आवृत्ति उसकी पिच (तान) निर्धारित करती है।
  • ध्वनि तरंग की आयाम उसकी तीव्रता (जोर) निर्धारित करता है।
  • वातावरणीय तापमान पर वायु में ध्वनि की गति लगभग 343 मीटर/सेकंड होती है।
  • मानव कान 20 हर्ट्ज़ से 20,000 हर्ट्ज़ तक की आवृत्ति की ध्वनियाँ सुन सकते हैं।
  • प्रतिध्वनि (Echo) ध्वनि का किसी सतह से परावर्तन है।
  • अल्ट्रासाउंड वे ध्वनि तरंगें हैं जिनकी आवृत्ति 20,000 हर्ट्ज़ से अधिक होती है।
  • ध्वनि की तीव्रता डेसिबल (dB) में मापी जाती है।

Key Points

  • Sound is a form of energy that travels in the form of waves.
  • Sound is produced by vibrating objects.
  • The medium required for sound to travel can be solid, liquid, or gas.
  • Sound cannot travel through a vacuum.
  • The unit of frequency is Hertz (Hz).
  • The frequency of sound determines its pitch.
  • Amplitude of sound wave determines its loudness.
  • The speed of sound in air is about 343 m/s at room temperature.
  • Human ears can hear sounds in the frequency range of 20 Hz to 20,000 Hz.
  • Echo is the reflection of sound from a surface.
  • Ultrasound refers to sound waves with frequency above 20,000 Hz.
  • Loudness is measured in decibels (dB).

इंटरैक्टिव अभ्यास (MCQ)

ध्वनि सबसे तेज किस माध्यम में यात्रा करती है?

निम्नलिखित में से कौन ध्वनि का संचरण नहीं कर सकता?

प्रति सेकंड कंपन की संख्या को क्या कहते हैं?

मानव शरीर का कौन सा भाग ध्वनि उत्पन्न करने में सहायक है?

डॉक्टर किस यंत्र से हृदय की धड़कन सुनते हैं?

महत्वपूर्ण विषयपरक प्रश्न

अति लघु उत्तरीय प्रश्न (1 अंक)

  1. ध्वनि की गति का SI मात्रक क्या है? 1 अंक नोट्स
  2. मानव कान किस सीमा तक की ध्वनि सुन सकता है? 1 अंक नोट्स
  3. ध्वनि की तीव्रता का मात्रक क्या है? 1 अंक नोट्स
  4. कंपन से उत्पन्न होने वाली तरंग किस प्रकार की होती है? 1 अंक नोट्स
  5. SONAR का पूर्ण रूप क्या है? 1 अंक नोट्स

लघु उत्तरीय प्रश्न

  1. ध्वनि के लिए माध्यम क्यों आवश्यक है? 2 अंक नोट्स
  2. आवृत्ति और पिच में क्या संबंध है? 2 अंक नोट्स
  3. गूंज (Echo) क्या है? 2 अंक नोट्स
  4. शोर और संगीत में अंतर लिखिए। 2 अंक नोट्स

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

  1. मानव कान की संरचना व कार्य का वर्णन चित्र सहित कीजिए। 5 अंक नोट्स
  2. बाह्य कर्ण – ध्वनि एकत्र करता है 5 अंक नोट्स
  3. कर्ण नली – ध्वनि को कर्णपटह तक ले जाती है 5 अंक नोट्स
  4. कर्णपटह (Eardrum) – ध्वनि से कंपन करता है 5 अंक नोट्स
  5. मध्य कर्ण – तीन हड्डियाँ कंपन को बढ़ाती हैं 5 अंक नोट्स
  6. आंतरिक कर्ण – कंपन को तंत्रिका संकेत में बदलता है। ध्वनि तरंगें बाह्य कर्ण द्वारा एकत्र होकर कर्णपटह तक पहुँचती हैं। कर्णपटह कंपन करता है, कंपन मध्य कर्ण की हड्डियों से होते हुए आंतरिक कर्ण तक जाते हैं, जहाँ ये तंत्रिका संकेत में बदलकर मस्तिष्क तक पहुँचते हैं। चित्र: [मानव कान की संरचना – बाह्य कर्ण, कर्ण नली, कर्णपटह, मध्य कर्ण, आंतरिक कर्ण] 5 अंक नोट्स
  7. ध्वनि के परावर्तन से संबंधित तीन अनुप्रयोग समझाइए। 5 अंक नोट्स
  8. गूंज (Echo): बड़ी इमारतों, पहाड़ों आदि पर आवाज़ टकराकर लौटती है 5 अंक नोट्स
  9. SONAR: जल के भीतर वस्तुओं की स्थिति ज्ञात करने हेतु जहाजों में 5 अंक नोट्स
  10. अम्फीथिएटर: मंच से बोलने वाले की आवाज़ को सभी तक पहुँचाने के लिए दीवारें विशेष आकार की बनती हैं 5 अंक नोट्स
  11. ध्वनि प्रदूषण के कारण, प्रभाव एवं निवारण उपाय लिखिए। 5 अंक नोट्स
  12. ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम आवश्यक है – प्रयोग द्वारा स्पष्ट कीजिए। 5 अंक नोट्स
  13. ध्वनि की विशेषताओं को समझाइए। 5 अंक नोट्स
  14. आयाम (Amplitude): ध्वनि की तीव्रता निर्धारित करता है 5 अंक नोट्स
  15. आवृत्ति (Frequency): पिच निर्धारित करती है 5 अंक नोट्स
  16. पिच (Pitch): ध्वनि की तीक्ष्णता 5 अंक नोट्स
  17. गुणात्मकता (Quality): विभिन्न स्रोतों की ध्वनि में अंतर। प्रत्येक विशेषता का जीवन में अलग महत्व है, जैसे – संगीत, संवाद, पहचान आदि 5 अंक नोट्स

उत्तर कुंजी (Answer Key)

प्रश्न 1 का उत्तर
मीटर प्रति सेकंड (m/s) (Metre per second)
प्रश्न 2 का उत्तर
20 Hz से 20,000 Hz
प्रश्न 3 का उत्तर
डेसिबल (dB)
प्रश्न 4 का उत्तर
अनुदैर्ध्य तरंग (Longitudinal wave)
प्रश्न 5 का उत्तर
Sound Navigation and Ranging
प्रश्न 6 का उत्तर
ध्वनि यांत्रिक तरंग है, जो कंपन के द्वारा ऊर्जा को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती है। इसके लिए माध्यम के कणों के बीच टक्कर आवश्यक है। निर्वात में कोई कण नहीं होते, अतः ध्वनि नहीं चल सकती। (Sound is a mechanical wave that transfers energy through vibration of particles. A medium is needed for these particles to vibrate and transfer sound. In vacuum, there are no particles, so sound cannot travel.)
प्रश्न 7 का उत्तर
ध्वनि की आवृत्ति जितनी अधिक होगी, पिच उतनी अधिक होगी। उच्च आवृत्ति की ध्वनि तीखी सुनाई देती है, जबकि निम्न आवृत्ति की ध्वनि भारी लगती है। (Higher the frequency, higher the pitch. High frequency sounds are shrill, low frequency sounds are deep.)
प्रश्न 8 का उत्तर
जब परावर्तित ध्वनि हमारे कान में मूल ध्वनि के 0.1 सेकंड या अधिक समय बाद पहुँचती है, तो उसे गूंज कहते हैं। (When the reflected sound is heard after 0.1 seconds or more from the original sound, it is called echo.)
प्रश्न 9 का उत्तर
शोर अनियमित, अप्रिय ध्वनि है, जबकि संगीत नियमित, मधुर ध्वनि है। (Noise is irregular, unpleasant sound; music is regular, pleasant sound.)
प्रश्न 10 का उत्तर
मानव कान तीन भागों में बँटा होता है:
प्रश्न 20 का उत्तर
कारण: वाहनों का शोर, लाउडस्पीकर, मशीनें, पटाखे आदि। प्रभाव: श्रवण शक्ति में कमी, तनाव, उच्च रक्तचाप, नींद में बाधा, एकाग्रता में कमी। निवारण: साइलेंसर का प्रयोग, वृक्षारोपण, ध्वनि अवरोधक दीवारें, सार्वजनिक स्थानों पर शोर नियंत्रण।
प्रश्न 21 का उत्तर
घंटी जार प्रयोग: एक बिजली की घंटी को कांच के जार में रखें और बजाएँ – ध्वनि सुनाई देती है। अब जार से वायु निकालें (निर्वात बनाएँ) – ध्वनि बहुत मंद हो जाती है या नहीं सुनाई देती। इसका अर्थ है, माध्यम (वायु) के बिना ध्वनि नहीं चल सकती।

App में अगला अध्याय / पूरा कोर्स

ध्वनि lock

ध्वनि (Sound) एक नज़र में: ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है, जो कंपन करने वाले स्रोत से उत्पन्न होती है और माध्यम (जैसे- वायु, जल, ठोस) में यात्रा करती है। यह हमारे…

schedule ~30 मिनट

smartphoneApp में पढ़ें

TopperApp के साथ और आगे बढ़ें

bolt BoosterNotes

परीक्षा से पहले तेज़ रिवीजन के लिए संक्षिप्त बूस्टर नोट्स।

खोलें

description 10 मॉडल पेपर

पूरे हल सहित 10 मॉडल पेपर — App में अभ्यास करें।

खोलें

smartphone TopperApp

पूरा कोर्स, वीडियो व टेस्ट सीरीज़ — मुफ्त शुरू करें।

खोलें

workspace_premium Premium

सभी विषय, सभी अध्याय — Premium के साथ।

खोलें

TopperApp Download करें — पढ़ाई आज से smart करो

RBSE & CBSE Class 6-12, plus REET, RAS & vacancy test series — सब Hindi और English में। Free start करो।

Get it onGoogle Play
Coming soon onApp Store
Ask NidhiDoubt? Tap karo